{"_id":"6aad92c7454f4cf44d0c368a","slug":"deliberations-under-the-starlight-announcement-of-a-march-to-lucknow-on-october-23-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-181008-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: तारों की छांव में मंथन, 23 अक्तूबर को लखनऊ कूच का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: तारों की छांव में मंथन, 23 अक्तूबर को लखनऊ कूच का एलान
विज्ञापन
जीआईसी के मैदान पर कलाकारों के साथ भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत : संवाद
मुजफ्फरनगर। तारों की छांव में शहर के बीच बुलाई गई किसान मजदूर पंचायत में गांव की अनूठी संस्कृति के रंग भी बिखरे। यहां-वहां हाथ पर रखकर रोटियां खाते किसान दिखे। हुक्का भी गुड़गुड़ाया गया। गन्ने के भाव पर मंथन हुआ और भविष्य की राह का चिंतन किया गया। रागिनी पर झूमे और पंजाबी गीतों पर भाषा की दीवार भी ढह गई। अब किसान 23 अक्तूबर को लखनऊ में होने वाली पंचायत की तैयारी में भी जुट गए हैं।
सरकुलर रोड और राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान हमेशा इतिहास का गवाह रहा है। राम मंदिर आंदोलन का पहला सम्मेलन यहीं हुआ था। सिर्फ प्रदेश के नहीं, बल्कि देश के दिग्गज नेताओं के भाषण भी यहीं हुए। बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की एतिहासिक पंचायतों का सिलसिला भी इस मैदान पर खूब चला।
इस बार भाकियू टिकैत ने रात की पंचायत का प्रयोग भी यहीं किया। विधानसभा चुनाव से पहले किसानों ने अपनी एकजुटता जाहिर कर संदेश भी साफ कर दिया है। 23 अक्तूबर को लखनऊ के गन्ना भवन पर पंचायत होगी, जिसमें भाव और भुगतान का मुद्दा प्रमुख रहेगा।
विज्ञापन
यह पंचायत इस मामले में अहम रही कि रात के समय किसानों ने अपना गांव शहर के बीच में बसाया। रोटियां लेकर आए और पकोड़ियां भी बांटी गई। लोक गायक राहुल जीवना, पंजाबी गायक हैरी धनौवा और संदीप ने किसानों का खूब मनोरंजन किया।
-- -- -- --
किसानों को कम करने होंगे अपने खर्चे : नरेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को बचत के लिए अपने खर्चे कम करने होंगे। समाज में झगड़े बढ़ रहे हैं, ऐसे में जरूरी है कि सामाजिक लोगों की बातें और फैसलों को स्वीकर किया जाए। युवाओं को अपने घर के कामों पर ध्यान देना होगा। खेती की तरफ लौटना होगा। देखने में आ रहा है कि युवा पीढ़ी किसी की नहीं सुन रही। नब्बे प्रतिशत हादसे बाइक वाले हैं। हादसे के बाद घर खाली हो जाता है। बाइक सिर्फ पांच किमी तक ही चलाई जानी चाहिए।
-- -- -- --
किसान मजदूर पंचायत में भाकियू टिकैत ने यह रखी मांगे
- एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद कानून बनाया जाए।
- गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य न्यूनतम 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
- संपूर्ण ऋण माफी योजना एवं ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए।
- सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित की जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई किसानों एवं ग्रामीण परिवारों के पुनर्वास के बिना न की जाए।
- आवारा पशुओं से किसानों को मुक्ति मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
सरकुलर रोड और राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान हमेशा इतिहास का गवाह रहा है। राम मंदिर आंदोलन का पहला सम्मेलन यहीं हुआ था। सिर्फ प्रदेश के नहीं, बल्कि देश के दिग्गज नेताओं के भाषण भी यहीं हुए। बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की एतिहासिक पंचायतों का सिलसिला भी इस मैदान पर खूब चला।
विज्ञापन
इस बार भाकियू टिकैत ने रात की पंचायत का प्रयोग भी यहीं किया। विधानसभा चुनाव से पहले किसानों ने अपनी एकजुटता जाहिर कर संदेश भी साफ कर दिया है। 23 अक्तूबर को लखनऊ के गन्ना भवन पर पंचायत होगी, जिसमें भाव और भुगतान का मुद्दा प्रमुख रहेगा।
विज्ञापन
यह पंचायत इस मामले में अहम रही कि रात के समय किसानों ने अपना गांव शहर के बीच में बसाया। रोटियां लेकर आए और पकोड़ियां भी बांटी गई। लोक गायक राहुल जीवना, पंजाबी गायक हैरी धनौवा और संदीप ने किसानों का खूब मनोरंजन किया।
किसानों को कम करने होंगे अपने खर्चे : नरेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों को बचत के लिए अपने खर्चे कम करने होंगे। समाज में झगड़े बढ़ रहे हैं, ऐसे में जरूरी है कि सामाजिक लोगों की बातें और फैसलों को स्वीकर किया जाए। युवाओं को अपने घर के कामों पर ध्यान देना होगा। खेती की तरफ लौटना होगा। देखने में आ रहा है कि युवा पीढ़ी किसी की नहीं सुन रही। नब्बे प्रतिशत हादसे बाइक वाले हैं। हादसे के बाद घर खाली हो जाता है। बाइक सिर्फ पांच किमी तक ही चलाई जानी चाहिए।
किसान मजदूर पंचायत में भाकियू टिकैत ने यह रखी मांगे
- एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद कानून बनाया जाए।
- गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य न्यूनतम 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
- संपूर्ण ऋण माफी योजना एवं ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए।
- सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित की जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई किसानों एवं ग्रामीण परिवारों के पुनर्वास के बिना न की जाए।
- आवारा पशुओं से किसानों को मुक्ति मिलनी चाहिए।

जीआईसी के मैदान पर कलाकारों के साथ भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत : संवाद