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आपदाओं से निपटने के लिए बनाएं कार्ययोजना
Thu, 25 Apr 2019 11:51 PM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Thu, 25 Apr 2019 11:51 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने कहा कि गर्मी के मौसम व वर्षा ऋतु में हर वर्ष बहुत से क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होते हैं। इससे फसलों के साथ संपत्ति को भारी नुकसान होता है। बीते वर्षों के अनुभव के आधार पर सूखा, आंधी, तूफान व बाढ़ जैसी देवी आपदा तथा उससे उत्पन्न स्थिति का सामना करने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली जाए। आपदा आने की स्थिति में जन एवं धन की हानि कम से कम हो और पीड़ित व्यक्तियों को अविलंब राहत पहुंचाई जाए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
कलक्ट्रेट सभागार में स्टीयरिंग ग्रुप, बाढ़, सूखा आदि आपदाओं की कार्ययोजना को लेकर बुलाई बैठक में डीएम ने कहा कि आपदा से संबंधित स्थिति की पिछले वर्षों की कार्ययोजना देख ली जाए। सभी संबंधित विभाग 30 अप्रैल तक अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें। सिंचाई विभाग के अफसर उन क्षेत्रों को भ्रमण कर ले जहां बीते वर्षों बाढ़ आई है।
वहां के नाले एवं पुल आदि का कार्य पूर्ण करा लें। बाढ़ चौकियों व केंद्रों की स्थापना की जाए। सिंचाई विभाग सूचना के आदान-प्रदान के लिए अपना अलग से एक डाटा बैंक तैयार करे, जिसमें संभावित ग्रामों के ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव वहां के गणमान्य लोग, लेखपाल, तहसीलदार व एसडीएम के नंबर हों। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विद्युत विभाग एवं सिंचाई विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करे कि बाढ़ आने पर तत्काल कार्यवाही की जा सके।
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एसडीएम को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व पिछले वर्ष आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लें। बाढ़ चौकी व केंद्रों की स्थापना के लिए स्थान चिह्नित कर लें। जानवरों के लिए भूसा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि संभावित क्षेत्रों में दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अभी से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। बाढ़ आने के बाद क्या-क्या सावधानियां बरती जाये इसका एक एक्शन प्लान बनाकर अपने पास रखे।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाया जाए प्रशिक्षण
अधिकारियों व कर्मचारियों को 10 से 15 मई के मध्य प्रशिक्षण भी दिलाया जाए। अत्यधिक गर्मी व लू चलने के कारण अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पानी की शुद्धता का विशेष तौर पर ध्यान रखें। ओवर हैड टैंकों के पानी में क्लोरिन आदि का विशेष ध्यान रखा जाए। हैंडपंपों की व्यवस्था जनपद स्तर पर चेकिंग चलाकर देखी जाए की कितने हैंडपंप खराब है और कितने सही हैं तथा कितनों में रिबोर की स्थिति है सभी को चिह्नित कर लें।
गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं काफी प्रकाश में आती है, घटनाओं को रोकनेे के लिए कृषि, विद्युत, दमकल विभाग व तहसील स्तर पर समन्वय कर आग की घटनाओं को रोकने कें लिए कार्ययोजना बनाएं। बैठक में एडीएम वित्त आलोक कुमार, एसपी देहात, सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एमडीए के बिना नक्शे के चल रहे मैरिज होम
मुजफ्फरनगर। एमडीए में बिना नक्शा पास कराए बैंक्वेट हॉल और मैरिज होम चलाने वालों पर प्रशासन की गाज गिर सकती है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने एमडीए सचिव को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट में बताना होगा कि नियमों को पालन हो रहा है या नहीं। शहर में इस समय काफी संख्या में मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल चल रहे हैं। इनमें से अधिकतम ऐसे हैं जिन्होंने एमडीए से कोई नक्शा पास ही नहीं कराया है।
