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Muzaffarnagar News: जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक व शांतिधारा
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खतौली जैन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। स्त्रोत स्वयं
खतौली। जैन धर्म के महापर्व दशलक्षण धर्म के चतुर्थ दिवस उत्तम शौच पर नगर के नौ जैन मंदिरों में जैन श्रद्धालुओं ने जिनेन्द्र प्रभु का अभिषेक व शांतिधारा की। जैन मंदिरों में रविवार को जैनधर्म के नौंवे तीर्थंकर पुष्पदन्त भगवान का मोक्षकल्याणक धूमधाम से मनाया गया। चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर पीसनोपाड़ा में अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन की ओर से आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में जयपुर से आए पंडित अखिल जैन शास्त्री ने उत्तम शौच पर प्रवचन करते हुए बताया कि मुनिराज उत्तम धर्म के धारक होते हैं। लोभ कषाय की हीनता से पवित्रता उत्पन्न होती है।
शाम को सभी मंदिरों में जिनेन्द्र भक्ति के आयोजन और जिन प्रभावना संघ द्वारा महाआरती की गई। इसके पश्चात द्रव्य संग्रह शिविर की कक्षा हुई। परिणामों की पवित्रता के लिए लघु प्रतिक्रमण व सामायिक ध्यान कराया गया। आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जिनमंदिरों में कलपेंद्र जैन, अरुण जैन, अशोक शास्त्री, संजय जैन, शैली जैन, सम्यक जैन,राजकुमार जैन प्रवक्ता, संजीव जैन प्रधानाचार्य के संचालन में धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं।
मन में शुद्धि व पवित्रता को धारण करना ही उत्तम शौच धर्म है : शाहपुर। कस्बे में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की विशेष पूजा अर्चना करने के साथ श्रीजी का अभिषेक व शांति धारा की गई । श्री पदम प्रभु जिनालय, श्री नेमिनाथ जिनालय, श्री शांतिनाथ जिनालय व मुनि सुव्रतनाथ मान स्तंभ पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक करने के साथ शांति धारा की । सकल जैन समाज के संरक्षक बालेश जैन ने बताया कि उत्तम शौच धर्म का अर्थ मन में शुद्धि व पवित्रता को धारण कर लोभ का त्याग करना है । जैन शक्ति महिला मंडल के तत्वावधान में जैन समाज के बच्चों ने जैन धर्म पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की।
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उत्तम शौच का अर्थ है अपने जीवन में पवित्रता लाना : बुढ़ाना। अटाली गांव के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन भक्तों ने भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा का आयोजन किया। शांति धारा का श्रेय राकेश जैन परिवार को प्राप्त हुआ। श्रावकों ने नित्य नियम पूजन, पर्व पूजन एवं पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस भी मनाया। चौसठ रिद्धि विधान किया गया एवं मंडल पर श्रीफल अर्पित किए गए। विधानाचार्य पंडित मनोज जैन ने उत्तम शौच धर्म के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आचरण में नमृता विचारों में निर्मलता लाना ही शौच धर्म है। इस मौके पर संजय जैन, प्रमोद जैन ,राजेंद्र जैन, राजीव जैन, शिवानी जैन ,शुभम जैन, शौर्य जैन, सुधीर जैन, अविका जैन, काव्या जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
कस्बे के श्री 1008 चंदप्रभ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मोहल्ला शाहवाड़ा में भी जैन श्रद्धालुओं ने चौथा दिन उत्तम शौच का पालन करने का दिन बताया। कहा कि पर्युषण अर्थात दशलक्षण पर्व आत्म आराधना व उपवास का पवित्र त्योहार है। इस मौके पर नरेंद्र जैन, अनुज जैन व डॉ पवन जैन सहित सकल जैन समाज के सभी महिला एवं पुरूष श्रद्धालु मौजूद रहे।
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शाम को सभी मंदिरों में जिनेन्द्र भक्ति के आयोजन और जिन प्रभावना संघ द्वारा महाआरती की गई। इसके पश्चात द्रव्य संग्रह शिविर की कक्षा हुई। परिणामों की पवित्रता के लिए लघु प्रतिक्रमण व सामायिक ध्यान कराया गया। आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जिनमंदिरों में कलपेंद्र जैन, अरुण जैन, अशोक शास्त्री, संजय जैन, शैली जैन, सम्यक जैन,राजकुमार जैन प्रवक्ता, संजीव जैन प्रधानाचार्य के संचालन में धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं।
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मन में शुद्धि व पवित्रता को धारण करना ही उत्तम शौच धर्म है : शाहपुर। कस्बे में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की विशेष पूजा अर्चना करने के साथ श्रीजी का अभिषेक व शांति धारा की गई । श्री पदम प्रभु जिनालय, श्री नेमिनाथ जिनालय, श्री शांतिनाथ जिनालय व मुनि सुव्रतनाथ मान स्तंभ पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक करने के साथ शांति धारा की । सकल जैन समाज के संरक्षक बालेश जैन ने बताया कि उत्तम शौच धर्म का अर्थ मन में शुद्धि व पवित्रता को धारण कर लोभ का त्याग करना है । जैन शक्ति महिला मंडल के तत्वावधान में जैन समाज के बच्चों ने जैन धर्म पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की।
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उत्तम शौच का अर्थ है अपने जीवन में पवित्रता लाना : बुढ़ाना। अटाली गांव के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन भक्तों ने भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा का आयोजन किया। शांति धारा का श्रेय राकेश जैन परिवार को प्राप्त हुआ। श्रावकों ने नित्य नियम पूजन, पर्व पूजन एवं पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस भी मनाया। चौसठ रिद्धि विधान किया गया एवं मंडल पर श्रीफल अर्पित किए गए। विधानाचार्य पंडित मनोज जैन ने उत्तम शौच धर्म के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आचरण में नमृता विचारों में निर्मलता लाना ही शौच धर्म है। इस मौके पर संजय जैन, प्रमोद जैन ,राजेंद्र जैन, राजीव जैन, शिवानी जैन ,शुभम जैन, शौर्य जैन, सुधीर जैन, अविका जैन, काव्या जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
कस्बे के श्री 1008 चंदप्रभ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मोहल्ला शाहवाड़ा में भी जैन श्रद्धालुओं ने चौथा दिन उत्तम शौच का पालन करने का दिन बताया। कहा कि पर्युषण अर्थात दशलक्षण पर्व आत्म आराधना व उपवास का पवित्र त्योहार है। इस मौके पर नरेंद्र जैन, अनुज जैन व डॉ पवन जैन सहित सकल जैन समाज के सभी महिला एवं पुरूष श्रद्धालु मौजूद रहे।

खतौली जैन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। स्त्रोत स्वयं