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तीन लाशों से निकले बारूद के कण और लोहे के टुकड़े
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:27 AM IST
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विस्फोट के बाद दुकान में हुअा गड्ढा।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर के सरवट में सोमवार सुबह हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले चारों लोगों के शवों का देर रात में ही अफसरों के आदेश पर पोस्टमार्टम करा दिया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान चारों लाशों में से तीन की मौत विस्फोटक से निकले टुकड़े के धंसने व उनसे अत्यधिक खून बहने से होने की बात सामने आई है। उक्त तीनों लाशों में से पोस्टमार्टम के दौरान मेटल और बारूद के कण मिले हैं, जिन्हें सील कर जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह कबाड़ी की दुकान में हुए विस्फोट में कबाड़ी निसार, मकान मालिक नवाजिश, राहगीर शहजाद आलम व वेल्डर ताजिम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद चारों शवों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया था, जिन्हें देर रात में ही भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था।
इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि चारों शवों के पोस्टमार्टम में तीन में कबाड़ी निसार, मकान मालिक नवाजिश व राहगीर शहजाद आलम की लाशों में से विस्फोटक से निकले लोहे के टुकड़े व बारूद के कण पाए गए हैं। उक्त तीनों लोगों की मौत विस्फोटक के टुकड़े शरीर में धंसने व उससे अत्यधिक रक्तस्त्राव होने की वजह से होना सामने आया है। वहीं, चौथे ताजिम की मौत की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है और न ही उसके शरीर से विस्फोटक का कोई अंश या बारूद के कण मिले हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन लाशों से निकले लोहे के टुकड़ों व बारूद के कणों को संरक्षित कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेज दिया गया है। वहां, से जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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36 घंटे में विस्फोटक की पहचान तक नहीं कर पाई खाकी
मुजफ्फरनगर। सोमवार सुबह गांव सरवट में स्क्रैप तोड़ने के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत होने के बावजूद पुलिस दूसरे दिन की शाम तक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस अब तक घातक विस्फोटक की पहचान तक नहीं कर पाई है, जिसके लिए शिद्दत से आर्मी की टीम का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं, मंगलवार को मेरठ से आई एटीएस की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से बातचीत की। इसके बाद टीम ने थाने पहुंचकर विस्फोटक के अवशेषों की भी जांच-परख की।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह करीब 9.40 बजे कबाड़ी की दुकान में विस्फोटक में ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया था। विस्फोट में कबाड़ी व मकान मालिक समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि महिला समेत चार लोग घायल हो गए थे। इनमें से एक घायल अभी भी मेरठ के निजी हास्पिटल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। सूत्रों के मुताबिक विस्फोट के 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद मंगलवार शाम तक पुलिस विस्फोटक की पहचान करने तक में कामयाब नहीं हो सकी है।
वहीं, मंगलवार को मेरठ एटीएस की टीम भी मुख्यालय पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर एक बार फिर से वहां का मौका-मुआयना करते हुए आसपास के लोगों से बातचीत की। इसके बाद टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची और वहां घटनास्थल से मिले विस्फोटक के मामूली अवशेषों व अन्य सामान की जांच-पड़ताल की। गौरतलब है कि एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने सोमवार देर रात घटना में मारे गए कबाड़ी निसार व मकान मालिक नवाजिश के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
पीतल-तांबे की लालच में खत्म हो गई चार जिंदगी
मुजफ्फरनगर। सरवट गांव में हुए विस्फोट ने काफी तबाही मचा कर रख दी। कबाड़ी नासिर के मामूली लालच ने चार लोगों को मौत का टिकट थमा दिया। दरअसल, विस्फोटक से निकलने वाले महज 800 ग्राम से एक किलो तांबा व पीतल के लिए कबाड़ी व उसके साथी रहे नवाजिश ने न केवल अपनी जिंदगी की बलि चढ़ा दी, बल्कि दो बेगुनाहों की सांसें भी छीन लीं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सरवट गांव में सोमवार सुबह हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों की पहचान कबाड़ी निसार, उसके मकान मालिक व साझीदार बताए जा रहे नवाजिश के साथ ही वेल्डर ताजिम व मोहल्ला खालापार निवासी राहगीर शहजाद आलम के रूप में हुई थी।
पुलिस के अनुसार, चार लोगों की जान लेने वाले भयावह विस्फोट के पीछे कबाड़ी निसार व उसके मकान मालिक व साझीदार बताए जा रहे नवाजिश का मामूली लालच था। दरअसल, किसी भी सामान्य निष्प्रयोज्य विस्फोटक को तोड़ने पर उसमें से महज 800 ग्राम से एक किलो के बीच तांबा या पीतल निकलता है।
