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.....और जब चिता पर से उतार लिए गए शव
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देवबंद (सहारनपुर)। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की गूंज जब शासन स्तर तक पहुंची तो सरकार की तरफ से मरने वालों के लिए 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा कर दी गई। जिसके बाद कई गांवों में चिता पर रखे शव को उनके परिजनों ने उतार लिया।
शुक्रवार को नागल और देवबंद क्षेत्र के कई गांवों में कच्ची शराब पीने से दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हो हो गई। धीरे-धीरे मौत का सिलसिला पूरे जनपद में फैल गया। जिससे आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में कच्ची शराब पीकर मरने वालों की गूंज लखनऊ तक जा पहुंच गई। बताया जाता है कि शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतकों के लिए 2-2 लाख रुपये की घोषणा कर डाली। वहीं, कई मृतकों के परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे। चिता भी तैयार कर दी गई थी, लेकिन जैसी ही सरकारी की घोषणा उनके कानों में पड़ी तो उन्हें चिता पर रखे शवों को उतार लिया। जिन्होंने अधिकारियों के पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार किया। एडीएम ऋतु पुनिया ने बताया कि जिन गांवों में शराब पीने से लोग बीमार हुए हैं उनका डाटा एकत्र किया जा रहा है। शासन स्तर से जो भी गाइड लाइन मिलेगी उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार को नागल और देवबंद क्षेत्र के कई गांवों में कच्ची शराब पीने से दर्जन भर से अधिक लोगों की मौत हो हो गई। धीरे-धीरे मौत का सिलसिला पूरे जनपद में फैल गया। जिससे आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में कच्ची शराब पीकर मरने वालों की गूंज लखनऊ तक जा पहुंच गई। बताया जाता है कि शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मृतकों के लिए 2-2 लाख रुपये की घोषणा कर डाली। वहीं, कई मृतकों के परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे। चिता भी तैयार कर दी गई थी, लेकिन जैसी ही सरकारी की घोषणा उनके कानों में पड़ी तो उन्हें चिता पर रखे शवों को उतार लिया। जिन्होंने अधिकारियों के पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार किया। एडीएम ऋतु पुनिया ने बताया कि जिन गांवों में शराब पीने से लोग बीमार हुए हैं उनका डाटा एकत्र किया जा रहा है। शासन स्तर से जो भी गाइड लाइन मिलेगी उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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