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शासन की योजनाएं जमीन पर नहीं पहुंच रही
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खतौली। सहयोग स्वयंसेवी संस्था के अध्यक्ष कुलदीप तोमर ने कहा कि शासन की योजनाएं जमीन पर नहीं पहुंच पा रही हैं। वृद्धावस्था, विधवा तथा दिव्यांग पेंशन को लगाए गए शिविर को उन्होंने प्रदेश सरकार का दिखावा बताया।
उन्होंने प्रेस नोट जारी कर बताया कि सरकार की नीयत में खोट है। आठ लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार को सरकार गरीब मानकर आरक्षण देने का खेल खेल रही है। वहीं दूसरी ओर नगर क्षेत्र में 56460 रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 48080 रुपये वार्षिक कमाने वाले परिवार को सरकार गरीबी रेखा से ऊपर मानकर जन कल्याणकारी पेंशन योजनाओं से वंचित करती है। तहसील परिसर में लगाए गए शिविरों में वृद्धों की भीड़ पेंशन पाने के लिए उमड़ रही है। अधिकांश वृद्ध आय प्रमाणपत्र न होने या वार्षिक आय अधिक होने के कारण बैरंग लौटा दिए गए। भीड़ को देखते हुए वृद्धों का फार्म भरने व अन्य प्रकार की मदद के लिए काउंटरों की कमी रही। वृद्धा पेंशन हेतु किए गए ऑनलाइन आवेदनों को समाज कल्याण अधिकारी, एसडीएम, बीडीओ स्तर पर वर्षों तक लंबित रखा जा रहा है। लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद ही शिविर लगाए जाने चाहिए।
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उन्होंने प्रेस नोट जारी कर बताया कि सरकार की नीयत में खोट है। आठ लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवार को सरकार गरीब मानकर आरक्षण देने का खेल खेल रही है। वहीं दूसरी ओर नगर क्षेत्र में 56460 रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 48080 रुपये वार्षिक कमाने वाले परिवार को सरकार गरीबी रेखा से ऊपर मानकर जन कल्याणकारी पेंशन योजनाओं से वंचित करती है। तहसील परिसर में लगाए गए शिविरों में वृद्धों की भीड़ पेंशन पाने के लिए उमड़ रही है। अधिकांश वृद्ध आय प्रमाणपत्र न होने या वार्षिक आय अधिक होने के कारण बैरंग लौटा दिए गए। भीड़ को देखते हुए वृद्धों का फार्म भरने व अन्य प्रकार की मदद के लिए काउंटरों की कमी रही। वृद्धा पेंशन हेतु किए गए ऑनलाइन आवेदनों को समाज कल्याण अधिकारी, एसडीएम, बीडीओ स्तर पर वर्षों तक लंबित रखा जा रहा है। लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के बाद ही शिविर लगाए जाने चाहिए।
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