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खूब बरसे बदरा, उमस से मिली राहत, दो घंटे में 68.5 मिलीमीटर हुई बारिश
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:36 AM IST
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बारिश के पानी के बीच से गुजरतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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दिन में लगातार दो घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर टापू बन गया। कुछ रास्ते पानी भरने से पूरी तरह बंद हो गए। अधिक पानी होने के कारण कई स्थानों पर दोपहिया वाहन गिर पड़े और चौपहिया वाहन बीच में रुक गए। शिवचौक से लेकर मीनाक्षी चौक तक पानी ही पानी नजर आया। लोगों को अन्य मार्गों से निकलना पड़ा। शहर के निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया। पानी निकालने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। दोपहर बाद अचानक घने काले बादलों से आकाश ढका दिखाई दिया। लगभग दो बजे शहर में तेज बारिश प्रारंभ हो गई। झमाझम बारिश में इतना अधिक पानी बरसा कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से भरी दिखाई दी। बारिश लगातार दो घंटे तक चली। मौसम विभाग के अनुसार 68.5 मिली मीटर बारिश हुई। इतनी अधिक वर्षा का असर सीधे दिखाई दिया। शिवचौक से लेकर मीनाक्षी चौक तक पानी ही पानी नजर आया।
शहर की सड़कों ने नाले का रूप धारण कर लिया। पैदल तो क्या दुपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल हो गया। जो जहां था उसे वहीं पर रुकना पड़ा। शहर में दो घंटे लोगों को आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा। अधिक पानी भरने के कारण सड़कों पर बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन बीच में ही गिर गए। कई कार भी पानी भरने के कारण बीच में ही रुक गई।
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शहर की मुख्य सड़कों से जब आम आदमी का चलना फिरना मुश्किल हो गया, तो निचले इलाकों की स्थिति तो बेहद भयावह हो गई। शहर की कई कालोनियों में लोगों के घरों में पानी भर गया। महावीर चौक पर जाट कालोनी के मार्ग पर इतना पानी भर गया कि कुछ समय के लिए रास्ता ही बंद हो गया। साकेत कालोनी के हालात बेहद खराब दिखाई दिए।
यहां सड़क पानी में दिखाई ही नहीं दे रही थी। जनकपुरी, रामपुरी, किदवईनगर, केशवपुरी, सरवट में लोगों को अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने घरों से पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के थमने के बाद लोगों को घंटों पानी निकलने का इंतजार करना पड़ा। बारिश के दौरान जनजीवन पूरी तरह से थमा रहा।
बारिश में भीगे बच्चे, वाहन फंसे
मुजफ्फरनगर। झमाझम बारिश के बाद उमस से राहत मिली। जैसे ही स्कूल और कॉलेेजों की छुट्टी हुई, बारिश होने लगी। बच्चे बारिश में भीग कर घर लौटे। कई सड़कों पर ज्यादा जल भराव होने से टैंपू और दुपहिया वाहन फंस गए। धीरे-धीरे वाहनों को पानी से निकाला गया। शहर की गलियों में बच्चों ने बारिश में भीगने का आनंद लिया।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। दोपहर बाद अचानक घने काले बादलों से आकाश ढका दिखाई दिया। लगभग दो बजे शहर में तेज बारिश प्रारंभ हो गई। झमाझम बारिश में इतना अधिक पानी बरसा कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से भरी दिखाई दी। बारिश लगातार दो घंटे तक चली। मौसम विभाग के अनुसार 68.5 मिली मीटर बारिश हुई। इतनी अधिक वर्षा का असर सीधे दिखाई दिया। शिवचौक से लेकर मीनाक्षी चौक तक पानी ही पानी नजर आया।
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शहर की सड़कों ने नाले का रूप धारण कर लिया। पैदल तो क्या दुपहिया वाहन निकलना भी मुश्किल हो गया। जो जहां था उसे वहीं पर रुकना पड़ा। शहर में दो घंटे लोगों को आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा। अधिक पानी भरने के कारण सड़कों पर बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन बीच में ही गिर गए। कई कार भी पानी भरने के कारण बीच में ही रुक गई।
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शहर की मुख्य सड़कों से जब आम आदमी का चलना फिरना मुश्किल हो गया, तो निचले इलाकों की स्थिति तो बेहद भयावह हो गई। शहर की कई कालोनियों में लोगों के घरों में पानी भर गया। महावीर चौक पर जाट कालोनी के मार्ग पर इतना पानी भर गया कि कुछ समय के लिए रास्ता ही बंद हो गया। साकेत कालोनी के हालात बेहद खराब दिखाई दिए।
यहां सड़क पानी में दिखाई ही नहीं दे रही थी। जनकपुरी, रामपुरी, किदवईनगर, केशवपुरी, सरवट में लोगों को अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने घरों से पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के थमने के बाद लोगों को घंटों पानी निकलने का इंतजार करना पड़ा। बारिश के दौरान जनजीवन पूरी तरह से थमा रहा।
बारिश में भीगे बच्चे, वाहन फंसे
मुजफ्फरनगर। झमाझम बारिश के बाद उमस से राहत मिली। जैसे ही स्कूल और कॉलेेजों की छुट्टी हुई, बारिश होने लगी। बच्चे बारिश में भीग कर घर लौटे। कई सड़कों पर ज्यादा जल भराव होने से टैंपू और दुपहिया वाहन फंस गए। धीरे-धीरे वाहनों को पानी से निकाला गया। शहर की गलियों में बच्चों ने बारिश में भीगने का आनंद लिया।