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Muzaffarnagar News: राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है वंदे मातरम
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खतौली जैन मंदिर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल महिलाएं। स्त्रोत
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खतौली। वंदे मातरम गान के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर में सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत गाया गया।
इस दौरान डॉ़ ज्योति जैन ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता की लड़ाई में एक सशक्त अहिंसक हथियार के रूप में सामने आया। वंदे मातरम गीत स्वतंत्रता के संघर्ष की गाथा का साक्षी रहा।
राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक इस गीत की महत्ता हमें जन-जन तक पहुंचना चाहिए। शांतिनाथ मंदिर के स्थापना दिवस पर सुबह अभिषेक महा पूजा आदि के माध्यम से राष्ट्रीय कल्याण एवं सुख शांति की कामना की गई। प्रधानाचार्य पंडित प्रदीप ने संपूर्ण विधि विधान से पूजा कराई।
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राकेश, पिंकी जैन, उर्वशी जैन रहे। कार्यक्रम संयोजिका विभा जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनीष जैन, अतुल, पारस, संदीप, सुनील, उमेश, बल्लू, पंकज, संतोष, पूनम, मीनू उपस्थित रहे।
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इस दौरान डॉ़ ज्योति जैन ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता की लड़ाई में एक सशक्त अहिंसक हथियार के रूप में सामने आया। वंदे मातरम गीत स्वतंत्रता के संघर्ष की गाथा का साक्षी रहा।
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राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक इस गीत की महत्ता हमें जन-जन तक पहुंचना चाहिए। शांतिनाथ मंदिर के स्थापना दिवस पर सुबह अभिषेक महा पूजा आदि के माध्यम से राष्ट्रीय कल्याण एवं सुख शांति की कामना की गई। प्रधानाचार्य पंडित प्रदीप ने संपूर्ण विधि विधान से पूजा कराई।
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राकेश, पिंकी जैन, उर्वशी जैन रहे। कार्यक्रम संयोजिका विभा जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनीष जैन, अतुल, पारस, संदीप, सुनील, उमेश, बल्लू, पंकज, संतोष, पूनम, मीनू उपस्थित रहे।