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सारे प्रत्याशी मिलने आए थे, हमने किसी को नहीं दिया वोट : टिकैत
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सिसौली (मुजफ्फरनगर)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि हर पार्टी का प्रत्याशी समर्थन मांगने किसान भवन आता है, इसी वजह से उन्होंने मतदान नहीं किया। उन्होंने किसानों के सम्मान में नई सरकार से अनेक उम्मीदें जताई हैं। वहीं, संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर के सरकुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में मतदान किया।
शुक्रवार को उन्होंने पूरा दिन खेत पर बिताया। साथ ही कहा किसानों का सम्मान करना चाहिए। गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान नहीं किया गया और सरकार करोड़ों रुपये के भुगतान का दावा मंचों से कर किसानों का अपमान करती है। गन्ने का भुगतान किसानों की गाढ़ी कमाई है। पूरे साल किसान गन्ने की पैदावार में पसीना बहाता है। मिलों से गन्ने का भुगतान आपूर्ति के बदले मिलता है। सार्वजनिक मंच से भुगतान संबंधी घोषणा किसानों का मजाक उड़ाने जैसा है।
उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर का नाम बदलकर कृषि यंत्र किया जाना चाहिए। इसे वाहन की श्रेणी में न रखकर कृषि यंत्र की श्रेणी में किया जाना चाहिए। इसकी अधिकतम आयु खत्म कर देनी चाहिए। उन्होंने सरकार की ओर से टोल टैक्स वसूल करने की निंदा की। सरकार वाहन खरीदते समय रोड टैक्स लेती है, डीजल पर भी भारी भरकम टैक्स है। इसके बाद टोल टैक्स का कोई औचित्य नहीं है।
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ढीले थे चुनाव लड़ने वाला, इसलिए मतदान कम हुआ : राकेश
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सरकुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में मतदान किया। उन्होंने वोट प्रतिशत कम होने पर कहा कि जब चुनाव लड़ने वाले ही ढीले पड़ रहे है तो वोट प्रतिशत तो कम ही रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी खर्चा करने में भी कटौती कर रहे है और बयान देने में भी कटौती कर रहे थे। टिकैत ने कहा कि मुद्दों पर आंदोलन होता है, वोट नहीं डाली जाती है।
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शुक्रवार को उन्होंने पूरा दिन खेत पर बिताया। साथ ही कहा किसानों का सम्मान करना चाहिए। गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान नहीं किया गया और सरकार करोड़ों रुपये के भुगतान का दावा मंचों से कर किसानों का अपमान करती है। गन्ने का भुगतान किसानों की गाढ़ी कमाई है। पूरे साल किसान गन्ने की पैदावार में पसीना बहाता है। मिलों से गन्ने का भुगतान आपूर्ति के बदले मिलता है। सार्वजनिक मंच से भुगतान संबंधी घोषणा किसानों का मजाक उड़ाने जैसा है।
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उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर का नाम बदलकर कृषि यंत्र किया जाना चाहिए। इसे वाहन की श्रेणी में न रखकर कृषि यंत्र की श्रेणी में किया जाना चाहिए। इसकी अधिकतम आयु खत्म कर देनी चाहिए। उन्होंने सरकार की ओर से टोल टैक्स वसूल करने की निंदा की। सरकार वाहन खरीदते समय रोड टैक्स लेती है, डीजल पर भी भारी भरकम टैक्स है। इसके बाद टोल टैक्स का कोई औचित्य नहीं है।
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ढीले थे चुनाव लड़ने वाला, इसलिए मतदान कम हुआ : राकेश
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सरकुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में मतदान किया। उन्होंने वोट प्रतिशत कम होने पर कहा कि जब चुनाव लड़ने वाले ही ढीले पड़ रहे है तो वोट प्रतिशत तो कम ही रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी खर्चा करने में भी कटौती कर रहे है और बयान देने में भी कटौती कर रहे थे। टिकैत ने कहा कि मुद्दों पर आंदोलन होता है, वोट नहीं डाली जाती है।