इसकी कीमत महज दो सौ रुपये के आसपास होती है। पुलिस के मुताबिक निसार व नवाजिश उक्त विस्फोटक से इसी तांबा-पीतल को निकालने का जतन कर रहे थे, जिसके मामूली लालच ने उनके साथ ही दो बेगुनाहों ताजिम व राहगीर शहजाद आलम को भी मौत का टिकट थमा दिया। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर निसार उक्त विस्फोटक को कब या कहां से लेकर आया था।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह कबाड़ी की दुकान में हुए विस्फोट में कबाड़ी निसार, मकान मालिक नवाजिश, राहगीर शहजाद आलम व वेल्डर ताजिम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद चारों शवों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया था, जिन्हें देर रात में ही भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था।
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इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि चारों शवों के पोस्टमार्टम में तीन में कबाड़ी निसार, मकान मालिक नवाजिश व राहगीर शहजाद आलम की लाशों में से विस्फोटक से निकले लोहे के टुकड़े व बारूद के कण पाए गए हैं। उक्त तीनों लोगों की मौत विस्फोटक के टुकड़े शरीर में धंसने व उससे अत्यधिक रक्तस्त्राव होने की वजह से होना सामने आया है। वहीं, चौथे ताजिम की मौत की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है और न ही उसके शरीर से विस्फोटक का कोई अंश या बारूद के कण मिले हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन लाशों से निकले लोहे के टुकड़ों व बारूद के कणों को संरक्षित कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेज दिया गया है। वहां, से जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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36 घंटे में विस्फोटक की पहचान तक नहीं कर पाई खाकी
मुजफ्फरनगर। सोमवार सुबह गांव सरवट में स्क्रैप तोड़ने के दौरान हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत होने के बावजूद पुलिस दूसरे दिन की शाम तक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस अब तक घातक विस्फोटक की पहचान तक नहीं कर पाई है, जिसके लिए शिद्दत से आर्मी की टीम का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं, मंगलवार को मेरठ से आई एटीएस की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से बातचीत की। इसके बाद टीम ने थाने पहुंचकर विस्फोटक के अवशेषों की भी जांच-परख की।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट में सोमवार सुबह करीब 9.40 बजे कबाड़ी की दुकान में विस्फोटक में ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया था। विस्फोट में कबाड़ी व मकान मालिक समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि महिला समेत चार लोग घायल हो गए थे। इनमें से एक घायल अभी भी मेरठ के निजी हास्पिटल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। सूत्रों के मुताबिक विस्फोट के 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद मंगलवार शाम तक पुलिस विस्फोटक की पहचान करने तक में कामयाब नहीं हो सकी है।
वहीं, मंगलवार को मेरठ एटीएस की टीम भी मुख्यालय पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर एक बार फिर से वहां का मौका-मुआयना करते हुए आसपास के लोगों से बातचीत की। इसके बाद टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची और वहां घटनास्थल से मिले विस्फोटक के मामूली अवशेषों व अन्य सामान की जांच-पड़ताल की। गौरतलब है कि एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने सोमवार देर रात घटना में मारे गए कबाड़ी निसार व मकान मालिक नवाजिश के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
पीतल-तांबे की लालच में खत्म हो गई चार जिंदगी
मुजफ्फरनगर। सरवट गांव में हुए विस्फोट ने काफी तबाही मचा कर रख दी। कबाड़ी नासिर के मामूली लालच ने चार लोगों को मौत का टिकट थमा दिया। दरअसल, विस्फोटक से निकलने वाले महज 800 ग्राम से एक किलो तांबा व पीतल के लिए कबाड़ी व उसके साथी रहे नवाजिश ने न केवल अपनी जिंदगी की बलि चढ़ा दी, बल्कि दो बेगुनाहों की सांसें भी छीन लीं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सरवट गांव में सोमवार सुबह हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों की पहचान कबाड़ी निसार, उसके मकान मालिक व साझीदार बताए जा रहे नवाजिश के साथ ही वेल्डर ताजिम व मोहल्ला खालापार निवासी राहगीर शहजाद आलम के रूप में हुई थी।
पुलिस के अनुसार, चार लोगों की जान लेने वाले भयावह विस्फोट के पीछे कबाड़ी निसार व उसके मकान मालिक व साझीदार बताए जा रहे नवाजिश का मामूली लालच था। दरअसल, किसी भी सामान्य निष्प्रयोज्य विस्फोटक को तोड़ने पर उसमें से महज 800 ग्राम से एक किलो के बीच तांबा या पीतल निकलता है।
इसकी कीमत महज दो सौ रुपये के आसपास होती है। पुलिस के मुताबिक निसार व नवाजिश उक्त विस्फोटक से इसी तांबा-पीतल को निकालने का जतन कर रहे थे, जिसके मामूली लालच ने उनके साथ ही दो बेगुनाहों ताजिम व राहगीर शहजाद आलम को भी मौत का टिकट थमा दिया। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर निसार उक्त विस्फोटक को कब या कहां से लेकर आया था।