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गुड़वर्क के लिए पुलिस का फर्जीवाड़ा
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:27 AM IST
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गुडवर्क के लिए पुलिस का फर्जीवाड़ा
मुजफ्फरनगर। बदमाशों को मुठभेड़ में मारने और पैर में गोली मारने के अभियान में जुटी पुलिस गुडवर्क के नाम पर फर्जीवाड़ा भी कर रही है। ऐसा ही एक कारनामा शामली पुलिस ने कर दिखाया है।
मंगलवार को शामली के झिंझाना में हुए एनकाउंटर के दौरान शामली पुलिस ने लोनी निवासी 12 हजार के इनामी बदमाश राजू को मार गिराया। शामली पुलिस ने राजू का जो आपराधिक रिकार्ड जारी किया है, उसमें मृतक बदमाश को मंसूरपुर के गांव पुरा में पड़ी डकैती की घटना में भी वांछित दिखा दिया, जबकि पुरा की डकैती में राजू वांछित था ही नहीं। मंसूरपुर पुलिस दो माह पहले इस वारदात में पकड़े गए चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा चुकी है। मंसूरपुर पुलिस खुद राजू के डकैती में वांछित होने से इंकार कर रही है। शामली पुलिस ने लोनी निवासी इनामी बदमाश राजू को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद प्रेस को उसका आपराधिक इतिहास जारी किया। जिसमें क्रम संख्या 10 पर राजू को मंसूरपुर थाने पर पुरा गांव की डकैती के संबंध में शामिल होना दर्शाया है। साथ ही शामली पुलिस की ओर से मीडिया को जो प्रेस नोट जारी किया गया, उसमें राजू को मंसूरपुर थाने में दर्ज उक्त अपराध संख्या की डकैती की घटना में भी वांछित बताया है। जबकि हकीकत यह है कि मंसूरपुर पुलिस ने इस डकैती में कोई भी वांछित घोषित नहीं किया था।
क्या थी पुरा की डकैती की घटना
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुरा में विगत 28 अप्रैल की रात बदमाशों ने किसान जितेंद्र त्यागी के यहां डकैती की वारदात की थी। बदमाशों ने डकैती के दौरान धारदार हथियारों से प्रहार कर जितेंद्र त्यागी की हत्या कर दी थी और उनकी पत्नी अर्चना को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मृतक के बेटे आदर्श त्यागी ने 29 अप्रैल को अज्ञात में मंसूरपुर थाने पर वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। दो माह पहले शामली के थाना बाबरी पुलिस ने राजस्थान निवासी घुमंतु जाति के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पुलिस पूछताछ में मंसूरपुर के गांव पुरा में डकैती की घटना करना स्वीकार किया था। बाबरी पुलिस की सूचना पर मंसूरपुर पुलिस ने भी मौके पर जाकर पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ के बाद पुरा की डकैती में रिमांड चालान बनाकर कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद पुलिस ने चारों बदमाशों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर विवेचना पूरी कर दी थी।
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बोले इंस्पेक्टर, डकैती में वांछित नहीं था राजू
मंसूरपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक केपीएस चाहल ने बताया कि शामली पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी बदमाश राजू पुरा गांव में पड़ी डकैती की वारदात में उनके यहां से वांछित नहीं है। बाबरी में पकड़े गए चार बदमाशों के बाद इस वारदात में कोई भी वांछित नहीं रह गया है। पुलिस दो माह पहले ही केस की विवेचना बंद कर चुकी है।
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मुजफ्फरनगर। बदमाशों को मुठभेड़ में मारने और पैर में गोली मारने के अभियान में जुटी पुलिस गुडवर्क के नाम पर फर्जीवाड़ा भी कर रही है। ऐसा ही एक कारनामा शामली पुलिस ने कर दिखाया है।
मंगलवार को शामली के झिंझाना में हुए एनकाउंटर के दौरान शामली पुलिस ने लोनी निवासी 12 हजार के इनामी बदमाश राजू को मार गिराया। शामली पुलिस ने राजू का जो आपराधिक रिकार्ड जारी किया है, उसमें मृतक बदमाश को मंसूरपुर के गांव पुरा में पड़ी डकैती की घटना में भी वांछित दिखा दिया, जबकि पुरा की डकैती में राजू वांछित था ही नहीं। मंसूरपुर पुलिस दो माह पहले इस वारदात में पकड़े गए चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा चुकी है। मंसूरपुर पुलिस खुद राजू के डकैती में वांछित होने से इंकार कर रही है। शामली पुलिस ने लोनी निवासी इनामी बदमाश राजू को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद प्रेस को उसका आपराधिक इतिहास जारी किया। जिसमें क्रम संख्या 10 पर राजू को मंसूरपुर थाने पर पुरा गांव की डकैती के संबंध में शामिल होना दर्शाया है। साथ ही शामली पुलिस की ओर से मीडिया को जो प्रेस नोट जारी किया गया, उसमें राजू को मंसूरपुर थाने में दर्ज उक्त अपराध संख्या की डकैती की घटना में भी वांछित बताया है। जबकि हकीकत यह है कि मंसूरपुर पुलिस ने इस डकैती में कोई भी वांछित घोषित नहीं किया था।
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क्या थी पुरा की डकैती की घटना
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुरा में विगत 28 अप्रैल की रात बदमाशों ने किसान जितेंद्र त्यागी के यहां डकैती की वारदात की थी। बदमाशों ने डकैती के दौरान धारदार हथियारों से प्रहार कर जितेंद्र त्यागी की हत्या कर दी थी और उनकी पत्नी अर्चना को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मृतक के बेटे आदर्श त्यागी ने 29 अप्रैल को अज्ञात में मंसूरपुर थाने पर वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। दो माह पहले शामली के थाना बाबरी पुलिस ने राजस्थान निवासी घुमंतु जाति के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पुलिस पूछताछ में मंसूरपुर के गांव पुरा में डकैती की घटना करना स्वीकार किया था। बाबरी पुलिस की सूचना पर मंसूरपुर पुलिस ने भी मौके पर जाकर पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ के बाद पुरा की डकैती में रिमांड चालान बनाकर कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद पुलिस ने चारों बदमाशों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर विवेचना पूरी कर दी थी।
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बोले इंस्पेक्टर, डकैती में वांछित नहीं था राजू
मंसूरपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक केपीएस चाहल ने बताया कि शामली पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी बदमाश राजू पुरा गांव में पड़ी डकैती की वारदात में उनके यहां से वांछित नहीं है। बाबरी में पकड़े गए चार बदमाशों के बाद इस वारदात में कोई भी वांछित नहीं रह गया है। पुलिस दो माह पहले ही केस की विवेचना बंद कर चुकी है।