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महिला को बंधक बनाकर फैसला कराने का आरोप
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खतौली के गांव सठेडी में बंधक बनाई गई महिला को मुक्त कराई।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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महिला को बंधक बनाकर फैसला कराने का आरोप
खतौली। तहसील के गांव सठेड़ी में अनुसूचित जाति की महिला के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप है कि मंगलवार को उनके समाज की महिला को जबरन प्रधान के यहां ले जाकर पुलिस की मौजूदगी में फैसला कराने का दबाव बनाया गया। अनुसूचित समाज के नेताओं ने गांव में पहुंचकर महिला को बंधन मुक्त कराते हुए प्रधानों की गिरफ्तारी की मांग की।
उत्तरप्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव सुधीर कुमार और भारतीय वाल्मीकि दल के मुखिया मितवा भंवर ने बताया कि गांव सठेड़ी में नीरू वाल्मीकि शौचालय पर कार्यरत है। उससे प्रधान ने नौकरी स्थायी कराने के नाम पर 60 हजार रुपये लिए थे, मानदेय भी नौ हजार रुपये के बजाय तीन हजार रुपये दिया जा रहा है। इसी बात से नाराज पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के लोगों ने मारपीट कर उससे गाली गलौच की थी। इसकी तहरीर रतनपुरी थाने में दी गई। मंगलवार को पूर्व व वर्तमान प्रधान के लोग नीरु को जबरन घर से ले गए और रतनपुरी पुलिस की मौजूदगी में महिला को बंधक बनाकर जबरन फैसले का प्रयास किया। मामले की सूचना पर दोनों नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे और पीड़िता को बंधन मुक्त करा खतौली ले आए। वाल्मीकि नेता सुधीर कुमार ने चेतावनी दी है कि दोनों प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता है तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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खतौली। तहसील के गांव सठेड़ी में अनुसूचित जाति की महिला के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप है कि मंगलवार को उनके समाज की महिला को जबरन प्रधान के यहां ले जाकर पुलिस की मौजूदगी में फैसला कराने का दबाव बनाया गया। अनुसूचित समाज के नेताओं ने गांव में पहुंचकर महिला को बंधन मुक्त कराते हुए प्रधानों की गिरफ्तारी की मांग की।
उत्तरप्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव सुधीर कुमार और भारतीय वाल्मीकि दल के मुखिया मितवा भंवर ने बताया कि गांव सठेड़ी में नीरू वाल्मीकि शौचालय पर कार्यरत है। उससे प्रधान ने नौकरी स्थायी कराने के नाम पर 60 हजार रुपये लिए थे, मानदेय भी नौ हजार रुपये के बजाय तीन हजार रुपये दिया जा रहा है। इसी बात से नाराज पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के लोगों ने मारपीट कर उससे गाली गलौच की थी। इसकी तहरीर रतनपुरी थाने में दी गई। मंगलवार को पूर्व व वर्तमान प्रधान के लोग नीरु को जबरन घर से ले गए और रतनपुरी पुलिस की मौजूदगी में महिला को बंधक बनाकर जबरन फैसले का प्रयास किया। मामले की सूचना पर दोनों नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे और पीड़िता को बंधन मुक्त करा खतौली ले आए। वाल्मीकि नेता सुधीर कुमार ने चेतावनी दी है कि दोनों प्रधान और सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता है तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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