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जेल में सिविल जज ने सुनीं बंदियों की समस्याएं

Fri, 01 Apr 2022 10:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 10:21 PM IST
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Civil judge listened to prisoners' problems in jail
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवबंद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज सीनियर डिवीजन हृषीकेश पांडेय ने उपकारागार का निरीक्षण किया, साथ ही जागरूकता शिविर का भी आयोजन हुआ। निरीक्षण के दौरान सिविल जज ने विचाराधीन व सजायाफ्ता बंदियों से अलग-अलग वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना।

शुक्रवार को उपकारागार पहुंचे सिविल जज हृषीकेश पांडेय को निरीक्षण दौरान उप जेलर सुरेश बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कारागार में कुल 191 बंदी हैं। जिसमें 6 महिला एवं 185 पुरुष बंदी हैं। इन बंदियों में 40 सजायाफ्ता बंदी हैं, जबकि 151 ऐसे बंदी हैं, जिनके मुकदमे न्यायालयों में विचाराधीन हैं। बंदियों ने वार्ता के दौरान बताया कि उनके पास अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं हैं। जिस पर पांडेय ने अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वह ऐसे बंदियों के प्रार्थनापत्र प्राप्त कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। कुछेक बंदियों ने यह भी बताया कि उनकी जमानत तो हो गई, लेकिन उनके पास जमानती न होने के कारण वह बाहर नहीं आ पा रहे हैं। इसके लिए भी अधीक्षक को निर्देशित किया गया। सिविल जज ने कारागार में स्थापित हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधीक्षक को कारागार में खेल एवं योगा की गतिविधियां कराए जाने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान जागरुकता विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें जेल विजिटर अशोक कुमार, मुख्य कार्यकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजकुमार गुप्ता सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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