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आजादी में सभी धर्मों का योगदान: मदनी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:42 AM IST
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कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जमीयत-उलमा-ए हिंद के महासचिव मौलाना मोहम्मद मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए हमारे बुजुर्गों ने अपनी जान का नजराना पेश किया था। देश की आजादी हिंदू-मुस्लिम, सिख ईसाईयों की संयुक्त कुर्बानियों का नतीजा है। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि मुसलमानों को देशभक्त होने की किसी को सबूत देने की जरूरत नहीं है।
चरथावल के ग्राम नंगला राई के जामियानगर स्थित जामिया अल हिदाया में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अध्यक्षता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और अजीत राठी ने तथा संचालन मैनेजर मौलाना मूसा क़ासमी ने किया।
मुख्य अतिथि जमीयत उलमा ए हिंद उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना मोहम्मद मदनी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए हमारे बुजुर्गों ने अपनी जान का नजराना पेश किया था। देश की आजादी हिंदू-मुस्लिम, सिख ईसाइयों की संयुक्त कुर्बानियों का नतीजा है।
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उन्होंने कहा कि जहां महात्मा गांधी, नेता सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह ने देश के लिए क़ुर्बानी दी हैं, वहीं मुफ़्ती किफायतुल्ला, अताउल्लाह शाह बुखारी, शैखुल हिंद मौलाना महमूद हसन, मौलाना हुसैन अहमद मदनी, मौलाना उबेदुल्ला सिंधी, मौलाना जाफर थानेसरी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, खान अब्दुल गफ्फार जैसे आजादी के मतवालों ने कुर्बानियां देकर मुल्क को आजादी दिलाने में अहम किरदार अदा किया था।
कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक ने कहा कि मुसलमानों को कोई सबूत देने की जरूरत नहीं है कि मुसलमान देशभक्त हैं। मुल्क को आजाद कराने में सभी धर्मों के साथ-साथ मुसलमानों ने भरपूर योगदान दिया है। रालोद के वरिष्ठ नेता अभिषेक चौधरी ने कहा कि जब भी जिले में कोई आपदा आई, जमीयत ने खड़े होकर दोनों धर्मों के लोगों को जोड़ने का काम किया है। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि हमारे यहां उन लोगों की जरूरत नहीं है जो भाईचारे को ठेस पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चियां पढ़कर जिले का नाम रोशन करें। मौलाना मूसा क़ासमी ने भी समारोह को संबोधित किया। डॉक्टर जमालुद्दीन क़ासमी, हाफिज मौ फुरकान, पैग़ाम ए इंसानियत के सदर आसिफ राही, कांग्रेस नेता जुनेद रऊफ, दिलशाद पहलवान, डॉक्टर जमालुद्दीन क़ासमी, शाही इमाम मौलाना जाकिर, मौलाना अहसान क़ासमी, शाहनवाज क़ासमी, कारी शुऐब आलम क़ासमी आदि मौजूद रहे।
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चरथावल के ग्राम नंगला राई के जामियानगर स्थित जामिया अल हिदाया में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अध्यक्षता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और अजीत राठी ने तथा संचालन मैनेजर मौलाना मूसा क़ासमी ने किया।
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मुख्य अतिथि जमीयत उलमा ए हिंद उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना मोहम्मद मदनी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए हमारे बुजुर्गों ने अपनी जान का नजराना पेश किया था। देश की आजादी हिंदू-मुस्लिम, सिख ईसाइयों की संयुक्त कुर्बानियों का नतीजा है।
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उन्होंने कहा कि जहां महात्मा गांधी, नेता सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, शहीद भगत सिंह ने देश के लिए क़ुर्बानी दी हैं, वहीं मुफ़्ती किफायतुल्ला, अताउल्लाह शाह बुखारी, शैखुल हिंद मौलाना महमूद हसन, मौलाना हुसैन अहमद मदनी, मौलाना उबेदुल्ला सिंधी, मौलाना जाफर थानेसरी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, खान अब्दुल गफ्फार जैसे आजादी के मतवालों ने कुर्बानियां देकर मुल्क को आजादी दिलाने में अहम किरदार अदा किया था।
कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक ने कहा कि मुसलमानों को कोई सबूत देने की जरूरत नहीं है कि मुसलमान देशभक्त हैं। मुल्क को आजाद कराने में सभी धर्मों के साथ-साथ मुसलमानों ने भरपूर योगदान दिया है। रालोद के वरिष्ठ नेता अभिषेक चौधरी ने कहा कि जब भी जिले में कोई आपदा आई, जमीयत ने खड़े होकर दोनों धर्मों के लोगों को जोड़ने का काम किया है। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि हमारे यहां उन लोगों की जरूरत नहीं है जो भाईचारे को ठेस पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चियां पढ़कर जिले का नाम रोशन करें। मौलाना मूसा क़ासमी ने भी समारोह को संबोधित किया। डॉक्टर जमालुद्दीन क़ासमी, हाफिज मौ फुरकान, पैग़ाम ए इंसानियत के सदर आसिफ राही, कांग्रेस नेता जुनेद रऊफ, दिलशाद पहलवान, डॉक्टर जमालुद्दीन क़ासमी, शाही इमाम मौलाना जाकिर, मौलाना अहसान क़ासमी, शाहनवाज क़ासमी, कारी शुऐब आलम क़ासमी आदि मौजूद रहे।