{"_id":"597a3c324f1c1b8b628b4aae","slug":"71501183026-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिव पूजा से प्रसन्न होते हैं समस्त देव: राधेश्याम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिव पूजा से प्रसन्न होते हैं समस्त देव: राधेश्याम
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिव पूजा से प्रसंन होते हैं समस्त देव : राधेश्याम
मुजफ्फरनगर। शिवकथा मर्मज्ञ महंत राधेश्याम व्यास ने कहा कि शिव की पूजा से समस्त देव प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग का रहस्य बताते हुए कहा कि पांच प्रकार के शिवलिंग होते हैं।
नवीन मंडी स्थल स्थित शिव मंदिर में शिव महापुराण की कथा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव देव नहीं महादेव है। सभी देवी-देवता, संत-भक्त, यहां तक की राक्षस भी उनकी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि बिना शिवलिंग की पूजा के किसी भी देवता का पूजा फल प्राप्त नहीं होता। शिवपूजन से समस्त देवों के पूजन का फल मिलता है। शिवलिंग का रहस्य बताते हुए कहा कि शिवलिंग पांच प्रकार के होते हैं। इनमें एक चर शिवलिंग होता है, जिसे कहीं भी ले जाकर रखकर पूजा होती है। दूसरा बिंदु शिवलिंग, जो चित्र के रुप में अथवा रंगोली, चावल द्वारा तैयार कर पूजन होता है। तीसरा स्वयंभू शिवलिंग जो भूमि खुदाई से प्राप्त होते हैं। चौथा प्रतिष्ठित शिवलिंग जिसकी विधिवत रूप से शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होती है। पांचवां दीक्षा गुरु के शरीर में स्थापित दाएं पांव के अंगूठे में विद्यमान होता है। उन्होंने शिवलिंग के पूजन की व्याख्या भी की। इससे पहले बीजेपी जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सैनी, एसपी सिटी ओमवीर सिंह, वाणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर एके सिंह आदि ने दीप प्रज्वलित किया। मंच संचालन जितेंद्र कुच्छल ने किया। रमेश सिंघल, सुशील मित्तल, चंद्रजीत राठी, श्याम सिंह सैनी, अंकुश कुच्छल, मदन, सचिन, संजय मिश्रा, प्रदीप गोयल, अनिल मित्तल, महेश कुमार, मोहित, राजेंद्र, अचिंत, नवीन, सुनील ग्रोवर, अतुल वर्मा का सहयोग रहा।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। शिवकथा मर्मज्ञ महंत राधेश्याम व्यास ने कहा कि शिव की पूजा से समस्त देव प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग का रहस्य बताते हुए कहा कि पांच प्रकार के शिवलिंग होते हैं।
नवीन मंडी स्थल स्थित शिव मंदिर में शिव महापुराण की कथा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव देव नहीं महादेव है। सभी देवी-देवता, संत-भक्त, यहां तक की राक्षस भी उनकी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि बिना शिवलिंग की पूजा के किसी भी देवता का पूजा फल प्राप्त नहीं होता। शिवपूजन से समस्त देवों के पूजन का फल मिलता है। शिवलिंग का रहस्य बताते हुए कहा कि शिवलिंग पांच प्रकार के होते हैं। इनमें एक चर शिवलिंग होता है, जिसे कहीं भी ले जाकर रखकर पूजा होती है। दूसरा बिंदु शिवलिंग, जो चित्र के रुप में अथवा रंगोली, चावल द्वारा तैयार कर पूजन होता है। तीसरा स्वयंभू शिवलिंग जो भूमि खुदाई से प्राप्त होते हैं। चौथा प्रतिष्ठित शिवलिंग जिसकी विधिवत रूप से शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होती है। पांचवां दीक्षा गुरु के शरीर में स्थापित दाएं पांव के अंगूठे में विद्यमान होता है। उन्होंने शिवलिंग के पूजन की व्याख्या भी की। इससे पहले बीजेपी जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सैनी, एसपी सिटी ओमवीर सिंह, वाणिज्यकर के डिप्टी कमिश्नर एके सिंह आदि ने दीप प्रज्वलित किया। मंच संचालन जितेंद्र कुच्छल ने किया। रमेश सिंघल, सुशील मित्तल, चंद्रजीत राठी, श्याम सिंह सैनी, अंकुश कुच्छल, मदन, सचिन, संजय मिश्रा, प्रदीप गोयल, अनिल मित्तल, महेश कुमार, मोहित, राजेंद्र, अचिंत, नवीन, सुनील ग्रोवर, अतुल वर्मा का सहयोग रहा।
विज्ञापन