{"_id":"63c7f9aaf1760e7f147b0b67","slug":"accused-gets-life-imprisonment-after-11-years-in-murder-case-muzaffarnagar-news-c-14-1-mrt1046-83902-2023-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: हत्या के मामले में अभियुक्त को 11 साल बाद आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: हत्या के मामले में अभियुक्त को 11 साल बाद आजीवन कारावास
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के दिलनवाज उर्फ दिल्लू हत्याकांड में 11 साल बाद अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फैसला सुनाया।
शहर कोतवाली में मोहल्ला कस्सावान निवासी वादी सलीम ने 29 दिसंबर 2011 को अपने भांजे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि सलीम अपने भांजे दिलनवाज उर्फ दिल्लू और मोहल्ला कस्सावान निवासी नदीम के साथ शाम करीब सात बजे घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला ठाकुरद्वारा में भारत माता चौक के निकट पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया। दिल्लू पर सरिए से वार किया तमंचे से गोली मार दी। सलीम और नदीम ने किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई। पुलिस घायल को लेकर मेरठ मेडिकल के लिए चली थी, लेकिन रास्ते में ही दिलनवाज की मौत हो गई।
इस मामले में रंजिश के चलते बाग जानकारी दास निवासी याहिया समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की। साक्ष्यों के अभाव में चार अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया। आरोपी बाग जानकी दास निवासी याहिया पुत्र भूरा को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 386 में दस साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के दिलनवाज उर्फ दिल्लू हत्याकांड में 11 साल बाद अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फैसला सुनाया।
शहर कोतवाली में मोहल्ला कस्सावान निवासी वादी सलीम ने 29 दिसंबर 2011 को अपने भांजे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि सलीम अपने भांजे दिलनवाज उर्फ दिल्लू और मोहल्ला कस्सावान निवासी नदीम के साथ शाम करीब सात बजे घर लौट रहे थे। इसी दौरान मोहल्ला ठाकुरद्वारा में भारत माता चौक के निकट पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया। दिल्लू पर सरिए से वार किया तमंचे से गोली मार दी। सलीम और नदीम ने किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई। पुलिस घायल को लेकर मेरठ मेडिकल के लिए चली थी, लेकिन रास्ते में ही दिलनवाज की मौत हो गई।
विज्ञापन
इस मामले में रंजिश के चलते बाग जानकारी दास निवासी याहिया समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने की। साक्ष्यों के अभाव में चार अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया। आरोपी बाग जानकी दास निवासी याहिया पुत्र भूरा को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 386 में दस साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन