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छोटा परिवार-सुखी परिवार पर जोर
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:19 AM IST
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छोटा परिवार-सुखी परिवार पर जोर
मुजफ्फरनगर। एमजी पब्लिक स्कूल में विश्व जनसंख्या दिवस पर हुए कार्यक्रम में नर्सरी व केजी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के चित्र बनाकर बढ़ती जनसंख्या के आर्थिक और सामाजिक नुकसान को समझाने का प्रयास किया गया। साथ ही कक्षा प्रथम से पांच तक के विद्यार्थियों ने बढ़ती जनसंख्या के प्रमुख कारण और निवारण पर चर्चा करते हुए छोटा परिवार सुखी परिवार की व्यवस्था पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों को कलाकृति सिखाई गई। बच्चों ने अपनी अध्यापिकाओं के निर्देशन में सुंदर चित्र बनाकर उनके माध्यम से परिवार नियोजन का प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम में कक्षा प्रथम व पांच तक के छात्र छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियां देकर बढ़ती जनसंख्या के प्रति आगाह किया। प्रधानाचार्य जीबी पांडेय ने छात्रों को बताया कि आबादी नियंत्रण की जागरूकता हमारे देश के विकास की प्रमुख आवश्यकता है।
इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हमारे दिन-प्रतिदिन जीवन की आबादी में वृद्धि के नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलाना है। अकेले भारत की आबादी ही सवा अरब से पार जा चुकी है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या इसी गति से बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं होगा जब जनजीवन की भौतिक आवश्यकताओं की आपूर्ति करते-करते उसके अस्तित्व को बचाए रखना ही कठिन हो जाएगा। प्राइमरी विंग की इंचार्ज बेला आनंद ने बच्चों को जनसंख्या बढ़ोतरी के मुख्य कारणों और उसके नुकसान तथा इसके निवारण के बारे में समझाया।
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मुजफ्फरनगर। एमजी पब्लिक स्कूल में विश्व जनसंख्या दिवस पर हुए कार्यक्रम में नर्सरी व केजी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के चित्र बनाकर बढ़ती जनसंख्या के आर्थिक और सामाजिक नुकसान को समझाने का प्रयास किया गया। साथ ही कक्षा प्रथम से पांच तक के विद्यार्थियों ने बढ़ती जनसंख्या के प्रमुख कारण और निवारण पर चर्चा करते हुए छोटा परिवार सुखी परिवार की व्यवस्था पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों को कलाकृति सिखाई गई। बच्चों ने अपनी अध्यापिकाओं के निर्देशन में सुंदर चित्र बनाकर उनके माध्यम से परिवार नियोजन का प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम में कक्षा प्रथम व पांच तक के छात्र छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियां देकर बढ़ती जनसंख्या के प्रति आगाह किया। प्रधानाचार्य जीबी पांडेय ने छात्रों को बताया कि आबादी नियंत्रण की जागरूकता हमारे देश के विकास की प्रमुख आवश्यकता है।
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इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हमारे दिन-प्रतिदिन जीवन की आबादी में वृद्धि के नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलाना है। अकेले भारत की आबादी ही सवा अरब से पार जा चुकी है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि जनसंख्या इसी गति से बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं होगा जब जनजीवन की भौतिक आवश्यकताओं की आपूर्ति करते-करते उसके अस्तित्व को बचाए रखना ही कठिन हो जाएगा। प्राइमरी विंग की इंचार्ज बेला आनंद ने बच्चों को जनसंख्या बढ़ोतरी के मुख्य कारणों और उसके नुकसान तथा इसके निवारण के बारे में समझाया।
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