{"_id":"5d0fc80b8ebc3e6cae649fc7","slug":"ayushman-scheme-muzaffarnagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर के 70 फीसदी लोग नहीं जानते क्या है आयुष्मान योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरनगर के 70 फीसदी लोग नहीं जानते क्या है आयुष्मान योजना
Mon, 24 Jun 2019 12:12 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Mon, 24 Jun 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
Ayushman India Scheme
केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याण योजनाएं खूब हैं, लेकिन लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने दफ्तरों में आने वाले फरियादियों से योजनाओं के संबंध में सवाल पूछे तो हकीकत सामने आ गई। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के बारे में करीब 70 फीसदी लोगों को पूरी जानकारी नहीं थी। उज्ज्वला योजना से 72 प्रतिशत फरियादी अनजान मिले। डीएम ने योजनाओं के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपते हुए इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करने के निर्देश दिए।
डीएम अजय शंकर पांडेय अपने कार्यालय में प्रतिदिन सुबह नौ से 11 बजे जनसुनवाई के लिए आने वाले लोगों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के विषय में सवाल पूछते हैं। इस प्रक्रिया में पता लगा कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की पूर्ण जानकारी ही नहीं है। इस कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
डीएम ने पाया कि समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ योजना के बारे में 40 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास की 35 प्रतिशत, स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान भारत योजना की 30 प्रतिशत, उज्ज्वला योजना की 28 प्रतिशत, प्रधानमंत्री आवास योजना की 38 प्रतिशत के लगभग ही लोगों को जानकारी है। लोगों को योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण वे दलालों के चक्कर में फंसते हैं।
विज्ञापन
डीएम ने प्रत्येक विभाग को अपनी लाभकारी योजना का सरल एवं स्पष्ट भाषा में संक्षिप्त विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग अपने कार्यालय में एक डिस्पले बोर्ड लगवाएं तथा योजना का संक्षिप्त विवरण, योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले लाभ, योजना के लिए पात्रता, आवेदन कहां करना है तथा संबंधित शासनादेश संख्या का उल्लेख करते हुए जानकारी प्रसारित करें। ब्लॉक एवं तहसील में भी योजनाओं का प्रदर्शन सुगम्य स्थान पर करने के निर्देश दिए। समाधान दिवसों में भी अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं को जनता के मध्य प्रचार-प्रसार व वितरण करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आएं। वहां जन शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण के अलावा विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
लंबे समय तक जुटाए शिकायतकर्ताओं से तथ्य
मुुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने लोकसभा चुनाव से पूर्व कार्यालय में आने वाले शिकायतकर्ताओं से सरकारी योजनाओं के संबंध में बातचीत करना शुरू किया था। बीच में चुनाव में व्यस्तता के कारण इस पर ध्यान नहीं दिया जा सका। चुनाव बाद उन्होंने फिर से फरियादियों से योजनाओं के संबंध में पूछताछ करनी शुरू की। बातचीत के आधार पर यह बात सामने आई कि लोगों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। यदि उन्हें जानकारी दी जाए तो वे दलालों के चक्कर में नहीं पड़ेंगे और अपनी पात्रता के हिसाब से योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
विज्ञापन
डीएम अजय शंकर पांडेय अपने कार्यालय में प्रतिदिन सुबह नौ से 11 बजे जनसुनवाई के लिए आने वाले लोगों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के विषय में सवाल पूछते हैं। इस प्रक्रिया में पता लगा कि शिकायत लेकर आने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं की पूर्ण जानकारी ही नहीं है। इस कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
विज्ञापन
डीएम ने पाया कि समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शादी अनुदान, पारिवारिक लाभ योजना के बारे में 40 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास की 35 प्रतिशत, स्वास्थ्य विभाग की आयुष्मान भारत योजना की 30 प्रतिशत, उज्ज्वला योजना की 28 प्रतिशत, प्रधानमंत्री आवास योजना की 38 प्रतिशत के लगभग ही लोगों को जानकारी है। लोगों को योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण वे दलालों के चक्कर में फंसते हैं।
विज्ञापन
डीएम ने प्रत्येक विभाग को अपनी लाभकारी योजना का सरल एवं स्पष्ट भाषा में संक्षिप्त विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। विभाग अपने कार्यालय में एक डिस्पले बोर्ड लगवाएं तथा योजना का संक्षिप्त विवरण, योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले लाभ, योजना के लिए पात्रता, आवेदन कहां करना है तथा संबंधित शासनादेश संख्या का उल्लेख करते हुए जानकारी प्रसारित करें। ब्लॉक एवं तहसील में भी योजनाओं का प्रदर्शन सुगम्य स्थान पर करने के निर्देश दिए। समाधान दिवसों में भी अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं को जनता के मध्य प्रचार-प्रसार व वितरण करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आएं। वहां जन शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण के अलावा विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी।
लंबे समय तक जुटाए शिकायतकर्ताओं से तथ्य
मुुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने लोकसभा चुनाव से पूर्व कार्यालय में आने वाले शिकायतकर्ताओं से सरकारी योजनाओं के संबंध में बातचीत करना शुरू किया था। बीच में चुनाव में व्यस्तता के कारण इस पर ध्यान नहीं दिया जा सका। चुनाव बाद उन्होंने फिर से फरियादियों से योजनाओं के संबंध में पूछताछ करनी शुरू की। बातचीत के आधार पर यह बात सामने आई कि लोगों को सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। यदि उन्हें जानकारी दी जाए तो वे दलालों के चक्कर में नहीं पड़ेंगे और अपनी पात्रता के हिसाब से योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।