{"_id":"5a96eeaa4f1c1b410b8bb98a","slug":"army-jawan-gets-life-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना के जवान को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना के जवान को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Wed, 28 Feb 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
court
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। एडीजे-9 की कोर्ट ने सिसौली के तेजपाल हत्याकांड में सेना के जवान को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। हत्यारे के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुए था। बुधवार को उसने कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत उसे एक माह पहले हत्या में दोषी करार कर चुकी थी। सजा सुनाए जाने पर उसे जेल भेज दिया गया। इस हत्याकांड में दो हत्यारों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना भौराकलां पर कसबा सिसौली निवासी जयवीर पुत्र सुखबीर ने पांच नवंबर 2010 को अपने भाई की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई तेजपाल गांव में ही किराना की दुकान करता है, जो वारदात के समय शाम को अपनी दुकान बंद कर रहा था। इसी दौरान अखिलेश, कमल, योगेश उर्फ छुटकू पुत्र हरफूल निवासीगण सिसौली दुकान पर आए और तमंचे से गोली मार कर तेजपाल की हत्या कर दी। हत्या का कारण दुकान का उधार मांगना बताया था।
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे पूूनम राजपूत की कोर्ट संख्या- 9 में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में 12 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए 30 जनवरी को अभियुक्त अखिलेश और कमल को हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ दो-दो हजार रुपये का जुर्माना, धारा 25 आर्म्स एक्ट में दो-दो वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। मगर, तीसरे अभियुक्त योगेश उर्फ छुटकू, जो सेना का जवान है, वह अदालत में पेश नहीं हुआ था।
विज्ञापन
अदालत ने उसे हत्या का दोषी करार देते हुए फरार घोषित कर उसके गैर जमानती वारंट जारी किए थे। फरार सेना के जवान योगेश उर्फ छुटकू ने बुधवार को अदालत में पेश होकर सरेंडर किया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास के साथ दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने पर उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना भौराकलां पर कसबा सिसौली निवासी जयवीर पुत्र सुखबीर ने पांच नवंबर 2010 को अपने भाई की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई तेजपाल गांव में ही किराना की दुकान करता है, जो वारदात के समय शाम को अपनी दुकान बंद कर रहा था। इसी दौरान अखिलेश, कमल, योगेश उर्फ छुटकू पुत्र हरफूल निवासीगण सिसौली दुकान पर आए और तमंचे से गोली मार कर तेजपाल की हत्या कर दी। हत्या का कारण दुकान का उधार मांगना बताया था।
विज्ञापन
इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे पूूनम राजपूत की कोर्ट संख्या- 9 में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में 12 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए 30 जनवरी को अभियुक्त अखिलेश और कमल को हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ दो-दो हजार रुपये का जुर्माना, धारा 25 आर्म्स एक्ट में दो-दो वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। मगर, तीसरे अभियुक्त योगेश उर्फ छुटकू, जो सेना का जवान है, वह अदालत में पेश नहीं हुआ था।
विज्ञापन
अदालत ने उसे हत्या का दोषी करार देते हुए फरार घोषित कर उसके गैर जमानती वारंट जारी किए थे। फरार सेना के जवान योगेश उर्फ छुटकू ने बुधवार को अदालत में पेश होकर सरेंडर किया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास के साथ दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने पर उसे जेल भेज दिया।