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मुक्त कराए गए बच्चों का कराया गया कोरोना टेस्ट
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मुक्त कराए गए बच्चों का कराया कोरोना टेस्ट
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौडीय मठ से मुक्त कराए गए सभी बच्चों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। कोरोना के रिपोर्ट आने के बाद इन बच्चों को इनके घर मिजोरम और त्रिपुरा भेज दिया जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन ने बताया कि गौड़ीय मठ के संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज और उसका शिष्य कृष्णमोहनदास बच्चों के यौन शोषण के मामले में जेल जा चुके हैं। न्यायालय में बच्चों के बयान भी हो चुके हैं। बच्चों को लेकर सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। इन सभी बच्चों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। कोरोना की रिपोर्ट आने के बाद इन बच्चों को इनके घर छोड़ा जाएगा। इनमें आठ मिजोरम और दो त्रिपुरा के हैं। घर छोड़ने की व्यवस्था प्रशासन ही अपने हिसाब से करेगा। सभी बच्चों के परिजनों से बात हो गई है। वर्तमान में सभी दस बच्चे बाल कल्याण समिति की निगरानी में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रह रहे हैं। मंगलवार को एक शिकायत के आधार पर चाइल्ड हेल्प लाइन ने पुलिस के साथ रेस्क्यू करते हुए शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ से इन बच्चों को मुक्त कराया था। काउंसलिंग में बच्चों ने मठ संचालक और उनके साथियों पर मारपीट करने, काम कराने, बंधक बनाने, शराब पिलाने और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। मेडिकल जांच में चार बच्चों के यौन शोषण की पुष्टि हुई है।
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मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ के गौडीय मठ से मुक्त कराए गए सभी बच्चों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। कोरोना के रिपोर्ट आने के बाद इन बच्चों को इनके घर मिजोरम और त्रिपुरा भेज दिया जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन ने बताया कि गौड़ीय मठ के संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज और उसका शिष्य कृष्णमोहनदास बच्चों के यौन शोषण के मामले में जेल जा चुके हैं। न्यायालय में बच्चों के बयान भी हो चुके हैं। बच्चों को लेकर सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। इन सभी बच्चों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। कोरोना की रिपोर्ट आने के बाद इन बच्चों को इनके घर छोड़ा जाएगा। इनमें आठ मिजोरम और दो त्रिपुरा के हैं। घर छोड़ने की व्यवस्था प्रशासन ही अपने हिसाब से करेगा। सभी बच्चों के परिजनों से बात हो गई है। वर्तमान में सभी दस बच्चे बाल कल्याण समिति की निगरानी में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में रह रहे हैं। मंगलवार को एक शिकायत के आधार पर चाइल्ड हेल्प लाइन ने पुलिस के साथ रेस्क्यू करते हुए शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ से इन बच्चों को मुक्त कराया था। काउंसलिंग में बच्चों ने मठ संचालक और उनके साथियों पर मारपीट करने, काम कराने, बंधक बनाने, शराब पिलाने और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। मेडिकल जांच में चार बच्चों के यौन शोषण की पुष्टि हुई है।
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