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अब तो हंस लो, ताली बजा लो : डॉ. संजीव बालियान

Thu, 14 Sep 2017 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Thu, 14 Sep 2017 12:55 AM IST
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Certificate distributed to the farmers - two
किसानों को ऋणमाफी के प्रमाण पत्र बांटते ीीीजपा नेता। - फोटो : अमर उजाला
किसान भाइयों हंस लो, ताली बजा लो, ऋण माफ हुआ है। सरकार ने ऋण माफ करने के लिए पूरे जोर लगा रखे थे। मंच पर प्रभारी मंत्री से पहले बोलने आए सांसद डॉ. संजीव बालियान अपने चिर-परिचित अंदाज में किसानों को खुश करने की कोशिश की। उन्होंने भैसाना शुगर मिल के भुगतान और सरकार के किसान हितों में लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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बालियान ने बताया कि सरकार ने किसानों का गन्ना भुगतान समय पर कराने के लिए इस बार बिकने वाली चीनी का पैसा डीसीओ और शुगर मिल के ज्वाइंट एकाउंट में पहुंचाने की व्यवस्था करा दी है। चीनी का 85 प्रतिशत पैसा गन्ना भुगतान के रूप में दिया जाएगा। छोटे जोत के किसानों का गन्ना मिल को शुरू के 50 दिन में ही खरीदना होगा, जिससे वह गेहूं की बुवाई कर सके।
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गन्ने का बेसिक कोटा भी बढ़ाया जा रहा है। अब एक हेक्टेयर पर 700 से बढ़ाकर 800 किया गया है। किसानों को अपना गन्ना देने के लिए किसी ओर से पर्ची मांगने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीते सत्र में 1410 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान जनपद के किसानों को किया गया, लेकिन इस सरकार ने 2276 करोड़ का भुगतान किया। जिले में 117 करोड़ भैसाना मिल पर बाकी है। 
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आज ही मिल प्रबंधन से बैठक में समय सीमा तय कर दी गई है। 20 सितंबर तक भैसाना मिल 30 करोड़ और  सितंबर तक फिर 30 करोड़ का भुगतान करेगी। 20 अक्तूबर तक शेष 47 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। बालियान ने कहा कि विधायक उमेश मलिक के साथ भैसाना मिल पर दबाव बनाया गया था। चेतावनी दी कि यदि इस वादे को शुगर मिल पूरा नहीं करती है तो तितावी शुगर मिल की तरह ही उसको भी अंजाम के लिए तैयार रहना चाहिए।  

भारतेंद्र, विक्रम, आंचल नहीं आए 
जीआईसी मैदान पर फसल ऋण मोचन योजना के समारोह में बिजनौर के सांसद भारतेंद्र सिंह, खतौली विधायक विक्रम सैनी और जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वो नहीं पहुंच सके। पूर्व विधायक प्रदीप बालियान को सुरक्षाकर्मियों ने मंच पर चढ़ने से रोका तो उन्होंने नाराजगी जताई और हंगामा कर दिया। इस पर सांसद डॉ संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव ने सुरक्षाकर्मियों को हटाकर प्रदीप को मंच पर बुलाया। 

मंत्री के जाते ही गायब हो गए बैंक अफसर 
प्रभारी मंत्री सतीश महाना के मंच छोड़ने के बाद से ही ऋण मोचन के लिए मौजूद बैंक अधिकारी और तहसील स्टाफ भी गायब हो गया। किसान अपना प्रमाणपत्र पाने के लिए परेशान नजर आए। कुछ बैंकों के कर्मचारी पंडाल के बाहर अपने क्षेत्र के किसानों को ले जाकर प्रमाण पत्र देते नजर आए। हंगामा होता देखकर मंच से जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने ऐलान किया कि जिन किसानों को प्रमाण पत्र नहीं मिला है, वो अपनी बैंक शाखा पर जाकर प्रबंधक से प्राप्त कर सकते हैं।  

कर्जमाफी के बाद भी बैंक मांग रहा पैसा 
मुजफ्फरनगर। ऋणमाफी की सूची में नाम आने के बाद भी एक किसान बैंक द्वारा पैसा मांगने से परेशान नजर आया। कुछ किसान बेहद खुश नजर आए तो कुछ किसान छोटी रकम माफ होने पर न तो खुशी जता पाए और न ही वो नाराज दिखे। 

गांव नंगला बुजुर्ग निवासी सीमांत किसान नसीम पुत्र रशीद ने एसबीआई मखियाली से 50 हजार रुपये का फसली ऋण लिया था, फसल की पैदावार सही नहीं होने से वह बैंक का कर्ज नहीं चुका पाया। ऋण मोचन समारोह में नसीम को प्रभारी मंत्री के हाथों जो प्रमाण पत्र मिला, उसमें उसके केसीसी एकाउंट पर 56,984 रुपये का ऋण माफ करने का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद नसीम के चेहरे पर खुशी नजर नहीं आई, उसका कहना है कि ब्याज मिलाकर उसका ऋण बैंक वाले 66 हजार बता रहे हैं, जबकि माफ 56 हजार हुए हैं।

अब भी बैंक वाले उसे 16 हजार रुपये कर्ज के बकाये के तौर पर जमा करने को कह रहे हैं। उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि जब सरकार ने एक लाख तक का ऋण माफ करने की बात कही है तो बैंक वाले उसे अभी भी कर्जदार क्यों बता रहे हैं। जानसठ क्षेत्र के गांव कम्हेड़ा निवासी एक ही परिवार की महिला किसान रिहाना और कौसर कर्जमुक्ति का प्रमाण मिलने से खुश नजर आईं। इन महिलाओं को भी मंत्री ने अपने हाथों से प्रमाण पत्र दिया।  


गुस्सा पी गए अवतार सिंह भड़ाना 
मुजफ्फरनगर। भाजपा के मीरापुर सीट से विधायक अवतार सिंह भड़ाना को संचालक ने सबसे पहले बोलने के लिए बुला लिया। भड़ाना संचालक पर दांत भींचकर रह गए। वह इसलिए नाराज थे कि उन्हें सबसे छोटे कद का विधायक समझ लिया गया। भड़ाना पार्टी के सार्वजनिक मंच पर पहली बार नजर आए। चुनाव जीतने के बाद से ही वह पार्टी और सरकार के कार्यक्रमों में नदारद रहे हैं।
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