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आतंकी ने त्रिपुरा के पते पर लिया था मदरसे में दाखिला
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:12 AM IST
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कुटेसरा में अब्दुल्ला ने 265 दिन की थी पढ़ाई
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। कुटेसरा से पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला वेस्ट त्रिपुरा की आईडी पर मदरसे में दाखिला लिया था। कुटेसरा के धार्मिक स्थल में इमामत करने वाले अब्दुल्ला ने वर्ष 2011-12 में इसी गांव के मदरसे से तालीम हासिल की थी। मदरसे के अभिलेखों के मुताबिक आतंकी अब्दुल्ला ने मदरसे में 265 दिन रहकर अरबी की पढ़ाई की थी।
तीन दिन पूर्व पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला से लखनऊ में एटीएस की पूछताछ में वर्ष 2011 में कुटेसरा के मदरसा जामिल उलूम में पढ़ाई करने की बात सामने आई। मंगलवार को गांव कुटेसरा के मदरसे में तहकीकात की गई। वहां कार्यालय का तमाम कार्यभार संभालने वाले कारी अब्दुर्रहमान से अभिलेख देखकर अब्दुल्ला के पढ़ने की बात पर मुहर लगा दी। उन्होंने बताया कि उसने 17 सितंबर 2011 को मदरसे में अरबी चारूम का कोर्स करने के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन उसके कुछ साथियों के बीच में ही जाने के कारण उसने नौ जून 2012 को करीब साढ़े आठ महीने बाद मदरसा छोड़ दिया। बकौल मदरसा कारी प्रवेश के दौरान उससे तीन आईडी ली गई थी। जिसमें वेस्ट त्रिपुरा के रामचीरा जिले का बर्थ सर्टिफिकेट दाखिल किया था। आवेदन के वक्त उसने अपना पता भी यहीं का दर्शाया था। इसके अलावा बांग्ला भाषा में एक राशन कार्ड और रामचीरा के स्कूल की टीसी प्रस्तुत की थी। अभिलेखों के मुताबिक उसकी जन्मतिथि छह जनवरी 1990 है। उन्होंने बताया कि दाखिले के समय वह मदरसे में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कभी अब्दुल्ला को नहीं देखा। मदरसे के प्रबंधक हाफिज अय्यूब किसी कार्य से बाहर हैं, उन्हें ही पूरी जानकारी है। हाल में भी मस्जिद में इमामत करने के दौरान भी वह कभी मदरसे में नहीं आया। वर्तमान में इस मदरसे में फारसी के अलावा अरबी अव्वल और दोयम की तालीम दी जा रही है। जिसे हासिल करने के लिए सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिले के करीब 85 बच्चे मदरसे में रहते है।
कुटेसरा से भलीभांति वाफिक था आतंकी
चरथावल। कुटेसरा में करीब साढ़े आठ महीने पढ़ाई की बात सामने आने के बाद यह बात साफ हो गई कि वह इस इलाके के लिए नया नहीं था। सहारनपुर जिले के अंबेहटा शेख के बाद जिला बदलकर यहां से वह अपनी गतिविधियों को बखूबी अंजाम देता रहा। एटीएस के कुछ और खुलासे के बाद काफी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। कुटेसरा से पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला वेस्ट त्रिपुरा की आईडी पर मदरसे में दाखिला लिया था। कुटेसरा के धार्मिक स्थल में इमामत करने वाले अब्दुल्ला ने वर्ष 2011-12 में इसी गांव के मदरसे से तालीम हासिल की थी। मदरसे के अभिलेखों के मुताबिक आतंकी अब्दुल्ला ने मदरसे में 265 दिन रहकर अरबी की पढ़ाई की थी।
तीन दिन पूर्व पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला से लखनऊ में एटीएस की पूछताछ में वर्ष 2011 में कुटेसरा के मदरसा जामिल उलूम में पढ़ाई करने की बात सामने आई। मंगलवार को गांव कुटेसरा के मदरसे में तहकीकात की गई। वहां कार्यालय का तमाम कार्यभार संभालने वाले कारी अब्दुर्रहमान से अभिलेख देखकर अब्दुल्ला के पढ़ने की बात पर मुहर लगा दी। उन्होंने बताया कि उसने 17 सितंबर 2011 को मदरसे में अरबी चारूम का कोर्स करने के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन उसके कुछ साथियों के बीच में ही जाने के कारण उसने नौ जून 2012 को करीब साढ़े आठ महीने बाद मदरसा छोड़ दिया। बकौल मदरसा कारी प्रवेश के दौरान उससे तीन आईडी ली गई थी। जिसमें वेस्ट त्रिपुरा के रामचीरा जिले का बर्थ सर्टिफिकेट दाखिल किया था। आवेदन के वक्त उसने अपना पता भी यहीं का दर्शाया था। इसके अलावा बांग्ला भाषा में एक राशन कार्ड और रामचीरा के स्कूल की टीसी प्रस्तुत की थी। अभिलेखों के मुताबिक उसकी जन्मतिथि छह जनवरी 1990 है। उन्होंने बताया कि दाखिले के समय वह मदरसे में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कभी अब्दुल्ला को नहीं देखा। मदरसे के प्रबंधक हाफिज अय्यूब किसी कार्य से बाहर हैं, उन्हें ही पूरी जानकारी है। हाल में भी मस्जिद में इमामत करने के दौरान भी वह कभी मदरसे में नहीं आया। वर्तमान में इस मदरसे में फारसी के अलावा अरबी अव्वल और दोयम की तालीम दी जा रही है। जिसे हासिल करने के लिए सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिले के करीब 85 बच्चे मदरसे में रहते है।
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कुटेसरा से भलीभांति वाफिक था आतंकी
चरथावल। कुटेसरा में करीब साढ़े आठ महीने पढ़ाई की बात सामने आने के बाद यह बात साफ हो गई कि वह इस इलाके के लिए नया नहीं था। सहारनपुर जिले के अंबेहटा शेख के बाद जिला बदलकर यहां से वह अपनी गतिविधियों को बखूबी अंजाम देता रहा। एटीएस के कुछ और खुलासे के बाद काफी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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