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शहर में शत्रु संपत्तियों पर बन गए कॉम्पलेक्स
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मुजफ्फरनगर। शहर में लगभग ढाई हजार बीघा जमीन शत्रु संपत्ति में आती है। बीते दो दशक से इन जमीनों पर अफसरों की मिलीभगत से बड़ा खेल चल रहा है। आलीशान कॉम्पलेक्स लगातार इन जमीनों पर बन रहे हैं। एमडीए नक्शे पास कर रहा है और तहसील जमीनों पर अपनी रिपोर्ट भी लगा रही है।
किसी भी जमीन को खरीदते समय खतौनी में नाम होने के साथ उसका पीछे का इतिहास भी जाना जाता है। एमडीए में नक्शा पास कराने के लिए आम आदमी को बहुत सी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती है। आश्वर्य की बात यह है कि शहर में लगातार शत्रु संपत्ति की जमीनों पर एमडीए नक्शे भी पास कर रहा है और जमीनों की बिक्री भी हो रही है। हालत यह है कि शहर में जितनी भी शत्रु संपत्ति है, इसमें 90 प्रतिशत पर निर्माण कार्य हो गए हैं। फिलहाल गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक पीसी फियालो ने 570 बीघा जमीन के विक्रय और निर्माण पर रोक लगाई है। जांच होगी तो अन्य जमीनें भी सामने आ जाएंगी। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद से बताया कि उनके पास नक्शे के लिए जो भी आवेदन आता है, उसकी जांच वह तहसील से कराते हैं। राजस्व की जांच तहसील करती है। तहसील से जब एनओसी मिल जाती है तभी हम नक्शा पास करते हैं। जमीनों का रिकार्ड भी तहसील के पास ही है। हम सीधे बिना तहसील की एनओसी के एक भी नक्शा जारी नहीं कर रहे हैं। तहसील में एनओसी देने में यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो यह जांच का विषय है। हमारे पास जमीन को लेकर सीधे कोई शिकायत आती है तो उसकी भी हम जांच कराते हैं।
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किसी भी जमीन को खरीदते समय खतौनी में नाम होने के साथ उसका पीछे का इतिहास भी जाना जाता है। एमडीए में नक्शा पास कराने के लिए आम आदमी को बहुत सी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती है। आश्वर्य की बात यह है कि शहर में लगातार शत्रु संपत्ति की जमीनों पर एमडीए नक्शे भी पास कर रहा है और जमीनों की बिक्री भी हो रही है। हालत यह है कि शहर में जितनी भी शत्रु संपत्ति है, इसमें 90 प्रतिशत पर निर्माण कार्य हो गए हैं। फिलहाल गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक पीसी फियालो ने 570 बीघा जमीन के विक्रय और निर्माण पर रोक लगाई है। जांच होगी तो अन्य जमीनें भी सामने आ जाएंगी। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद से बताया कि उनके पास नक्शे के लिए जो भी आवेदन आता है, उसकी जांच वह तहसील से कराते हैं। राजस्व की जांच तहसील करती है। तहसील से जब एनओसी मिल जाती है तभी हम नक्शा पास करते हैं। जमीनों का रिकार्ड भी तहसील के पास ही है। हम सीधे बिना तहसील की एनओसी के एक भी नक्शा जारी नहीं कर रहे हैं। तहसील में एनओसी देने में यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो यह जांच का विषय है। हमारे पास जमीन को लेकर सीधे कोई शिकायत आती है तो उसकी भी हम जांच कराते हैं।
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