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मुस्लिमों पर हमले का विरोध जताया
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:29 PM IST
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मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया मुत्ताहिदा महाज के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सीरिया में मुस्लिम समाज पर हो रहे हमलों का विरोध प्रकट किया। कार्यकर्ताओं ने डीएम से माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र संघ से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की गई।
मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारियों ने डीएम के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि शामी सरकार नागरिकों के खिलाफ खतरनाक हथियार इस्तेमाल कर रही है। इनके हमले में मुसलमान महिला, बुजुर्ग और मासूम बच्चे शामिल हैं, उन्हें बड़ी बेदर्दी से कत्ल किया जा रहा है। शामी सरकार मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है। जबकि इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ खामोशी अख्तियार किए हुए हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी का रवैया और मुस्लिम देशों की अति संवेदनशीलता निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने मानव अधिकारों के उल्लंघन करने वाले शाम और रूसी हमलों में घायल हजारों शामी नागरिकों की संयुक्त राष्ट्र संघ से सहायता खाद्य सामग्री व दवाईयों की सप्लाई का इंतजाम किए जाने की मांग की। साथ ही सुरक्षा परिषद के जंग बंदी के फैसले को पूरी तरह लागू किए जाने का पक्ष रखा है। इस दौरान जफरयाब खान, हाजी मुनव्वर, अदनान, दाउद, शाहनवाज आफताब, महबूब आलम, मौलाना जुबैर कासमी, मौलाना गुलजार कासमी, हाफिज गुफरान, मौलवी अहमद, कारी शाहिद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारियों ने डीएम के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि शामी सरकार नागरिकों के खिलाफ खतरनाक हथियार इस्तेमाल कर रही है। इनके हमले में मुसलमान महिला, बुजुर्ग और मासूम बच्चे शामिल हैं, उन्हें बड़ी बेदर्दी से कत्ल किया जा रहा है। शामी सरकार मुसलमानों पर अत्याचार कर रही है। जबकि इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ खामोशी अख्तियार किए हुए हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी का रवैया और मुस्लिम देशों की अति संवेदनशीलता निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने मानव अधिकारों के उल्लंघन करने वाले शाम और रूसी हमलों में घायल हजारों शामी नागरिकों की संयुक्त राष्ट्र संघ से सहायता खाद्य सामग्री व दवाईयों की सप्लाई का इंतजाम किए जाने की मांग की। साथ ही सुरक्षा परिषद के जंग बंदी के फैसले को पूरी तरह लागू किए जाने का पक्ष रखा है। इस दौरान जफरयाब खान, हाजी मुनव्वर, अदनान, दाउद, शाहनवाज आफताब, महबूब आलम, मौलाना जुबैर कासमी, मौलाना गुलजार कासमी, हाफिज गुफरान, मौलवी अहमद, कारी शाहिद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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