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फायदे के लिए सहफसली खेती अपनाएं
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फायदे के लिए सहफसली खेती अपनाएं
मंसूरपुर। गांव बोपाड़ा में पूर्व प्रधान अरविंद के घेर में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने की फसल से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी गईं। किसानों से आह्वान किया गया कि किसान रसायनिक खादों का कम प्रयोग कर सहफसली खेती अपनाएं।
मिल उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित तथा गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह ने कहा कि किसान गन्ने में लगने वाले रोग रेड रॉट से बचाव हेतु अच्छा बीज गन्ने की नर्सरी में तैयार करें। अच्छी उपज के लिए अगेती प्रजाति का गन्ना ही बोएं। गन्ना बुवाई के लिए ट्रेंच विधि यानि लाइन से लाइन की दूरी कम से कम चार फीट रखें। रसायनिक खादों का कम प्रयोग कर जैविक खादों का प्रयोग अधिक करें। समय-समय पर मृदा परीक्षण कराकर मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते रहें। अधिक पैदावार के लिए फसल चक्र अपनाकर सहफसली खेती करें। गोष्ठी में समिति सचिव विश्वामित्र पाठक तथा गेट इंचार्ज प्रदीप राठी ने विचार रखे।
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मंसूरपुर। गांव बोपाड़ा में पूर्व प्रधान अरविंद के घेर में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने की फसल से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी गईं। किसानों से आह्वान किया गया कि किसान रसायनिक खादों का कम प्रयोग कर सहफसली खेती अपनाएं।
मिल उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित तथा गन्ना महाप्रबंधक बलधारी सिंह ने कहा कि किसान गन्ने में लगने वाले रोग रेड रॉट से बचाव हेतु अच्छा बीज गन्ने की नर्सरी में तैयार करें। अच्छी उपज के लिए अगेती प्रजाति का गन्ना ही बोएं। गन्ना बुवाई के लिए ट्रेंच विधि यानि लाइन से लाइन की दूरी कम से कम चार फीट रखें। रसायनिक खादों का कम प्रयोग कर जैविक खादों का प्रयोग अधिक करें। समय-समय पर मृदा परीक्षण कराकर मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते रहें। अधिक पैदावार के लिए फसल चक्र अपनाकर सहफसली खेती करें। गोष्ठी में समिति सचिव विश्वामित्र पाठक तथा गेट इंचार्ज प्रदीप राठी ने विचार रखे।
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