एमडीए के अफसरों की मिली भगत से लंबे समय से यह खेल चला आ रहा है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शहर के समस्त बैंक्वेट हॉल और मैरिज होम को सूचिबद्ध करते हुए इनकी पूर्ण जांच करने के निर्देश एमडीए सचिव को दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि नक्शा पास हुआ है या नहीं। नक्शे के साथ यह देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी, जल निकासी एवं अपशिष्ट के निस्तारण आदि का पालन हो रहा है कि नहीं। बैंक्वेट हॉल का पता उसके मालिक का नाम, यदि प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत नहीं है तो क्या कार्रवाई की गई है और यदि नक्शा स्वीकृत है तो शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित हो रहा है या नहीं। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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कलक्ट्रेट सभागार में स्टीयरिंग ग्रुप, बाढ़, सूखा आदि आपदाओं की कार्ययोजना को लेकर बुलाई बैठक में डीएम ने कहा कि आपदा से संबंधित स्थिति की पिछले वर्षों की कार्ययोजना देख ली जाए। सभी संबंधित विभाग 30 अप्रैल तक अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें। सिंचाई विभाग के अफसर उन क्षेत्रों को भ्रमण कर ले जहां बीते वर्षों बाढ़ आई है।
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वहां के नाले एवं पुल आदि का कार्य पूर्ण करा लें। बाढ़ चौकियों व केंद्रों की स्थापना की जाए। सिंचाई विभाग सूचना के आदान-प्रदान के लिए अपना अलग से एक डाटा बैंक तैयार करे, जिसमें संभावित ग्रामों के ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव वहां के गणमान्य लोग, लेखपाल, तहसीलदार व एसडीएम के नंबर हों। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विद्युत विभाग एवं सिंचाई विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करे कि बाढ़ आने पर तत्काल कार्यवाही की जा सके।
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एसडीएम को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व पिछले वर्ष आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लें। बाढ़ चौकी व केंद्रों की स्थापना के लिए स्थान चिह्नित कर लें। जानवरों के लिए भूसा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि संभावित क्षेत्रों में दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। अभी से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। बाढ़ आने के बाद क्या-क्या सावधानियां बरती जाये इसका एक एक्शन प्लान बनाकर अपने पास रखे।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाया जाए प्रशिक्षण
अधिकारियों व कर्मचारियों को 10 से 15 मई के मध्य प्रशिक्षण भी दिलाया जाए। अत्यधिक गर्मी व लू चलने के कारण अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पानी की शुद्धता का विशेष तौर पर ध्यान रखें। ओवर हैड टैंकों के पानी में क्लोरिन आदि का विशेष ध्यान रखा जाए। हैंडपंपों की व्यवस्था जनपद स्तर पर चेकिंग चलाकर देखी जाए की कितने हैंडपंप खराब है और कितने सही हैं तथा कितनों में रिबोर की स्थिति है सभी को चिह्नित कर लें।
गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं काफी प्रकाश में आती है, घटनाओं को रोकनेे के लिए कृषि, विद्युत, दमकल विभाग व तहसील स्तर पर समन्वय कर आग की घटनाओं को रोकने कें लिए कार्ययोजना बनाएं। बैठक में एडीएम वित्त आलोक कुमार, एसपी देहात, सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एमडीए के बिना नक्शे के चल रहे मैरिज होम
मुजफ्फरनगर। एमडीए में बिना नक्शा पास कराए बैंक्वेट हॉल और मैरिज होम चलाने वालों पर प्रशासन की गाज गिर सकती है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने एमडीए सचिव को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट में बताना होगा कि नियमों को पालन हो रहा है या नहीं। शहर में इस समय काफी संख्या में मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल चल रहे हैं। इनमें से अधिकतम ऐसे हैं जिन्होंने एमडीए से कोई नक्शा पास ही नहीं कराया है।
एमडीए के अफसरों की मिली भगत से लंबे समय से यह खेल चला आ रहा है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शहर के समस्त बैंक्वेट हॉल और मैरिज होम को सूचिबद्ध करते हुए इनकी पूर्ण जांच करने के निर्देश एमडीए सचिव को दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि नक्शा पास हुआ है या नहीं। नक्शे के साथ यह देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी, जल निकासी एवं अपशिष्ट के निस्तारण आदि का पालन हो रहा है कि नहीं। बैंक्वेट हॉल का पता उसके मालिक का नाम, यदि प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत नहीं है तो क्या कार्रवाई की गई है और यदि नक्शा स्वीकृत है तो शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित हो रहा है या नहीं। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद को एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।