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करोड़पतियों को बांट दिया 10-10 लाख का अनुदान
Updated Sun, 29 Apr 2018 12:36 AM IST
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मुजफ्फरनगर। किसानों की आय दोगुनी करने की योजना के तहत शुरू की गई फार्म मशीनरी बैंक योजना बंदरबांट की शिकार हो गई है। इस योजना के तहत आया अनुदान जरूरत मंद किसानों के समूह की जगह ऐसे समूहों को दे दिया गया, जिनमें शामिल किसान आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं, जिनके परिवारों के पास दशकों से ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र उपलब्ध है। अनुदान के तहत खरीदे गए कृषि यंत्र ऐसे किसानों के घरों पर है और वही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पूरी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फार्म मशीनरी बैंक योजना उन किसानों के लिए लाई गई है, जिनके पास खेती करने के लिए कृषि यंत्र नहीं है। ऐसे किसानों के समूहों को सरकार कृषि यंत्रों के लिए दस लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। इसमें एक लाख रुपया समूह को स्वयं खर्च करना होगा। आठ लाख का अनुदान सरकार दे रही है। एक लाख रुपया समूह को चार साल में बिना ब्याज के बैंक में वापस करना है। जिले में 23 समूहों को योजना का लाभ दिया जाना था। इसमें दो समूह एससी के होने जरूरी थे, लेकिन जिले में किसी भी एससी समूह को पैसा नहीं दिया गया। जिन 19 समूहों को पैसा जारी किया गया, उनमें अधिकांश समूह संचालक ों क ी गिनती क्षेत्र के बड़े किसानों में होती है। उनके परिवारों के पास 30-40 साल से कृषि यंत्र हैं। सूत्रों की माने तो इनमें आठ किसान तो ऐसे है जो हर साल आयकर रिटर्न भरते हैं। श्रीराम किसान कल्याण समिति के संकल्प कुलश्रेष्ठ और पीसेंट वेलफेयर एसोसिएशन के निखिल बालियान पहले से ही आयकर दाता हैं। इस बंदरबांट से गरीब और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों की आय दोगुना करने के लिए आई प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े् हो रहे हैं।
लाभार्थी की पात्रता
मुजफ्फरगनगर। फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए पात्रों के पास कृषक समूह होना आवश्यक है। समूह में कम से कम आठ कृषकों का होना जरूरी है। कुल लाभार्थियों में तीस प्रतिशत महिला और 50 प्रतिशत कृषक लघु एवं सीमांत श्रेणी के होना आवश्यक है। एससी के 16 प्रतिशत और एसटी के आठ प्रतिशत कृषक समूह के सदस्य हों।
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एक समूह को आठ यंत्र
मुजफ्फरनगर। चयनित समूहों को 20 से 40 एचपी के ट्रैक्टर सहित आठ यंत्र दिए जाते हैं। इनमें जीरो टिल, हैप्पी सीडर, रीपर, रोटावेटर, राइस स्ट्राचॉपर, शुगरकेन थ्रेश कटर, मल्वर, शेडर, रिवर्सेबल प्लाग में से सात यंत्र मिलतें हैं।
लाभार्थी किसान गांव समिति का नाम
धीरेंद्र कुमार जागाहेडी किसान सेवा समिति
नेत्रपाल सिंह जैतपुर कृषक उत्थान समिति
संजीव कुमार खानपुर कृषक उत्थान समिति
गौरव सिंह टांडा माजरा किसान वेलफेयर एसो
गुलाब सिंह सरनावली किसान सेवा समिति
अरविंद मलिक बधाईकला किसान कल्याण संस्था
सचिन कुमार जंधेडी कृषक सेवा समिति
प्रवीण कुमार मनफोडा किसान सेवा समिति
राकेश जैन रायपुर नंगली किसान कल्याण सेवा
सविता नौना किसान सेवा समिति
हरेंद्र कुमार अथाई नवोदय किसान सेवा
राहुल कुमार बेहडा सादात भारतीय किसान सेवा
मनीष कुमार रहकडा किसान कल्याण समिति
कैलाशचंद मीरापुर किसान लक्ष्य विकास सेवा
संकल्प कुलश्रेष्ठ धंधेडा श्रीराम किसान कल्याण
सुनित कुमार कैल्लनपुर किसान सेवा समिति
कुलविंद्रकौर बढीवाला प्रगतिशील किसान समिति
निखिल बालियान रसूलपुरजाटान पीसेंट वेलफेयर
योगेश कुमार सौरम किसान सहायता समिति
पात्र समूहों को ही दिया लाभ
मुजफ्फरनगर। उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हीं किसानों को फार्म मशीनरी बैंक योजना में शामिल किया गया, जो पात्र हैं। किसान पर कितनी जमीन है, उसके परिवार पर ट्रैक्टर है या नहीं, इससे कोई मतलब नहीं है। समूह अध्यक्ष आयकर दाता हो या न हो योजना की पात्रता पर कोई असर नहीं पडता।
जांच करायेंगे: डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा का कहना है कि यदि अपात्रों को योजना का लाभ दिया गया है तो यह एक गंभीर मामला है। जिन समूहों को योजना में शामिल कर लाभ दिया गया, उनकी वह जांच करायेंगे।
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फार्म मशीनरी बैंक योजना उन किसानों के लिए लाई गई है, जिनके पास खेती करने के लिए कृषि यंत्र नहीं है। ऐसे किसानों के समूहों को सरकार कृषि यंत्रों के लिए दस लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। इसमें एक लाख रुपया समूह को स्वयं खर्च करना होगा। आठ लाख का अनुदान सरकार दे रही है। एक लाख रुपया समूह को चार साल में बिना ब्याज के बैंक में वापस करना है। जिले में 23 समूहों को योजना का लाभ दिया जाना था। इसमें दो समूह एससी के होने जरूरी थे, लेकिन जिले में किसी भी एससी समूह को पैसा नहीं दिया गया। जिन 19 समूहों को पैसा जारी किया गया, उनमें अधिकांश समूह संचालक ों क ी गिनती क्षेत्र के बड़े किसानों में होती है। उनके परिवारों के पास 30-40 साल से कृषि यंत्र हैं। सूत्रों की माने तो इनमें आठ किसान तो ऐसे है जो हर साल आयकर रिटर्न भरते हैं। श्रीराम किसान कल्याण समिति के संकल्प कुलश्रेष्ठ और पीसेंट वेलफेयर एसोसिएशन के निखिल बालियान पहले से ही आयकर दाता हैं। इस बंदरबांट से गरीब और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों की आय दोगुना करने के लिए आई प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े् हो रहे हैं।
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लाभार्थी की पात्रता
मुजफ्फरगनगर। फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए पात्रों के पास कृषक समूह होना आवश्यक है। समूह में कम से कम आठ कृषकों का होना जरूरी है। कुल लाभार्थियों में तीस प्रतिशत महिला और 50 प्रतिशत कृषक लघु एवं सीमांत श्रेणी के होना आवश्यक है। एससी के 16 प्रतिशत और एसटी के आठ प्रतिशत कृषक समूह के सदस्य हों।
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एक समूह को आठ यंत्र
मुजफ्फरनगर। चयनित समूहों को 20 से 40 एचपी के ट्रैक्टर सहित आठ यंत्र दिए जाते हैं। इनमें जीरो टिल, हैप्पी सीडर, रीपर, रोटावेटर, राइस स्ट्राचॉपर, शुगरकेन थ्रेश कटर, मल्वर, शेडर, रिवर्सेबल प्लाग में से सात यंत्र मिलतें हैं।
लाभार्थी किसान गांव समिति का नाम
धीरेंद्र कुमार जागाहेडी किसान सेवा समिति
नेत्रपाल सिंह जैतपुर कृषक उत्थान समिति
संजीव कुमार खानपुर कृषक उत्थान समिति
गौरव सिंह टांडा माजरा किसान वेलफेयर एसो
गुलाब सिंह सरनावली किसान सेवा समिति
अरविंद मलिक बधाईकला किसान कल्याण संस्था
सचिन कुमार जंधेडी कृषक सेवा समिति
प्रवीण कुमार मनफोडा किसान सेवा समिति
राकेश जैन रायपुर नंगली किसान कल्याण सेवा
सविता नौना किसान सेवा समिति
हरेंद्र कुमार अथाई नवोदय किसान सेवा
राहुल कुमार बेहडा सादात भारतीय किसान सेवा
मनीष कुमार रहकडा किसान कल्याण समिति
कैलाशचंद मीरापुर किसान लक्ष्य विकास सेवा
संकल्प कुलश्रेष्ठ धंधेडा श्रीराम किसान कल्याण
सुनित कुमार कैल्लनपुर किसान सेवा समिति
कुलविंद्रकौर बढीवाला प्रगतिशील किसान समिति
निखिल बालियान रसूलपुरजाटान पीसेंट वेलफेयर
योगेश कुमार सौरम किसान सहायता समिति
पात्र समूहों को ही दिया लाभ
मुजफ्फरनगर। उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हीं किसानों को फार्म मशीनरी बैंक योजना में शामिल किया गया, जो पात्र हैं। किसान पर कितनी जमीन है, उसके परिवार पर ट्रैक्टर है या नहीं, इससे कोई मतलब नहीं है। समूह अध्यक्ष आयकर दाता हो या न हो योजना की पात्रता पर कोई असर नहीं पडता।
जांच करायेंगे: डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा का कहना है कि यदि अपात्रों को योजना का लाभ दिया गया है तो यह एक गंभीर मामला है। जिन समूहों को योजना में शामिल कर लाभ दिया गया, उनकी वह जांच करायेंगे।