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हनुमत धाम में श्रीराम कथा का शुभारंभ
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:33 AM IST
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भगवान श्रीराम की भक्ति परम भक्ति
मोरना। शुक्रताल स्थित हनुमत धाम में हनुमत जयंती महोत्सव के अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को श्रीराम कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी गुरुदत्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
हनुमत धाम में आयोजित कार्यक्रम में प्रायश्चित, गोदान, केश मुंडन, गंगा स्नान व तर्पण के उपरांत सोमवार को नैष्टिक ब्रह्मचार स्वामी केश्वानंद महाराज व स्वामी माधवानंद महाराज की सन्यास दीक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य सर्वेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज, आचार्य मदन मोहन ओझा द्वारा समस्त पितरों सहित दोनों संतों के स्वयं का श्राद्ध विधि विधान व पूजा अर्चना के साथ संपन्न कराया गया। रात में बिरजा हवन, जागरण, गायत्री जप का आयोजन हुआ। दोपहर बाद श्रीराम कथा में कथा आचार्य सर्वेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम मनुष्य जाति के उद्धार के लिए अवतरित हुए। भगवान श्रीराम की भक्ति परम भक्ति है। श्रीराम के भक्त होकर श्री हनुमान ने असीम शक्तियां प्राप्त की। भगवान श्रीराम का नाम लेने से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है। इस अवसर पर मुख्य सहयोगी के रूप में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, विवेकशील अग्रवाल, कैलाशनाथ , नरेश कुमार सिंहनिया, राजेंद्र प्रसाद सिंघल, डॉ. बाल चंद्रिका पाठक, विनोद कुमार गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, कृष्ण कुमार बंसल, जगदीश प्रसाद सिंघल, कंवरसैन गोयल, गोपाल अग्रवाल, भीमसेन गोयल, स्वामी गीतानंद गिरि, दिनेश अग्रवाल आदि रहे।
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मोरना। शुक्रताल स्थित हनुमत धाम में हनुमत जयंती महोत्सव के अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को श्रीराम कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी गुरुदत्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
हनुमत धाम में आयोजित कार्यक्रम में प्रायश्चित, गोदान, केश मुंडन, गंगा स्नान व तर्पण के उपरांत सोमवार को नैष्टिक ब्रह्मचार स्वामी केश्वानंद महाराज व स्वामी माधवानंद महाराज की सन्यास दीक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य सर्वेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज, आचार्य मदन मोहन ओझा द्वारा समस्त पितरों सहित दोनों संतों के स्वयं का श्राद्ध विधि विधान व पूजा अर्चना के साथ संपन्न कराया गया। रात में बिरजा हवन, जागरण, गायत्री जप का आयोजन हुआ। दोपहर बाद श्रीराम कथा में कथा आचार्य सर्वेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम मनुष्य जाति के उद्धार के लिए अवतरित हुए। भगवान श्रीराम की भक्ति परम भक्ति है। श्रीराम के भक्त होकर श्री हनुमान ने असीम शक्तियां प्राप्त की। भगवान श्रीराम का नाम लेने से ही मनुष्य का कल्याण हो जाता है। इस अवसर पर मुख्य सहयोगी के रूप में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, विवेकशील अग्रवाल, कैलाशनाथ , नरेश कुमार सिंहनिया, राजेंद्र प्रसाद सिंघल, डॉ. बाल चंद्रिका पाठक, विनोद कुमार गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, कृष्ण कुमार बंसल, जगदीश प्रसाद सिंघल, कंवरसैन गोयल, गोपाल अग्रवाल, भीमसेन गोयल, स्वामी गीतानंद गिरि, दिनेश अग्रवाल आदि रहे।
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