{"_id":"5a5e46a44f1c1b67268b4ce4","slug":"bhima-army-s-ssp-office-demonstration","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीम आर्मी का एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन, हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीम आर्मी का एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन, हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग
ब्यूरो,अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:08 AM IST
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पुलिस अधिकारी को घटना की जानकारी देते भीम आर्मी के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पुरकाजी के गांव कल्लनपुर के दलित युवक की कथित हिंदूवादी संगठनों से जुडे लोगों द्वारा पिटाई करने के मामले से आक्रोशित भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी ऑफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने एसपी सिटी से मिलकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।
भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बुधवार को पुरकाजी में धरना देने की घोषणा की है। साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, शहीद ऊधम सिंह सेना, बौद्घ महासभा, आरक्षण बचाव संघर्ष समिति, जय सिंधु संघ के कार्यकर्ताओं ने भी इसी मामले को लेकर एसएसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया।
भीम आर्मी समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एसएसपी दफ्तर पर पहुंच घेराव कर प्रदर्शन कर दलित युवक पर हुए हमले पर रोष प्रकट किया। पदाधिकारियों ने एसपी सिटी ओमवीर सिंह से मुलाकात की। कहा कि कल्लनपुर के दलित युवक विपिन कुुमार पर यह कातिलाना हमला हुआ है।
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विपिन 14 जनवरी को अपनी दुकान से बाइक पर घर लौट रहा था। रास्ते में आरोपियों ने रोक कर जातिगत हीनभावना रखते हुए लाठी-डंडों से पिटाई की। हमलावरों ने विपिन से जबरदस्ती जय श्रीराम के नारे लगवाए। हमलावरों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए उक्त हमले की वीडियो क्लिप बनाई और दहशत फैलाने के लिए इसको सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
बावजूद पुलिस अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इन लोगों ने एसएसपी से हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही कहा कि ऐसा न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसपी ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में भीम आर्मी के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष टिकम बौद्ध, दिनेश कुमार, सन्नी कुमार, मैनपाल, सौरव, अंकित, रजत, शहीद उधम सिंह सेना के अध्यक्ष विकास मेडियन, रूपचंद, विजय कुमार, रविंद्र सिंह, अशोक, अमित गौतम, दीपक, कर्मवीर सिंह, सतीश मौर्य, अजय आदि शामिल रहे। उधर, भीम आर्मी ने इस मामले को लेकर एसएसपी और डीएम से भी मुलाकात कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही बुधवार को पुरकाजी में धरना देने की घोषणा की है।
क्या कहते हैं एसएसपी
दलित युवक की पिटाई के मामले में पुरकाजी थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाल रही है। जल्द आरोपी हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। वायरल वीडियो की भी पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है - अनंत देव, एसएसपी, मुजफ्फरनगर।
दो माह से सुलग रही थी चिंगारी, खटक रहा था देवी-देवताओं का अपमान
कल्लनपुर में दलित युवक की पिटाई के प्रकरण से दो माह पहले हुआ घटनाक्रम भी जोड़कर देखा जा रहा है। गांव में कुछ दलितों परिवारों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों का अपमान करने का मामला गांव के अन्य समाज के लोगों को खटक रहा था। कई बार बहसबाजी हुई, लेकिन लोगों ने समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
घटनाक्रम पिछले दो माह से चल रहा है। 24 नवंबर को ग्राम कल्लनपुर में कुछ दलित परिवारों ने अपने घरों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां उतारकर फेंकने का वीडियो वायरल किया था। इसके बाद गांव के कुछ युवकों ने पांच दलितों के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
इस पर पुलिस ने मुकदमा कायम कर दो अन्य युवकों को भी जेल भेज दिया था। इसके अलावा गत छह दिसंबर को ग्राम अब्दुलपुर में आयोजित बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर ग्राम कल्लनपुर के कुछ दलितों के बौद्ध धर्म अपना लेने और घरों में लगी देवी-देवताओं की मूर्तियां उतारकर बौद्ध की तस्वीर लगा लेने से गांव के लोग नाराज थे। खबर यह भी है कि जिस युवक के साथ मारपीट की घटना हुई है, वह उक्त प्रकरण में मुख्य भूमिका निभा रहा था।
