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श्राद्ध लगते ही बाजारों में आया मंदी का दौर
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श्राद्ध के पहले दिन ही कारोबार हुआ प्रभावित
मुजफ्फरनगर। श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही शुरुआती दिन में ही बाजारों में कारोबार 25 फीसदी तक घट गया है। आने वाले दिनों में भी व्यापारी कारोबार 50 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाए हुए हैं। इससे पहले ही कोविड-19 से जूझ रहे कारोबारी गहरे आर्थिक संकट में आ जाएंगे।
हिंदू धर्म की सनातन संस्कृति में 16 दिवसीय श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष का पखवाड़ा माना जाता है। इसके चलते इस पखवाड़े में सभी प्रकार के मांगलिक, वैवाहिक और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ऐसे में हिंदू समाज द्वारा केवल जीवनोपयोगी आवश्यक सामान की ही खरीदारी की जाती है। इस बार श्राद्ध पक्ष बुधवार (आज से) शुरू हुए हैं और पहले ही दिन इसका सीधा असर बाजारों में देखा गया। कारोबारियों की मानें तो श्राद्ध पक्ष के पहले ही दिन बाजार में हिंदू समाज की भीड़ कम हुई है, जिससे कारोबार को करीब 25 फीसदी का बड़ा झटका लगा है। इलेक्ट्रॉनिक, रेडीमेड गारमेंट, सराफा, हैंडलूम जैसे सामानों की बिक्री तो पहले ही दिन लगभग 50 फीसदी तक कम हो गई है। अन्य सामान की बिक्री पर भी करीब 25 फीसदी गिरावट का असर देखा गया है। हालांकि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में श्राद्ध पक्ष का खास असर नहीं देखा गया है। सराफा बाजार, मोलाहेड़ी मार्केट व एसडी मार्केट में भी बिक्री करीब 50 फीसदी तक गिरी है। कारोबारियों द्वारा आने वाले दिनों में कारोबार में अभी करीब 50 फीसदी की ओर गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रहीं हैं। वहीं, इससे अगले मास में भी कारोबारी संभावनाएं काफी कम ही नजर आ रहीं हैं।
इन्होंने कहा .........
- रेडीमेड वस्त्र एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र गोयल का कहना है कि शुरुआती दिन में ही काम करीब 25 प्रतिशत घट गया है, जिसमें श्राद्ध पक्ष के अंत तक करीब 50 फीसदी की और भी गिरावट आने की संभावना है। वहीं, आने वाला अधिकमास भी कारोबार को प्रभावित करेगा।
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- इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी मनोज जैन ने बताया कि बाजार में पहले ही दिन से श्राद्ध पक्ष का असर शुरू हो गया है। हिंदू समुदाय ने नया सामान खरीदना बंद कर दिया है और अगले 15 दिन तक बाजार में काम कम ही रहेगा।
- भगत सिंह रोड स्थित सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शहर के सराफा बाजार में रोजाना अनुमानत: एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जो पहले ही दिन काफी घट गया है। अगले 15 दिन में तो यह 60 प्रतिशत तक घटकर मात्र छह करोड़ तक ही रह जाएगा। वहीं, फिलहाल जो बिक्री हो रही है, वह एडवांस की है, जिसमें ग्राहक पेशगी देकर सामान दुकान पर ही छोड़कर चले जाते हैं।
- कपड़ा एसोसिएशन के अनिल नामदेव बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष के चलते पहले ही दिन बिक्री करीब 25 फीसदी तक घट गई है। सनातन परंपरा में नए कपड़े की खरीदारी और उसे पहनना अशुभ माना जाता है। ऐसे में लोग नए कपड़ों की खरीदारी से परहेज करते है। आने वाले दिनों में इसमें 50 फीसदी तक की ओर गिरावट आएगी।
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मुजफ्फरनगर। श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही शुरुआती दिन में ही बाजारों में कारोबार 25 फीसदी तक घट गया है। आने वाले दिनों में भी व्यापारी कारोबार 50 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाए हुए हैं। इससे पहले ही कोविड-19 से जूझ रहे कारोबारी गहरे आर्थिक संकट में आ जाएंगे।
हिंदू धर्म की सनातन संस्कृति में 16 दिवसीय श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष का पखवाड़ा माना जाता है। इसके चलते इस पखवाड़े में सभी प्रकार के मांगलिक, वैवाहिक और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ऐसे में हिंदू समाज द्वारा केवल जीवनोपयोगी आवश्यक सामान की ही खरीदारी की जाती है। इस बार श्राद्ध पक्ष बुधवार (आज से) शुरू हुए हैं और पहले ही दिन इसका सीधा असर बाजारों में देखा गया। कारोबारियों की मानें तो श्राद्ध पक्ष के पहले ही दिन बाजार में हिंदू समाज की भीड़ कम हुई है, जिससे कारोबार को करीब 25 फीसदी का बड़ा झटका लगा है। इलेक्ट्रॉनिक, रेडीमेड गारमेंट, सराफा, हैंडलूम जैसे सामानों की बिक्री तो पहले ही दिन लगभग 50 फीसदी तक कम हो गई है। अन्य सामान की बिक्री पर भी करीब 25 फीसदी गिरावट का असर देखा गया है। हालांकि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में श्राद्ध पक्ष का खास असर नहीं देखा गया है। सराफा बाजार, मोलाहेड़ी मार्केट व एसडी मार्केट में भी बिक्री करीब 50 फीसदी तक गिरी है। कारोबारियों द्वारा आने वाले दिनों में कारोबार में अभी करीब 50 फीसदी की ओर गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रहीं हैं। वहीं, इससे अगले मास में भी कारोबारी संभावनाएं काफी कम ही नजर आ रहीं हैं।
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इन्होंने कहा .........
- रेडीमेड वस्त्र एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र गोयल का कहना है कि शुरुआती दिन में ही काम करीब 25 प्रतिशत घट गया है, जिसमें श्राद्ध पक्ष के अंत तक करीब 50 फीसदी की और भी गिरावट आने की संभावना है। वहीं, आने वाला अधिकमास भी कारोबार को प्रभावित करेगा।
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- इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी मनोज जैन ने बताया कि बाजार में पहले ही दिन से श्राद्ध पक्ष का असर शुरू हो गया है। हिंदू समुदाय ने नया सामान खरीदना बंद कर दिया है और अगले 15 दिन तक बाजार में काम कम ही रहेगा।
- भगत सिंह रोड स्थित सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शहर के सराफा बाजार में रोजाना अनुमानत: एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जो पहले ही दिन काफी घट गया है। अगले 15 दिन में तो यह 60 प्रतिशत तक घटकर मात्र छह करोड़ तक ही रह जाएगा। वहीं, फिलहाल जो बिक्री हो रही है, वह एडवांस की है, जिसमें ग्राहक पेशगी देकर सामान दुकान पर ही छोड़कर चले जाते हैं।
- कपड़ा एसोसिएशन के अनिल नामदेव बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष के चलते पहले ही दिन बिक्री करीब 25 फीसदी तक घट गई है। सनातन परंपरा में नए कपड़े की खरीदारी और उसे पहनना अशुभ माना जाता है। ऐसे में लोग नए कपड़ों की खरीदारी से परहेज करते है। आने वाले दिनों में इसमें 50 फीसदी तक की ओर गिरावट आएगी।