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26 साल बाद गैंगस्टर के दोषी को 10 साल की सजा
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मुजफ्फरनगर। शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के मामले में अदालत ने गैंगस्टर में अभियुक्त को 26 साल बाद 10 साल की सजा सुनाई है। गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश बाबूराम ने फैसला सुनाया।
अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह, विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर और राजेश शर्मा ने बताया कि अक्तूबर 1996 में शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के सोंहजनी जाटान निवासी राजेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पिता जगवीर व उसके ताऊ रणवीर शाम के समय खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के करण सिंह ने अपने तीनों बेटे भ्रमपाल, वेदपाल और गोपाल ने इन्हें रोका और तमंचे से गोली मारकर जगवीर की हत्या कर दी थी। पुलिस ने पिता-पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इन अभियुक्तों का गैंगस्टर एक्ट में भी चालान किया था।
ट्रायल के दौरान अभियुक्त करण सिंह और वेदपाल की मौत हो गई, जबकि भ्रमपाल की पत्रावली अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश बाबूराम ने की। अभियुक्त गोपाल को दस साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। इसके अलावा थाना कैराना के 22 साल पुराने लूट के मामले में दोषी मुनीर को अदालत ने चार साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह, विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर और राजेश शर्मा ने बताया कि अक्तूबर 1996 में शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के सोंहजनी जाटान निवासी राजेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पिता जगवीर व उसके ताऊ रणवीर शाम के समय खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव के करण सिंह ने अपने तीनों बेटे भ्रमपाल, वेदपाल और गोपाल ने इन्हें रोका और तमंचे से गोली मारकर जगवीर की हत्या कर दी थी। पुलिस ने पिता-पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इन अभियुक्तों का गैंगस्टर एक्ट में भी चालान किया था।
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ट्रायल के दौरान अभियुक्त करण सिंह और वेदपाल की मौत हो गई, जबकि भ्रमपाल की पत्रावली अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश बाबूराम ने की। अभियुक्त गोपाल को दस साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। इसके अलावा थाना कैराना के 22 साल पुराने लूट के मामले में दोषी मुनीर को अदालत ने चार साल की सजा और दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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