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प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व संवर्धन समय की मांग
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खतौली के गांव भैसी में नीम का पेड़ लगाकर विश्व पृथ्वी दिवस मनाते हुए।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की मांग
मुजफ्फरनगर, खतौली। विश्व पृथ्वी दिवस पर गांव भैंसी में आयोजित कार्यक्रम में नीम का पौधा लगाया गया। अजयपाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व संवर्धन समय की मांग है।
गांव भैंसी में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य शुद्ध हवा, पानी और पर्यावरण के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने वर्ष 1970 में की थी, जिसे अब विश्व के 192 से अधिक देशों में मनाया जाता है। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि जलवायु संकट तेजी से पांव पसार रहा है। इसलिए हमें भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सफाई करने व धरती को हरा-भरा बनाने की कसम लेनी होगी। इसलिए सभी लोग एक पौधा लगाकर अपने हिस्से की ऑक्सीजन बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग और पानी के दोहन पर चिंता जाहिर की। इस मौके पर ब्रजपाल सिंह, अशोक चौधरी, अनिल, अभिनव, हरपाल सिंह, देव, चरणसिंह और सूरज आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर, खतौली। विश्व पृथ्वी दिवस पर गांव भैंसी में आयोजित कार्यक्रम में नीम का पौधा लगाया गया। अजयपाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व संवर्धन समय की मांग है।
गांव भैंसी में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रतिवर्ष 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य शुद्ध हवा, पानी और पर्यावरण के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने वर्ष 1970 में की थी, जिसे अब विश्व के 192 से अधिक देशों में मनाया जाता है। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि जलवायु संकट तेजी से पांव पसार रहा है। इसलिए हमें भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सफाई करने व धरती को हरा-भरा बनाने की कसम लेनी होगी। इसलिए सभी लोग एक पौधा लगाकर अपने हिस्से की ऑक्सीजन बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग और पानी के दोहन पर चिंता जाहिर की। इस मौके पर ब्रजपाल सिंह, अशोक चौधरी, अनिल, अभिनव, हरपाल सिंह, देव, चरणसिंह और सूरज आदि मौजूद रहे।
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