फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Costs rising continuously due to rising inflation

चीनी मिलों की सब्सिडी से गुरेज नहीं, किसानों को 400 का भाव चाहिए

Fri, 27 Nov 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
Costs rising continuously due to rising inflation
महंगाई बढ़ने से लगातार बढ़ रही लागत
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। चीनी मिलों के द्वारा चीनी परता कम बताकर मांगी गई 15 रुपये की सब्सिडी पर किसान संगठनों का कहना है कि सरकार चीनी मिलों को कितनी छूट दे हमें कोई गुरेज नहीं है। किसानों को 400 रुपये क्विंटल का भाव चाहिए। किसान की लागत बढ़ रही है और भाजपा सरकार में अब तक दाम नहीं बढ़े हैं।

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि चीनी मिल घाटे की दलील देकर और सब्सिडी की बात कहकर सरकार पर दबाव बनाना चाहती हैं। ये चाहते हैं कि सरकार गन्ना मूल्य न बढ़ाए। किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है। कई वर्षों से रेट नहीं बढ़ा है। हमें चीनी मिलों को सब्सिडी देने पर कोई गुरेज नहीं है, लेकिन किसानों को 400 का भाव चाहिए। भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि चीनी मिल एसोसिएशन की क्या मांग है और सरकार इन्हें लेकर क्या निर्णय लेती है हमें इससे कोई लेना-देना नहीं है। किसान की फसल पर 297 रुपये क्विंटल की लागत आ रही है। भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर का कहना है कि किसानों को अपनी फसल का पूरा दाम चाहिए। किसान को सरकार गन्ने का 450 का भाव दे। उसका बकाया भुगतान तत्काल कराए और 14 दिन में भुगतान के नियम का पालन कराए। हर बार गन्ना मूल्य बढ़ाने को लेकर अड़ंगा लगाया जाता है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed