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Muzaffarnagar News: वाराणसी के लिए खास ... मुजफ्फरनगर - शिक्षक की हत्या के विरोध में मूल्यांकन का बहिष्कार, छह घंटे चला धरना
Tue, 19 Mar 2024 01:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:47 AM IST
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सरकूलर रोड पर शिक्षको के प्रदर्शन में शामिल हुए राकेश टिकैत।
- वाराणसी से पुस्तिकाएं लेकर पहुंचे शिक्षक की हत्या से गुस्साए शिक्षक व कर्मचारी संगठनों ने किया मार्ग जाम
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वाराणसी से मूल्यांकन के लिए पुस्तिकाएं लेकर पहुंचे शिक्षक की हत्या से गुस्साए जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। करीब छह घंटे सरकुलर रोड जाम कर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी गरजे। 25 लाख के मुआवजे और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा के बाद धरना समाप्त किया गया।
एसएसपी आवास के सामने एसडी इंटर कॉलेज (मूल्यांकन केंद्र) पर यूपी बोर्ड हाईस्कूल की पुस्तक लेकर रविवार देर रात पहुंचे चंदौली के शिक्षक धर्मेंद्र सिंह की हेड कांस्टेबल ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना की सूचना मिलने पर सुबह के समय जिले के शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद एक के बाद एक शिक्षक व कर्मचारी संगठन सरकुलर रोड पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। भीड़ बढ़ने पर चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज के सामने पूरा मार्ग जाम कर दिया गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 10 करोड़ रुपये के मुआवजे और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार सहित अन्य मांगे उठाई गईं।
करीब छह घंटे धरना-प्रदर्शन चलने के बाद डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 11 शिक्षक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राजकीय इंटर कॉलेज में बैठक कर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके बाद माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा ने धरने पर बैठक में हुई बातचीत की जानकारी देते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, एएसपी सिटी व्योम बिंदल, संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर आरएसके सुमन, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, सीओ मंडी रूपाली राव चौधरी, सीओ डॉ. रविशंकर, सीओ एसपी उपाध्याय, एसडीएम सदर परमानंद झा सहित तीनों थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक पहुंचे, शिक्षा निदेशालय भेजी रिपोर्ट
एसएसपी आवास के सामने शिक्षक की हत्या के बाद डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा रात करीब ढाई बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। डीआईओएस ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर मृत शिक्षक धर्मेंद्र के साथ आए दूसरे शिक्षक और कर्मचारियों से जानकारी ली। जीआईसी बहादरपुर के प्रधानाचार्य आशीष द्विवेदी और राजकीय हाईस्कूल रसूलपुर के प्रधानाचार्य ललित मोहन गुप्ता को मामले की जांच में लगाया। घटना की जानकारी मिलने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर मंडल राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन भी मुख्यालय पहुंचे और डीआईओएस से घटना की जानकारी लेते हुए विभागीय रिपोर्ट मांगी। डीआईओएस ने बताया कि शिक्षक की हत्याकांड को लेकर शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश को विभागीय रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।
यह संगठन रहे मौजूद
शिक्षक की हत्या के बाद राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार कौशिक, जिला मंत्री सुचित्रा सैनी, प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना, माध्यमिक शिक्षक संघ से जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, प्रवक्ता कपिल देव, शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय त्यागी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव बालियान, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद मलिक, जिला महामंत्री राकेश राठी, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. आरके सिंह और राजकीय कर्मचारी संयुक्त परिषद से जिलाध्यक्ष संजीव कुमार लांबा, फार्मासिस्ट अनिल कुमार, हारुन के साथ सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
यह रखी गई थीं मांगें
- आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
- मृत अध्यापक के आश्रित को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्त की जाए।
- मृतक अध्यापक के परिवार को 10 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
- भविष्य में ऐसे घटना रोकने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी ऐसे कार्यों में न लगाई जाए।
- पूरे सम्मान के साथ मृतक अध्यापक का अंतिम संस्कार कराया जाए।
यह शिक्षक-शिक्षिकाएं रहे मौजूद
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष अमित कुमार जैन, उपाध्यक्ष संजीव जावला, मंत्री अरुण कुमार, हेमंत कुमार विश्नोई, योगेश तोमर, ठकुराई गुट के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, अटेवा जिलाध्यक्ष प्रीत वर्धन शर्मा, प्रधानाचार्या परिषद की अध्यक्ष सारिका जैन, सचिव राकेश कुमार, छोटूराम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश प्रताप सिंह, ललित मोहन शर्मा, सोहन पाल, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष डाॅ. रणवीर सिंह के अलावा बबीता राणा, साक्षी देशवाल, पवित्रा चौधरी, सुमित्रा सिंह, नमिता सिंह, विजय कुमार त्यागी, अनुराधा पंवार, डॉ. चंद्रमोहन शर्मा मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल में यह रहे शामिल
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मांगों को लेकर 11 शिक्षक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। जिसमें माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, संजीव जावला, अमित जैन, प्रीत वर्धन, अरविंद मलिक, योगेंद्र सिंह, नरेश प्रताप, यशपाल सिंह, अमन कुमार, राकेश कुमार और संजीव बालियान शामिल रहे।
विधायक और सपा नेता को शिक्षकों ने धरने से लौटाया
शिक्षक की हत्या के बाद संगठनों की ओर से दिए गए धरने के सूचना पर पहुंचे सपा विधायक पंकज मलिक और सपा नेता राकेश शर्मा को शिक्षकों ने लौटा दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, यह मृतक शिक्षक के हक में प्रदर्शन चल रहा है। हालांकि विधायक पंकज मलिक ने कहा कि यह घटना दुखद और निंदनीय है, वह शिक्षकों के साथ हैं। पीड़ित परिवार की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
शिक्षकों के साथ खड़े हो जाएंगे किसान : टिकैत
हत्या के विरोध में किए गए धरना-प्रदर्शन के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे। उन्होंने शिक्षक की हत्या को दुखद घटना बताया। कहा कि यह शिक्षक समाज के लिए बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने कहा कि किसान शिक्षकों साथ हैं। पीड़ित परिवार की मदद के लिए वह हर समय तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को परिवार की अधिक से अधिक मदद करनी चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र में ही सेवा दे रहा मृतक शिक्षक का परिवार
जनपद चंदौली जिले के चहनिया ब्लॉक के गांव बैराठ रामगढ़ निवासी अनुसूचित जाति के राजकुमार के बेटे धर्मेंद्र (मृतक शिक्षक) की पत्नी प्राइमरी विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं। भाभी वाराणसी के एक महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। यह परिवार अब बैराठ में नहीं रहता है। नौकरी लगने पर कृषि भूमि बेच दी थी और गांव का मकान उनके पास है। धर्मेंद्र कुमार वाराणसी देहात के महगांव स्थित राजकीय हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था।
दो दिन हो सका मूल्यांकन, 56312 पुस्तिकाएं ही जांचीं गई
रविवार देर रात चंदौली के शिक्षक की हत्या के बाद सोमवार को मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका। केवल दो दिन ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। हत्याकांड को लेकर यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया गया। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में 16 मार्च से मूल्यांकन कार्य पांच केंद्रों इस्लामिया इंटर कॉलेज, चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और एसडी इंटर कॉलेज में कराया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों ने कार्य बंद कर दिया है। 16 व 17 मार्च को ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 56312 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो पाया है।
शिक्षक के लहू से सन गए पुस्तिकाओं के बंडल
