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शीशमहल में मजलिस पढ़ने पर अब्बास अली खां पक्ष पर लगाई रोक

Sun, 07 Aug 2022 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:45 PM IST
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Abbas Ali Khan's side banned for reading Majlis in Sheeshmahal
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर समीर अली खां पक्ष ने अब्बास अली खां पक्ष के लोगों पर शीशमहल में मजलिस पढ़ने पर रोक लगा दी है। समीर अली खां का कहना है कि शीशमहल हमारे पूर्वजों का घर है। अपने घर में अब्बास अली खां को मजलिस पढ़ने नहीं दी जाएगी। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद के हालात बन गए हैं। प्रशासन दोनों पक्षों में सुलह कराने में जुटा है। सीओ शकील अहमद का कहना है कि मजलिस को लेकर कोई नई परंपरा नहीं बनने दी जाएगी।
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कस्बे में मोहर्रम की दसवीं तारीख पर शीशमहल में मजलिस का आयोजन किया जाता है। मजलिस के बाद जुलूस निकाला जाता है। शीशमहल में मजलिस पढ़ने पर शिया समुदाय के अब्बास अली खां और समीर अली खां पक्ष में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा है। मंगलवार को फिर से समीर अली खां ने शीशमहल में अब्बास अली खां पक्ष के मजलिस पढ़ने पर रोक लगा दी है। उनका कहना है कि शीशमहल हमारा घर है। हम अब अब्बास अली खां को मजलिस पढ़ने नहीं देना चाहते हैं। उधर, अब्बास अली खां का कहना है कि वे पिछले कई सालों से शीशमहल व अन्य इमामबाड़ा में परंपरागत तरीके से मजलिस पढ़ते आ रहे हैं, लेकिन दूसरा पक्ष दसवीं तारीख की मजलिस को लेकर नई परंपरा निकाल रहा है। उसने मजलिस पढ़ने से रोकने पर एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ शकील अहमद के साथ कोतवाली प्रभारी विश्वजीत सिंह से भी शिकायत की है। उधर, मजलिस पढ़ने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने हालात पैदा हो गए हैं।
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शीशमहल उनका अपना घर है। मोहर्रम की दसवीं तारीख की मजलिस सालों से होती चली आ रही है और उनके पूर्वज मजलिस करते थे। बीच में कुछ साल से अब्बास अली खां मजलिस पढ़ने लगे थे। मगर, अब हम उनसे मजलिस नहीं पढ़वाना चाहते हैं। हमारा उनसे कोई विवाद नहीं हैं। हम शांतप्रिय लोग हैं। - समीर अली खां।
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हम प्रशासन के साथ हैं। जैसा प्रशासन चाहेगा, ऐसा हम करेंगे। हम मजलिस के लिए किसी तरह का कोई विवाद नहीं करना चाहते। धार्मिक मामलों में किसी तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए। - अब्बास अली खां।
शिया समुदाय के दोनों पक्षों में एसडीएम के सामने समझौता हो गया था। कोई विवाद नहीं है। यदि कोई विवाद होगा तो, उसको सहमति के आधार पर सुलझा दिया जाएगा। - शकील अहमद, सीओ जानसठ।

शिया समुदाय के दोनों पक्षों से बात हो गई है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है। समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। शांति व्यवस्था खराब होने नहीं दी जाएगी। मोहर्रम की मजलिस और जुलूस को शांतिपूर्वक निकलवाया जाएगा। - अभिषेक कुमार, एसडीएम जानसठ।
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