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प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकार हुए सम्मानित
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मुजफ्फरनगर। सनातन धर्म महाविद्यालय के ललित कला विभाग में अंतर्मन एक चित्रकला प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर पुंडीर ने मां सरस्वती के समक्ष पुष्पार्चन करके किया। मुख्य अतिथि जैन डिग्री की कला विभागाध्यक्ष डॉ. निशा गुप्ता ने कहा कि कला से हमारे मन में खुशी के हार्मोन उत्पन्न होते हैं और हमें प्रसन्नता मिलती है। हमें कला का सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. रामकुमार ने कहा कि कला हमें जीने का तरीका सिखाती है। डॉ अशोक त्रिपाठी ने कहा कि कला का विकास तभी संभव है। जब चारों और शांति का वातावरण हो। कार्यक्रम के बारे में विस्तार से ललित कला विभाग अध्यक्ष डॉक्टर बसंत कुमार ने बताया कि अंतर्मन एक चित्रकला प्रदर्शनी एसडी कॉलेज के पुरातन छात्रों की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी है। पुरातन छात्र दिनेश शर्मा, राजेश शर्मा, मातृमणि थिरानियां, पुनीत राठी ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
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बच्चन दास, चांद वीर, प्रीति, ममता, संजय दत्त ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम में कला अध्यापक अनिल कुमार पीपली, डॉ. चरण सिंह, डॉ. अजय पाल, डॉ. अलका बंसल, डॉ. ममता श्याम, डॉ. सलीम, डॉ. निकेता, मोनिका, डॉ. धर्म सिंह, कुंवर पाल, विशाल और स्नातक के द्वितीय वर्ष व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुधीर पुंडीर ने की। डीएवी कॉलेज के ललित कला विभाग अध्यक्ष डॉ. वेद पाल सिंह रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर पुंडीर ने मां सरस्वती के समक्ष पुष्पार्चन करके किया। मुख्य अतिथि जैन डिग्री की कला विभागाध्यक्ष डॉ. निशा गुप्ता ने कहा कि कला से हमारे मन में खुशी के हार्मोन उत्पन्न होते हैं और हमें प्रसन्नता मिलती है। हमें कला का सम्मान करना चाहिए।
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कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. रामकुमार ने कहा कि कला हमें जीने का तरीका सिखाती है। डॉ अशोक त्रिपाठी ने कहा कि कला का विकास तभी संभव है। जब चारों और शांति का वातावरण हो। कार्यक्रम के बारे में विस्तार से ललित कला विभाग अध्यक्ष डॉक्टर बसंत कुमार ने बताया कि अंतर्मन एक चित्रकला प्रदर्शनी एसडी कॉलेज के पुरातन छात्रों की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी है। पुरातन छात्र दिनेश शर्मा, राजेश शर्मा, मातृमणि थिरानियां, पुनीत राठी ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
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बच्चन दास, चांद वीर, प्रीति, ममता, संजय दत्त ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम में कला अध्यापक अनिल कुमार पीपली, डॉ. चरण सिंह, डॉ. अजय पाल, डॉ. अलका बंसल, डॉ. ममता श्याम, डॉ. सलीम, डॉ. निकेता, मोनिका, डॉ. धर्म सिंह, कुंवर पाल, विशाल और स्नातक के द्वितीय वर्ष व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुधीर पुंडीर ने की। डीएवी कॉलेज के ललित कला विभाग अध्यक्ष डॉ. वेद पाल सिंह रहे।