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लेखनी का जीवन में बड़ा ही महतव : मौलाना जर्रार
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लेखनी का जीवन में बड़ा ही महत्व : मौलाना जर्रार
देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा छात्रों की संस्था बज्म-ए-शेखुल हिंद के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्रों ने अलग-अलग मुद्दों पर भाषण और सुंदर लेख लिखकर प्रशंसा बटोरी।
रविवार को मोहल्ला बडजियाउलहक स्थित कमाल शाह मस्जिद प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना जर्रार अहमद ने कहा कि लेखनी का जीवन में बड़ा ही महत्व है। अपने लेखन के जरिये जहां हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है वहीं हम अपने लेख के माध्यम से अपनी बात दूसरों तक सही प्रकार से पहुंचा सकते है। दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना मोहम्मद अली बिजनौरी ने कहा कि अच्छी संगत अच्छाई की ओर ले जाती है, जबकि बुरी संगत इंसान को बुरा बना देती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अच्छी संगत ही अनुशरण करें। उन्होंने फिजूल बातों से बचने और अपनी पूरी तवज्जो तालीम पर लगाने का आह्वान किया। अध्यक्षता मौलाना जर्रार और संचालन मौलवी अब्दुर्रहमान ने किया। इस मौके पर अंजुमन अध्यक्ष मौलवी अखियार इलाही, मुफ्ती ताहिर, अंजार इलाही, जीशान अहमद, मुफ्ती अहसान, वासिफ आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा छात्रों की संस्था बज्म-ए-शेखुल हिंद के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें छात्रों ने अलग-अलग मुद्दों पर भाषण और सुंदर लेख लिखकर प्रशंसा बटोरी।
रविवार को मोहल्ला बडजियाउलहक स्थित कमाल शाह मस्जिद प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना जर्रार अहमद ने कहा कि लेखनी का जीवन में बड़ा ही महत्व है। अपने लेखन के जरिये जहां हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है वहीं हम अपने लेख के माध्यम से अपनी बात दूसरों तक सही प्रकार से पहुंचा सकते है। दारुल उलूम के उस्ताद मौलाना मोहम्मद अली बिजनौरी ने कहा कि अच्छी संगत अच्छाई की ओर ले जाती है, जबकि बुरी संगत इंसान को बुरा बना देती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अच्छी संगत ही अनुशरण करें। उन्होंने फिजूल बातों से बचने और अपनी पूरी तवज्जो तालीम पर लगाने का आह्वान किया। अध्यक्षता मौलाना जर्रार और संचालन मौलवी अब्दुर्रहमान ने किया। इस मौके पर अंजुमन अध्यक्ष मौलवी अखियार इलाही, मुफ्ती ताहिर, अंजार इलाही, जीशान अहमद, मुफ्ती अहसान, वासिफ आदि मौजूद रहे।
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