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Muzaffarnagar News: खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण, बढ़ी आंखों में जलन
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मुजफ्फरनगर। वायु प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा में प्रदूषण बढ़ने के कारण सांस और अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का अहसास हो रहा है। चिकित्सक रोगियों को सुरक्षा बरतने की सलाह दे रहे हैं। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार के 319 से बढ़कर 339 पर पहुंच गया।
नवंबर माह शुरू होते ही वायु प्रदूषण का ग्राफ लगातार ऊंचा जा रहा है। इस सप्ताह वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही। हवा में बढ़ते सूक्ष्मकण (पीएम 2.5) को लेकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण सांस और अस्थमा रोगियों की दिक्कत तो बढ़ ही गईं। हृदय रोगियों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया।
एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप टू की पाबंदियां लागू हैं। बावजूद मानकों का पालन न हो पाने के कारण प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। शहर के मेरठ रोड, भोपा और जौली रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में उड़ती धूल और इकाइयों से निकलता धुआं स्वास्थ्य के प्रति गंभीर चेतावनी पैदा कर रहा है। अक्तूबर माह से जनपद में संचालित बहुत से गुड़ कोल्हू भी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
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मानक उल्लंघन पर की जाएगी कार्रवाई: डॉ.गीतेश चन्द्रा
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चन्द्रा का कहना है कि एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप टू की पाबंदियां लागू हैं। वायु प्रदूषण में बढोतरी हो रही है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए करें ये प्रयास
- निजी वाहनों का कम और सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करें।
- घर पर ऊर्जा बचाएं और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- वायु प्रदूषण कम करने को कचरा न जलाएं, वाहनों का रखरखाव करवाएं।
- आबादी क्षेत्र में पेड़ों की पत्तियां, एकत्र कचरा आदि जलाने से बचें।
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नवंबर माह शुरू होते ही वायु प्रदूषण का ग्राफ लगातार ऊंचा जा रहा है। इस सप्ताह वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही। हवा में बढ़ते सूक्ष्मकण (पीएम 2.5) को लेकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण सांस और अस्थमा रोगियों की दिक्कत तो बढ़ ही गईं। हृदय रोगियों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया।
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एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप टू की पाबंदियां लागू हैं। बावजूद मानकों का पालन न हो पाने के कारण प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। शहर के मेरठ रोड, भोपा और जौली रोड पर औद्योगिक क्षेत्र में उड़ती धूल और इकाइयों से निकलता धुआं स्वास्थ्य के प्रति गंभीर चेतावनी पैदा कर रहा है। अक्तूबर माह से जनपद में संचालित बहुत से गुड़ कोल्हू भी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
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मानक उल्लंघन पर की जाएगी कार्रवाई: डॉ.गीतेश चन्द्रा
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चन्द्रा का कहना है कि एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप टू की पाबंदियां लागू हैं। वायु प्रदूषण में बढोतरी हो रही है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए करें ये प्रयास
- निजी वाहनों का कम और सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करें।
- घर पर ऊर्जा बचाएं और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- वायु प्रदूषण कम करने को कचरा न जलाएं, वाहनों का रखरखाव करवाएं।
- आबादी क्षेत्र में पेड़ों की पत्तियां, एकत्र कचरा आदि जलाने से बचें।