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335 कब्रिस्तानों की बनी थीं चाहरदीवारी

Tue, 20 Jun 2017 01:04 AM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:04 AM IST
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335 कब्रिस्तानों की बनी थीं चाहरदीवारी
32 करोड़ 11 लाख में 335 कब्रिस्तानों बनी चहारदीवारी
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मुजफ्फरनगर। कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनाने पर जिले में पांच साल में 32 करोड़ 11 लाख छह हजार की राशि खर्च की गई। जिले में 335 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी हुई। इसमें खास बात यह है कि समस्त कार्यों की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस रही।
समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद जिले में वर्ष 2012-12 में 73 कब्रिस्तानों का चयन चहारदीवारी के लिए हुआ। इसमें पांच करोड़ 65 लाख 95 हजार का बजट स्वीकृत हुआ। वर्ष 2013-14 में 96 कब्रिस्तानों के लिए आठ करोड़ 42 लाख 91 हजार का बजट स्वीकार हुआ। वर्ष 2014-15 में 62 कब्रिस्तानों के लिए पांच करोड़ 62 लाख 95 हजार का बजट सरकार ने जारी किया। वर्ष 2015-16 में 30 कब्रिस्तानों के लिए तीन करोड़ 39 लाख 50 हजार का बजट मान्य हुआ। वर्ष 2016-17 में 64 कब्रिस्तानों के लिए नौ करोड़ दो लाख 75 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। जनपद में पांच सालों में कुल 335 कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनाई गई और इस पर 32 करोड़ 11 लाख छह हजार खर्च हुआ। समस्त कार्य सीएनडीएस ने किया। पिछली सरकार में विभाग आजम खां के पास होने के कारण किसी अफसर की इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वह कब्रिस्तान की दीवार के निर्माण की जांच कर सकें। शिकायतें बहुत आईं, लेकिन सब रद्दी की टोकरी में चली गई।
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विवाद खत्म जरूर हुए
मुजफ्फरनगर। कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनने से गांवों में कब्रिस्तान की जमीन को अपने खेत में मिलाने की शिकायतें समाप्त हो गई हैं। कब्रिस्तानों की जमीनों को लेकर प्रतिदिन रहने वाले विवाद समाप्त हो गए।
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जांच में खुलेगा पीली ईंटों का राज
मुजफ्फरनगर। कब्रिस्तान की दीवारों में अव्वल की जगह काफी स्थानों पर पीली ईंटें लगाई गई हैं। ग्रामीणों की शिकायतें हमेशा अनसुनी होती रही। प्रदेश सरकार द्वारा जांच कमेटी बना देने से अब पीली ईंटों का राज भी सामने आएगा।
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