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर वाराणसी से चलकर मुजफ्फरनगर पहुंचे ट्रक में शिक्षक की हत्या हो गई। सिपाही की गोली लगने से बाद मृतक शिक्षक के लहू से पुस्तिकाओं के बंडल भी पूरी तरह से सन गए। करीब चार से पांच बंडल शिक्षक धर्मेंद्र के खून से सने नजर आए। घटने के बाद से ट्रक को थाना सिविल लाइन में ही खड़ा किया गया है, उन्हीं में ही पुस्तिकाओं के बंडल रखे हुए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वाराणसी से मूल्यांकन के लिए पुस्तिकाएं लेकर पहुंचे शिक्षक की हत्या से गुस्साए जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। करीब छह घंटे सरकुलर रोड जाम कर शिक्षक व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी गरजे। 25 लाख के मुआवजे और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा के बाद धरना समाप्त किया गया।
एसएसपी आवास के सामने एसडी इंटर कॉलेज (मूल्यांकन केंद्र) पर यूपी बोर्ड हाईस्कूल की पुस्तक लेकर रविवार देर रात पहुंचे चंदौली के शिक्षक धर्मेंद्र सिंह की हेड कांस्टेबल ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना की सूचना मिलने पर सुबह के समय जिले के शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद एक के बाद एक शिक्षक व कर्मचारी संगठन सरकुलर रोड पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। भीड़ बढ़ने पर चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज के सामने पूरा मार्ग जाम कर दिया गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 10 करोड़ रुपये के मुआवजे और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार सहित अन्य मांगे उठाई गईं।
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करीब छह घंटे धरना-प्रदर्शन चलने के बाद डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 11 शिक्षक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राजकीय इंटर कॉलेज में बैठक कर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके बाद माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा ने धरने पर बैठक में हुई बातचीत की जानकारी देते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, एएसपी सिटी व्योम बिंदल, संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर आरएसके सुमन, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, सीओ मंडी रूपाली राव चौधरी, सीओ डॉ. रविशंकर, सीओ एसपी उपाध्याय, एसडीएम सदर परमानंद झा सहित तीनों थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक पहुंचे, शिक्षा निदेशालय भेजी रिपोर्ट
एसएसपी आवास के सामने शिक्षक की हत्या के बाद डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा रात करीब ढाई बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। डीआईओएस ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर मृत शिक्षक धर्मेंद्र के साथ आए दूसरे शिक्षक और कर्मचारियों से जानकारी ली। जीआईसी बहादरपुर के प्रधानाचार्य आशीष द्विवेदी और राजकीय हाईस्कूल रसूलपुर के प्रधानाचार्य ललित मोहन गुप्ता को मामले की जांच में लगाया। घटना की जानकारी मिलने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर मंडल राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन भी मुख्यालय पहुंचे और डीआईओएस से घटना की जानकारी लेते हुए विभागीय रिपोर्ट मांगी। डीआईओएस ने बताया कि शिक्षक की हत्याकांड को लेकर शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश को विभागीय रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।
यह संगठन रहे मौजूद
शिक्षक की हत्या के बाद राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार कौशिक, जिला मंत्री सुचित्रा सैनी, प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना, माध्यमिक शिक्षक संघ से जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, प्रवक्ता कपिल देव, शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय त्यागी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव बालियान, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद मलिक, जिला महामंत्री राकेश राठी, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. आरके सिंह और राजकीय कर्मचारी संयुक्त परिषद से जिलाध्यक्ष संजीव कुमार लांबा, फार्मासिस्ट अनिल कुमार, हारुन के साथ सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
यह रखी गई थीं मांगें
- आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
- मृत अध्यापक के आश्रित को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्त की जाए।
