फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Asked the details of the doctors

चिकित्सकों और स्टॉफ का ब्यौरा मांगा, डॉक्टरों के बिना खाली पडे़ हैं कई अस्पताल

Sun, 26 Mar 2017 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sun, 26 Mar 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
Asked the details of the doctors
चिकित्सक
सीएमओ ने सीएचसी और पीएचसी समेत जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्टॉफ की कमी का ब्यौरा मांगा है। इसकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन को भेजी जाएगी। क्योंकि जनपद में कई अस्पताल बिना डॉक्टरों के खाली पड़े हैं। जिन्हें बने तो मुद्दत हो गई, लेकिन चिकित्सक मुहैया नहीं हो सके हैं।       
विज्ञापन


जिला चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी पर बड़ी संख्या में चिकित्सकीय स्टॉफ की कमी है। जिसके चलते स्वास्थ्य महकमे की भीषण गर्मी के सीजन को लेकर सांसे फूल रहीं है। क्योंकि अस्पताल में मरीजों का बढ़ता दबाव और स्टाफ की कमी से टेंशन बढ़ गई है। बिजनौर के सांसद भारतेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो चिकित्साधिकारियों ने कई पहलुओं से पर्दा हटाया। सबसे बड़ी चिंता चिकित्सकों और स्टाफ की सामने आई है। 
विज्ञापन


जिला अस्पताल में भी पर्याप्त रूप से चिकित्सक नहीं हैं। इसके अलावा कई सीएचसी और पीएचसी पर भी अधूरे स्टाफ से काम चलाया जा रहा है। फलौदा में बने अस्पताल में अभी तक कोई चिकित्सक तैनात नहीं हो सका है। इसको लेकर सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने जनपद में मौजूद चिकित्सकों, स्टाफ के साथ कमी का भी ब्यौरा मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसे शासन को भेजने की तैयारी है। सांसद भारतेंद्र सिंह ने भी सीएमओ से अस्पताल की कमियों और जरूरी उपकरणों की सूची मांगी है। ताकि इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ मुख्यमंत्री को सौंपा जा सके। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों को सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार तक सूची बनाकर शासन को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed