128 करोड़ का बजट पास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वंदेमातरम् गीत के साथ शनिवार को पालिका प्रशासक एडीएमएफ सुनील कुमार सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड मीटिंग शुरू हुई। ईओ अजीत सिंह ने जैसे ही एजेंडा पढ़ना प्रारंभ किया, तभी सदन में मौजूद सभासदों ने एकमत होकर एजेेंडा पारित करने की हुंकार भर दी। एजेंडे में शामिल 128 करोड़ का वित्तीय बजट भी पारित किया गया। कुछ ही मिनट चली बोर्ड मीटिंग की कार्रवाई में कई मुख्य कार्यों पर भी मुहर लगी। इनमें शहर की प्रमुख समस्या नालों की सफाई रही। पालिका ने शहर के 64 नालों की सफाई के लिए 32 लाख रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा जानसठ रोड, शामली रोड, काली नदी आदि के आसपास एकत्र हो रहे कूड़े को भी उठाने के लिए अलग से बजट रखा गया है। वहीं, शहर में मुर्दा मवेशी के ठेकों को भी मंजूरी दी गई है। इनके लिए जल्द निविदाएं खोली जाएंगी। बता दें कि इससे पूर्व 26 अप्रैल को बोर्ड बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 38 सभासदों ने संयुक्त प्रस्ताव पारित कर बैठक स्थगित करा दी थी। इसके बाद एक मई की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक नहीं हो सकी। दो माह के भीतर तीसरी बार बोर्ड बैठक बुलाई गई, जिसमें 52 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में सभासद वीरेंद्र मुन्ना, शाहिद राजा, राजकुमार सिद्धार्थ, हरीश अहलावत, नौशाद कुरैशी, योगेश मित्तल समेत पालिका एई अब्दुल कादिर, टैक्स अधीक्षक आरडी पोरवाल आदि मौजूद रहे।
सभासद के सवाल पर चुप्पी
मुजफ्फरनगर। बोर्ड बैठक में सभासद अन्नू कुरैशी ने सवाल उठाया कि पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य पर सभासदों के नाम से चार प्रतिशत कमीशन निकाला गया। यह कमीशन किसके खाते में गया और सभासदों को धोखे में रखकर यह कार्य किया गया है। कमीशन किसकी जेब में गया, इसकी जांच होनी चाहिए। इस सवाल पर सदन में मौजूद अधिकारी चुप्पी साध गए।
स्लाटर हाउस का उठा मुद्दा
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका सभासद मोहम्मद फैसल ने नगर पालिका प्रशासक से सवाल किया कि नगर पालिका के निर्देशन में संचालित होने वाला स्लाटर हाउस क्यों बंद है। यह वैध है या अवैध। इस पर ईओ अजित सिंह ने कहा कि स्लाटर हाउस वैध है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं होने के कारण बंद पड़ा है। सभासदों ने इसे चलाए जाने का पक्ष रखा। पालिका प्रशासन ने नई गाइड लाइन आने के बाद ही कुछ किए जाने का आश्वासन दिया।
...तो सबकुछ पहले से तय था
मुजफ्फरनगर। पालिका बोर्ड बैठक जितनी जल्दी निपटी है, उससे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि यह कार्रवाई पहले से ही तय थी। वंदेमातरम् गीत समाप्त होते ही एजेंडा पढ़ा गया और पलभर में हामी भर दी गई। सभासदों ने एजेंडे की रीडिंग पूरी भी नहीं होने दी और प्रस्ताव पास कर दिए। सभासदों की ओर से शहर के लिए कोई अलग से बहस नहीं दिखी और न ही डिमांड सामने आई। वहीं, चुनाव नजदीक होने की वजह से माना जा रहा है कि बोर्ड की यह अंतिम मीटिंग है।