- मृतक अध्यापक के परिवार को 10 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
- भविष्य में ऐसे घटना रोकने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी ऐसे कार्यों में न लगाई जाए।
- पूरे सम्मान के साथ मृतक अध्यापक का अंतिम संस्कार कराया जाए।
यह शिक्षक-शिक्षिकाएं रहे मौजूद
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष अमित कुमार जैन, उपाध्यक्ष संजीव जावला, मंत्री अरुण कुमार, हेमंत कुमार विश्नोई, योगेश तोमर, ठकुराई गुट के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, अटेवा जिलाध्यक्ष प्रीत वर्धन शर्मा, प्रधानाचार्या परिषद की अध्यक्ष सारिका जैन, सचिव राकेश कुमार, छोटूराम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश प्रताप सिंह, ललित मोहन शर्मा, सोहन पाल, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष डाॅ. रणवीर सिंह के अलावा बबीता राणा, साक्षी देशवाल, पवित्रा चौधरी, सुमित्रा सिंह, नमिता सिंह, विजय कुमार त्यागी, अनुराधा पंवार, डॉ. चंद्रमोहन शर्मा मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल में यह रहे शामिल
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मांगों को लेकर 11 शिक्षक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। जिसमें माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाहा, संजीव जावला, अमित जैन, प्रीत वर्धन, अरविंद मलिक, योगेंद्र सिंह, नरेश प्रताप, यशपाल सिंह, अमन कुमार, राकेश कुमार और संजीव बालियान शामिल रहे।
विधायक और सपा नेता को शिक्षकों ने धरने से लौटाया
शिक्षक की हत्या के बाद संगठनों की ओर से दिए गए धरने के सूचना पर पहुंचे सपा विधायक पंकज मलिक और सपा नेता राकेश शर्मा को शिक्षकों ने लौटा दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, यह मृतक शिक्षक के हक में प्रदर्शन चल रहा है। हालांकि विधायक पंकज मलिक ने कहा कि यह घटना दुखद और निंदनीय है, वह शिक्षकों के साथ हैं। पीड़ित परिवार की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।
शिक्षकों के साथ खड़े हो जाएंगे किसान : टिकैत
हत्या के विरोध में किए गए धरना-प्रदर्शन के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे। उन्होंने शिक्षक की हत्या को दुखद घटना बताया। कहा कि यह शिक्षक समाज के लिए बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने कहा कि किसान शिक्षकों साथ हैं। पीड़ित परिवार की मदद के लिए वह हर समय तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को परिवार की अधिक से अधिक मदद करनी चाहिए।
शिक्षा क्षेत्र में ही सेवा दे रहा मृतक शिक्षक का परिवार
जनपद चंदौली जिले के चहनिया ब्लॉक के गांव बैराठ रामगढ़ निवासी अनुसूचित जाति के राजकुमार के बेटे धर्मेंद्र (मृतक शिक्षक) की पत्नी प्राइमरी विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं। भाभी वाराणसी के एक महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। यह परिवार अब बैराठ में नहीं रहता है। नौकरी लगने पर कृषि भूमि बेच दी थी और गांव का मकान उनके पास है। धर्मेंद्र कुमार वाराणसी देहात के महगांव स्थित राजकीय हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था।
दो दिन हो सका मूल्यांकन, 56312 पुस्तिकाएं ही जांचीं गई
रविवार देर रात चंदौली के शिक्षक की हत्या के बाद सोमवार को मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका। केवल दो दिन ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। हत्याकांड को लेकर यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया गया। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में 16 मार्च से मूल्यांकन कार्य पांच केंद्रों इस्लामिया इंटर कॉलेज, चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और एसडी इंटर कॉलेज में कराया जा रहा है, लेकिन शिक्षकों ने कार्य बंद कर दिया है। 16 व 17 मार्च को ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 56312 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो पाया है।
शिक्षक के लहू से सन गए पुस्तिकाओं के बंडल
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर वाराणसी से चलकर मुजफ्फरनगर पहुंचे ट्रक में शिक्षक की हत्या हो गई। सिपाही की गोली लगने से बाद मृतक शिक्षक के लहू से पुस्तिकाओं के बंडल भी पूरी तरह से सन गए। करीब चार से पांच बंडल शिक्षक धर्मेंद्र के खून से सने नजर आए। घटने के बाद से ट्रक को थाना सिविल लाइन में ही खड़ा किया गया है, उन्हीं में ही पुस्तिकाओं के बंडल रखे हुए हैं।