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अफवाह पर रोक जरुरी, नहीं तो रोग बनता है
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:48 AM IST
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चोटी कटने की अफवाहें राई से बनी पहाड़
मुजफ्फरनगर। देशभर में मचे चोटी कटने के मामले पर जिला विज्ञान समन्वयक डॉ विकास कुमार अपना नजरिया अलग रखते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अफवाह कि चोटी काटने वाली औरत दिखती नहीं है और कहीं भी आ और जा सकती है। इस मामले पर विरोधाभास खड़ा हो गया है। यदि चोटी काटने वाली अदृश्य है तो फिर कैसे पता चला कि वह महिला है। उन्होंने कहा कि अफवाह पर रोकथाम जरूरी है, नहीं तो यह मानसिक रोग का कारक भी बन सकता है।
समन्वयक डॉ विकास कुमार ने कहा कि ऐसी घटनाओं में हर कोई अपने मन से बात जोड़ता चला जाता है और जो अफवाह राई होती है, वह पहाड़ बन जाती है। वक्त और माहौल के हिसाब से इन अफवाहों पर विराम लगना जरूरी है। क्योंकि इसके आरंभ में कोई मानसिक रोग भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को विज्ञान की दृष्टि से परखने, समझने के साथ चिंतन-मनन करने की आवश्यकता है। जो भी घटना हो रही है उसकी प्रमाणिकता और वास्तविकता को जाने बगैर उसकी सत्यता को स्वीकार नहीं करना है। विज्ञान के युग में इस तरह अफवाह मानसिक प्रवृत्ति को बताता है जो बिना तर्क के किसी भी बात को मान लेती है। उन्होंने साहस और धैर्य के साथ अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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मुजफ्फरनगर। देशभर में मचे चोटी कटने के मामले पर जिला विज्ञान समन्वयक डॉ विकास कुमार अपना नजरिया अलग रखते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अफवाह कि चोटी काटने वाली औरत दिखती नहीं है और कहीं भी आ और जा सकती है। इस मामले पर विरोधाभास खड़ा हो गया है। यदि चोटी काटने वाली अदृश्य है तो फिर कैसे पता चला कि वह महिला है। उन्होंने कहा कि अफवाह पर रोकथाम जरूरी है, नहीं तो यह मानसिक रोग का कारक भी बन सकता है।
समन्वयक डॉ विकास कुमार ने कहा कि ऐसी घटनाओं में हर कोई अपने मन से बात जोड़ता चला जाता है और जो अफवाह राई होती है, वह पहाड़ बन जाती है। वक्त और माहौल के हिसाब से इन अफवाहों पर विराम लगना जरूरी है। क्योंकि इसके आरंभ में कोई मानसिक रोग भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को विज्ञान की दृष्टि से परखने, समझने के साथ चिंतन-मनन करने की आवश्यकता है। जो भी घटना हो रही है उसकी प्रमाणिकता और वास्तविकता को जाने बगैर उसकी सत्यता को स्वीकार नहीं करना है। विज्ञान के युग में इस तरह अफवाह मानसिक प्रवृत्ति को बताता है जो बिना तर्क के किसी भी बात को मान लेती है। उन्होंने साहस और धैर्य के साथ अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
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