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रात में बढ़ी ठंड, दिन में गर्माहट से परेशानी
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:40 AM IST
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मुजफ्फरनगर । रात और दिन के तापमान का अंतर लगातार बढ़ रहा है। रात में अच्छी-खासी ठंड पड़ने लगी है, जबकि दिन की गर्माहट लोगों को परेशान कर रही है। मौसम का यही बदला मिजाज बीमारियों को न्यौता दे सकता है। दरअसल रात और दिन के तापमान के अंतर के कारण लोग खाने-पीने और कपड़े पहनने में लापरवाही कर जाता है। यही लापरवाही भारी पड़ सकती है।
पिछले कई दिनों से तापमान में निरंतर बदलाव हो रहा है। गुरुवार को रात का तापमान 9.4 डिग्री तथा दिन में 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लोगों ने रात में ठंड बढ़ने के कारण पंखें चलाने बंद कर दिए हैं लेकिन दिन में गर्माहट होने के कारण पंखें चलाने पड़ रहे हैं। दिन गरम होने के कारण लोग हल्के कपड़ों में ही घरों से निकल जाते हैं, लेकिन शाम होते-होते ठंड बढ़ जाती है। जब वह घर लौटते हैं तो ठंडक काफी अधिक हो जाती है। इसके चलते लोग बीमारी की चपेट में आने लगे हैं।
सावधानी ही बचाव
बदलते तापमान में सावधानी ही बचाव है। फिजिशियन एवं
क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता का कहना है कि इस तरह का मौसम श्वांस एवं दिल के रोगियों के लिए ज्यादा परेशानी भरा होता है। ऐसे रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह को जब घर से निकले तो पूरे कपड़े पहनें। दिन में पसीना भी आए तो भी कपड़े उतारने की जरूरत नहीं है। रात में पंखा एवं कूलर न चलाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा खानपान में सतर्कता बरतें। हेल्दी खाना खाएं। कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का सेवन न करें। धुएं और धूल से जितना संभव हो सके बचा जाए। यदि कोहरा या धुंध है तो श्वांस एवं दिल के रोगी हटलने न जाएं।
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पिछले कई दिनों से तापमान में निरंतर बदलाव हो रहा है। गुरुवार को रात का तापमान 9.4 डिग्री तथा दिन में 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। लोगों ने रात में ठंड बढ़ने के कारण पंखें चलाने बंद कर दिए हैं लेकिन दिन में गर्माहट होने के कारण पंखें चलाने पड़ रहे हैं। दिन गरम होने के कारण लोग हल्के कपड़ों में ही घरों से निकल जाते हैं, लेकिन शाम होते-होते ठंड बढ़ जाती है। जब वह घर लौटते हैं तो ठंडक काफी अधिक हो जाती है। इसके चलते लोग बीमारी की चपेट में आने लगे हैं।
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सावधानी ही बचाव
बदलते तापमान में सावधानी ही बचाव है। फिजिशियन एवं
क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता का कहना है कि इस तरह का मौसम श्वांस एवं दिल के रोगियों के लिए ज्यादा परेशानी भरा होता है। ऐसे रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह को जब घर से निकले तो पूरे कपड़े पहनें। दिन में पसीना भी आए तो भी कपड़े उतारने की जरूरत नहीं है। रात में पंखा एवं कूलर न चलाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा खानपान में सतर्कता बरतें। हेल्दी खाना खाएं। कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का सेवन न करें। धुएं और धूल से जितना संभव हो सके बचा जाए। यदि कोहरा या धुंध है तो श्वांस एवं दिल के रोगी हटलने न जाएं।
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