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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - किसानों की समस्याओं पर भाकियू का धरना
Sat, 06 Jan 2024 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:51 AM IST
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गन्ना मूल्य बढोत्तरी को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते जि
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया। ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे किसानों ने ढ़ाई घंटे धरना प्रदर्शन किया। एडीएम प्रशासन को धरने के बीच बैठाकर समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि किसानों को इंसाफ नहीं मिला तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
कलक्ट्रेट परिसर में गन्ना किसानों के मुद्दे पर भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे। धरने में गन्ने का भाव घोषित करने, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, आवारा पशु का निस्तारण, गन्ने का बकाया पेमेंट सहित अन्य मांगों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया। साथ ही आवारा पशुओं की समस्या को बहुत गंभीर बताया।
जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश स्तरीय आह्वान के तहत यह एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया है। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान पदाधिकारियों ने करीब दस मिनट तक एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह को धरनास्थल पर ही अपने बीच बैठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों से सिंचाई की मुफ्त बिजली का वादा किया था। इसकी घोषणा भी बजट पेश के दौरान की गई थी, लेकिन अभी तक यह धरातल पर लागू नहीं हुई। नलकूपों से मीटर लगवाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोके और पूर्व में निजी नलकूप का कनेक्शन लेने पर 300 मीटर विद्युत लाइन विभाग की ओर से किसानों को मिलती थी, इसे दोबारा से लागू किया जाए। पिछले चार सालों में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव बढ़ाकर किसानों को और गरीब बनाने का काम किया गया।
सरकार गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करे। प्रदेश की कई चीनी मिलों पर आज भी करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान बाकी है। बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। आवारा पशुओं की समस्या विकट है, इससे किसानों को काफी नुकसान है। इसका समाधान जल्द से जल्द हो। इसके अलावा अन्य मांगें उठाई गईं।
इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव ओमपाल मलिक, पश्चिम उत्तर प्रदेश के महासचिव श्यामपाल सिंह, मंडल अध्यक्ष नवीन राठी, युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, तहसील अध्यक्ष सरदार अमीर सिंह, प्रताप सिंह, राहुल अहलावत, अनुज बालियान, मोनू प्रधान, सतेंद्र चौहान, जोगेंद्र, मानसिंह, संजीव आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया। ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे किसानों ने ढ़ाई घंटे धरना प्रदर्शन किया। एडीएम प्रशासन को धरने के बीच बैठाकर समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि किसानों को इंसाफ नहीं मिला तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
कलक्ट्रेट परिसर में गन्ना किसानों के मुद्दे पर भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे। धरने में गन्ने का भाव घोषित करने, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, आवारा पशु का निस्तारण, गन्ने का बकाया पेमेंट सहित अन्य मांगों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया। साथ ही आवारा पशुओं की समस्या को बहुत गंभीर बताया।
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जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश स्तरीय आह्वान के तहत यह एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया है। अगर मांग पूरी नहीं होती है तो बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस दौरान पदाधिकारियों ने करीब दस मिनट तक एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह को धरनास्थल पर ही अपने बीच बैठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों से सिंचाई की मुफ्त बिजली का वादा किया था। इसकी घोषणा भी बजट पेश के दौरान की गई थी, लेकिन अभी तक यह धरातल पर लागू नहीं हुई। नलकूपों से मीटर लगवाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोके और पूर्व में निजी नलकूप का कनेक्शन लेने पर 300 मीटर विद्युत लाइन विभाग की ओर से किसानों को मिलती थी, इसे दोबारा से लागू किया जाए। पिछले चार सालों में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव बढ़ाकर किसानों को और गरीब बनाने का काम किया गया।
सरकार गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल करे। प्रदेश की कई चीनी मिलों पर आज भी करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान बाकी है। बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। आवारा पशुओं की समस्या विकट है, इससे किसानों को काफी नुकसान है। इसका समाधान जल्द से जल्द हो। इसके अलावा अन्य मांगें उठाई गईं।
इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव ओमपाल मलिक, पश्चिम उत्तर प्रदेश के महासचिव श्यामपाल सिंह, मंडल अध्यक्ष नवीन राठी, युवा मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, तहसील अध्यक्ष सरदार अमीर सिंह, प्रताप सिंह, राहुल अहलावत, अनुज बालियान, मोनू प्रधान, सतेंद्र चौहान, जोगेंद्र, मानसिंह, संजीव आदि मौजूद रहे।