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क्रैक और लूज ट्रैक बदलने का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 24 Nov 2016 01:04 AM IST
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रेलवे ट्रैक की मरम्मत करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे ने कानपुर के नजदीक पुखरायां ट्रेन हादसे के बाद से क्रैक और लूज हो रही रेलवे ट्रैक को बदलवाने का काम तेजी से शुरू करा दिया है। इतना ही रेलवे ट्रैक के आसपास उगी घास को भी काटने का काम जारी है। रेलवे विभाग के मुताबिक सर्दी के समय में सबसे ज्यादा रेलवे ट्रैक टूटता है।
तहसील के सामने बुधवार को लूज हो चुके करीब तीन मीटर के रेलवे ट्रैक को सेक्शन इंजीनियर ने अपनी मौजूदगी में कटवाकर उसका तुरंत बदलवाया। हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन प्रभावित नहीं हो सकी। इंजीनियर साजिद अली ने बताया कि कानपुर के हादसों को देखते हुए रेलवे विभाग सतर्क हो चुका है।
अभी किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जा रही है। जहां पर रेलवे ट्रैक लूज या उसके टूटने जैसे स्थिति की आशंका बनी हुई है। उसको तुरंत बदला जा रहा है। इंजीनियर ने बताया कि ट्रैक को बदलने के दिल्ली स्थित रेलवे के कंट्रोल रूम से इसकी परमीशन ली जाती है। कंट्रोल रूम से परमीशन मिलने के बाद ही रेलवे ट्रैक को बदला जाता है। उन्होंने बताया कि तहसील के सामने रेलवे ट्रैक का कुछ हिस्सा लूज हो गया था।
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इसको दोनों ओर से हाथों और मशीन के द्वारा काटा गया। इसके बाद दिल्ली कंट्रोल रूम से बदलने की परमिशन ली गई। परमिशन के बाद ही रेलवे ट्रैक को बदला जा सका। इस दौरान कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं रेलवे ट्रैक के आसपास उगने वाली घास को भी कटवाने का काम तेजी से चल रहा है। खतौली से लेकर मुजफ्फरनगर और सकौती से लेकर खतौली से कर्मचारी घास की कटाई करने में लगे हुए हैं।
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तहसील के सामने बुधवार को लूज हो चुके करीब तीन मीटर के रेलवे ट्रैक को सेक्शन इंजीनियर ने अपनी मौजूदगी में कटवाकर उसका तुरंत बदलवाया। हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन प्रभावित नहीं हो सकी। इंजीनियर साजिद अली ने बताया कि कानपुर के हादसों को देखते हुए रेलवे विभाग सतर्क हो चुका है।
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अभी किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जा रही है। जहां पर रेलवे ट्रैक लूज या उसके टूटने जैसे स्थिति की आशंका बनी हुई है। उसको तुरंत बदला जा रहा है। इंजीनियर ने बताया कि ट्रैक को बदलने के दिल्ली स्थित रेलवे के कंट्रोल रूम से इसकी परमीशन ली जाती है। कंट्रोल रूम से परमीशन मिलने के बाद ही रेलवे ट्रैक को बदला जाता है। उन्होंने बताया कि तहसील के सामने रेलवे ट्रैक का कुछ हिस्सा लूज हो गया था।
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इसको दोनों ओर से हाथों और मशीन के द्वारा काटा गया। इसके बाद दिल्ली कंट्रोल रूम से बदलने की परमिशन ली गई। परमिशन के बाद ही रेलवे ट्रैक को बदला जा सका। इस दौरान कोई ट्रेन प्रभावित नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं रेलवे ट्रैक के आसपास उगने वाली घास को भी कटवाने का काम तेजी से चल रहा है। खतौली से लेकर मुजफ्फरनगर और सकौती से लेकर खतौली से कर्मचारी घास की कटाई करने में लगे हुए हैं।