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अलौकिक परमात्मा के नजदीक ले जाती है कला
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:45 PM IST
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अलौकिक परमात्मा के नजदीक ले जाती है कला
मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी लखनऊ और कलांगन के सहयोग से चल रही कला कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को कला के विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी गई। भित्ती चित्र की गहराइयों से अवगत कराया गया।
मदनमोहन मालवीय इंटर कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण में बाल एवं युवा कलाकारों को चित्रकार मयंक सैनी ने भगवान श्रीकृष्ण का उपदेश देते हुए चित्र बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। महाभारत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का अर्जुन को उपदेश देते हुए चित्र अलग ही छाप छोड़ता नजर आया। उन्होंने कहा कि कला में मनुष्य के मानसिक विकास की अनंत संभावनाएं निहित होती हैं। हम अपने अंतर्मन में दबी इच्छाएं भी अंकित कर स्वत सुखाय प्राप्त कर सकते हैं। कला हमें मोक्ष की ओर ले जाने में भी सहायक सिद्ध होती है। कला साधक निरंतर कला सृजन कर इस भौतिक संसार में अलौकिक परमात्मा के मिलन का मार्ग प्रशस्त कर लेता है। कार्यशाला में अभिनव, रुचिका वर्मा, पुनीत, तनिष्कराज, एश्वर्या, मानसी नामदेव, प्रीति कश्यप, आर्यन, दिलखुश, देवदयाल, तृषा, आस्था जिंदल, अनमोल, विकुल धीमान आदि रहे।
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मुजफ्फरनगर। ललित कला अकादमी लखनऊ और कलांगन के सहयोग से चल रही कला कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को कला के विभिन्न माध्यमों की जानकारी दी गई। भित्ती चित्र की गहराइयों से अवगत कराया गया।
मदनमोहन मालवीय इंटर कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण में बाल एवं युवा कलाकारों को चित्रकार मयंक सैनी ने भगवान श्रीकृष्ण का उपदेश देते हुए चित्र बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। महाभारत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का अर्जुन को उपदेश देते हुए चित्र अलग ही छाप छोड़ता नजर आया। उन्होंने कहा कि कला में मनुष्य के मानसिक विकास की अनंत संभावनाएं निहित होती हैं। हम अपने अंतर्मन में दबी इच्छाएं भी अंकित कर स्वत सुखाय प्राप्त कर सकते हैं। कला हमें मोक्ष की ओर ले जाने में भी सहायक सिद्ध होती है। कला साधक निरंतर कला सृजन कर इस भौतिक संसार में अलौकिक परमात्मा के मिलन का मार्ग प्रशस्त कर लेता है। कार्यशाला में अभिनव, रुचिका वर्मा, पुनीत, तनिष्कराज, एश्वर्या, मानसी नामदेव, प्रीति कश्यप, आर्यन, दिलखुश, देवदयाल, तृषा, आस्था जिंदल, अनमोल, विकुल धीमान आदि रहे।
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