फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   हेलमेट होता तो बच सकती थी युवकों की जान

हेलमेट होता तो बच सकती थी युवकों की जान

Sun, 28 Oct 2018 12:34 AM IST
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
हेलमेट होता तो बच सकती थी युवकों की जान
हेलमेट होता तो बच सकती थी युवकों की जान
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर/तितावी। मुजफ्फरनगर-शामली रोड पर धौलरी बस स्टैंड के पास शनिवार सुबह हुए भीषण हादसे में रोड़ी लदे ट्रक की चपेट में आकर मरे तीनों युवक महज 22 से 28 वर्ष उम्र के थे, जिनमें से दो आपस में साले-बहनोई भी थे। तीनों युवकों की आकस्मिक मौत से उनके परिजनों में कोहराम मचा है, लेकिन ये भी सच्चाई है कि तीनों युवकों ने ही बाइक पर ट्रिपल राइडिंग कर पहली गलती की और उसके बाद हेलमेट नहीं लगाने की दूसरी गलती कर जान से हाथ धो बैठे।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव अमीरनगर निवासी साजिद (25) पुत्र रहीसू अपने बहनोई शहर के मोहल्ला लद्दावाला निवासी हारूण (28) पुत्र महमूद के साथ ही गांव के ही आसिफ (22) पुत्र नसीर के साथ शामली की एक खराद शॉप पर काम करता था। तीनों रोजाना ही बाइक से अमीरनगर से शामली तक आते-जाते थे। लगभग हमउम्र रहे तीनों युवकों का तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते हुए मंजिल तक जाना और वहां से लौटना रोजाना का शगल था, लेकिन शनिवार को यह उनका आखिरी सफर बन गया, जो तीन परिवारों को जीवन भर का दुख दे गया। एसओ सूबे सिंह ने बताया कि तीनों युवक एक ही बाइक पर सफर कर रहे थे और उन्होंने हेलमेट भी नहीं लगाए हुए थे। अनहोनी किसी से पूछकर नहीं आती, लेकिन यदि किसी एक ने भी हेलमेट लगाया होता तो शायद उसकी जान तो बच ही सकती थी।
विज्ञापन

विरोध की आशंका देख आनन-फानन में उठवाए शव
तितावी। धौलरी बस स्टैंड पर रोड़ी लदे ट्रक द्वारा बाइक को रौंदने की घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को दो युवकों के शव पड़े मिले। पुलिस ने दोनों शव एक तरफ हटवाकर क्रेन मंगवाते हुए पलटे हुए ट्रक को हटवाया तो उसके नीचे से एक और युवक का शव मिला। इस पर पुलिस ने तीनों की पहचान कराई तो उनके गांव अमीरनगर के निवासी होने की जानकारी मिलते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। तीनों युवकों के परिजनों व ग्रामीणों द्वारा मौके पर आकर हंगामा करने की आशंका में पुलिस ने आनन-फानन में तीनों शवों को घटनास्थल से उठवाकर मोर्चरी भिजवा दिया। कुछ देर बाद उनके परिजन मौके पर पहुंचे और शव न देख हंगामा किया, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


करवाचौथ के भरोसे न रहें ...
मुजफ्फरनगर। यातायात विभाग द्वारा शनिवार को ही शहर भर में होर्डिग्स लगाकर लोगों से भावनात्मक अपील की गई कि बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं, कार चलाते समय सीट बेल्ट जरूर बांधे। केवल करवाचौथ के भरोसे न रहें। इसके बावजूद लोग हैं कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने को शान समझते हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि किस तरह शनिवार को ही तितावी क्षेत्र में तीन युवक बेहद कम उम्र में हेलमेट न होने से मौत के मुंह में चले गए। हेलमेट को त्योहार से जोड़ने के संबंध में की गई भावनात्मक अपील पर एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया कहते हैं कि रक्षाबंधन, भैयादूज और करवाचौथ की तरह ही अधिकांश त्योहार ऐसे हैं, जिनमें सड़कों पर सर्वाधिक दुपहिया व चार पहिया वाहन दौड़ते हैं। ऐसे में यदि किसी के परिवार में कोई मौत हो जाए तो पीड़ित परिवार पूरी जिंदगी उसे नहीं भूल पाते। दुर्भाग्यवश इसके बावजूद लोग वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए चालान भुगतना अधिक पसंद करते हैं। ऐसे लोगों को केवल एक ही बात सोचनी-समझनी चाहिए कि यदि उनके भी घर-परिवार हैं या वे परिजनों को कुछ मानते हैं तो वे अपनी जान की परवाह कर ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed