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चौराचोरी कांड स्वतंत्रता संग्राम की अहम घटना : गोयल
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श्री रामकृष्ण योगाश्रम इंटर कॉलेज में चौराचोरी शताब्दी महोत्सव संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। श्री रामकृष्ण योगाश्रम इंटर कॉलेज में चौराचोरी शताब्दी महोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि चौराचोरी कांड स्वतंत्रता संग्राम की अहम घटना है।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अरुण कुमार गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में गोरखपुर के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। अंग्रेजों का जुल्म भी उनके हौसले पस्त नहीं कर सका। भारत के इतिहास की पृष्ठभूमि को बदलने वाली यह घटना 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर के पास चौरीचोरा नामक स्थान पर हुई। अंग्रेजी सरकार के अत्याचार से पीड़ित भीड़ ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। इसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। ब्रिटिश राज ने क्रातिकारियों पर मुकदमा चलाकर 225 क्रांतिकारियों में से 172 को मौत की सजा सुनाई। इनमें से 12 क्रांतिकारियों को फांसी दी गई। गांधी जी ने इस घटना से प्रभावित होकर असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। चौराचोरी कांड ने भारत को अंग्रेजी हुकूमत के अंधेरे साम्राज्य से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार योगी सरकार द्वारा चार जनवरी 2021 से लेकर चार फरवरी 2022 तक चौराचोरी शताब्दी महोत्सव आयोजन किया गया। इस मौके पर ममता वर्मा, अरुण कांति चक्रवर्ती, अनिता बंसल आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। श्री रामकृष्ण योगाश्रम इंटर कॉलेज में चौराचोरी शताब्दी महोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि चौराचोरी कांड स्वतंत्रता संग्राम की अहम घटना है।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अरुण कुमार गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन में गोरखपुर के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। अंग्रेजों का जुल्म भी उनके हौसले पस्त नहीं कर सका। भारत के इतिहास की पृष्ठभूमि को बदलने वाली यह घटना 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर के पास चौरीचोरा नामक स्थान पर हुई। अंग्रेजी सरकार के अत्याचार से पीड़ित भीड़ ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। इसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। ब्रिटिश राज ने क्रातिकारियों पर मुकदमा चलाकर 225 क्रांतिकारियों में से 172 को मौत की सजा सुनाई। इनमें से 12 क्रांतिकारियों को फांसी दी गई। गांधी जी ने इस घटना से प्रभावित होकर असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। चौराचोरी कांड ने भारत को अंग्रेजी हुकूमत के अंधेरे साम्राज्य से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार योगी सरकार द्वारा चार जनवरी 2021 से लेकर चार फरवरी 2022 तक चौराचोरी शताब्दी महोत्सव आयोजन किया गया। इस मौके पर ममता वर्मा, अरुण कांति चक्रवर्ती, अनिता बंसल आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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