इसी वजह से वह कुछ लोगों की आखों में किरकिरी बना हुआ था। इसके अलावा भी करीब दो वर्ष पूर्व हुई एक घटना में गुर्जर समाज के लोगों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने के पीछे भी इस परिवार की मुख्य भूमिका रही थी।
इस मामले को लेकर दोनों ही बिरादरी में कई बार टकराव हो चुका है। उधर, पुलिस द्वारा महिलाओं को हिरासत में लेने पर क्षेत्र के भाजपा नेता भी पुलिस से नाराज हैं। भाजपाइयों ने इस मामले से वरिष्ठ नेताओं को अवगत करा दिया है।
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भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बुधवार को पुरकाजी में धरना देने की घोषणा की है। साथ ही बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, शहीद ऊधम सिंह सेना, बौद्घ महासभा, आरक्षण बचाव संघर्ष समिति, जय सिंधु संघ के कार्यकर्ताओं ने भी इसी मामले को लेकर एसएसपी ऑफिस पर प्रदर्शन किया।
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भीम आर्मी समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एसएसपी दफ्तर पर पहुंच घेराव कर प्रदर्शन कर दलित युवक पर हुए हमले पर रोष प्रकट किया। पदाधिकारियों ने एसपी सिटी ओमवीर सिंह से मुलाकात की। कहा कि कल्लनपुर के दलित युवक विपिन कुुमार पर यह कातिलाना हमला हुआ है।
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विपिन 14 जनवरी को अपनी दुकान से बाइक पर घर लौट रहा था। रास्ते में आरोपियों ने रोक कर जातिगत हीनभावना रखते हुए लाठी-डंडों से पिटाई की। हमलावरों ने विपिन से जबरदस्ती जय श्रीराम के नारे लगवाए। हमलावरों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए उक्त हमले की वीडियो क्लिप बनाई और दहशत फैलाने के लिए इसको सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
बावजूद पुलिस अभी तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इन लोगों ने एसएसपी से हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही कहा कि ऐसा न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसपी ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में भीम आर्मी के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष टिकम बौद्ध, दिनेश कुमार, सन्नी कुमार, मैनपाल, सौरव, अंकित, रजत, शहीद उधम सिंह सेना के अध्यक्ष विकास मेडियन, रूपचंद, विजय कुमार, रविंद्र सिंह, अशोक, अमित गौतम, दीपक, कर्मवीर सिंह, सतीश मौर्य, अजय आदि शामिल रहे। उधर, भीम आर्मी ने इस मामले को लेकर एसएसपी और डीएम से भी मुलाकात कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही बुधवार को पुरकाजी में धरना देने की घोषणा की है।
क्या कहते हैं एसएसपी
दलित युवक की पिटाई के मामले में पुरकाजी थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाल रही है। जल्द आरोपी हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। वायरल वीडियो की भी पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है - अनंत देव, एसएसपी, मुजफ्फरनगर।
दो माह से सुलग रही थी चिंगारी, खटक रहा था देवी-देवताओं का अपमान
कल्लनपुर में दलित युवक की पिटाई के प्रकरण से दो माह पहले हुआ घटनाक्रम भी जोड़कर देखा जा रहा है। गांव में कुछ दलितों परिवारों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों का अपमान करने का मामला गांव के अन्य समाज के लोगों को खटक रहा था। कई बार बहसबाजी हुई, लेकिन लोगों ने समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
घटनाक्रम पिछले दो माह से चल रहा है। 24 नवंबर को ग्राम कल्लनपुर में कुछ दलित परिवारों ने अपने घरों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां उतारकर फेंकने का वीडियो वायरल किया था। इसके बाद गांव के कुछ युवकों ने पांच दलितों के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
इस पर पुलिस ने मुकदमा कायम कर दो अन्य युवकों को भी जेल भेज दिया था। इसके अलावा गत छह दिसंबर को ग्राम अब्दुलपुर में आयोजित बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर ग्राम कल्लनपुर के कुछ दलितों के बौद्ध धर्म अपना लेने और घरों में लगी देवी-देवताओं की मूर्तियां उतारकर बौद्ध की तस्वीर लगा लेने से गांव के लोग नाराज थे। खबर यह भी है कि जिस युवक के साथ मारपीट की घटना हुई है, वह उक्त प्रकरण में मुख्य भूमिका निभा रहा था।
इसी वजह से वह कुछ लोगों की आखों में किरकिरी बना हुआ था। इसके अलावा भी करीब दो वर्ष पूर्व हुई एक घटना में गुर्जर समाज के लोगों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने के पीछे भी इस परिवार की मुख्य भूमिका रही थी।
इस मामले को लेकर दोनों ही बिरादरी में कई बार टकराव हो चुका है। उधर, पुलिस द्वारा महिलाओं को हिरासत में लेने पर क्षेत्र के भाजपा नेता भी पुलिस से नाराज हैं। भाजपाइयों ने इस मामले से वरिष्ठ नेताओं को अवगत करा दिया है।