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अब रोजाना खुराक खाएंगे टीबी के मरीज
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:35 AM IST
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अब रोजाना खुराक खाएंगे टीबी के मरीज
मुजफ्फरनगर। टीबी के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य महकमा हैरान है। टीबी को जड़ से मिटाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी पहल शुरू कर दी है। डॉट्स के माध्यम से सप्ताह में तीन दिन खिलाई जाने वाली टीबी की खुराक अब रोजाना दी जाएगी। आरएनटीसीपी के तहत मरीजों को वजन और उम्र के हिसाब से टीबी की खुराक खिलाई जाएगी। इसके लिए विभाग के सपोर्टरों को ट्रेनिंग दी गई है।
अब तक टीबी से ग्रस्त मरीजों को सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को खुराक खिलाई जाती थी। उपचार की यह प्रक्रिया मरीजों पर अधिक प्रभावी नहीं हो सकी, जिसके चलते मरीजों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ने लगी। इसके पीछे कारण एक दिन का गैप मिलने से टीबी के विषाणुओं पर दवाई का असर सही नहीं हुआ। साथ ही इलाज भी लंबा खिंचने से मरीज ऊब गए। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीबी के मरीजों को रोजाना खुराक दिए जाने का निर्णय लिया है। खास यह है कि मरीजों की खुराक उम्र और शारीरिक वजन के हिसाब से तय की गई है। पहले छोटा हो या बड़ा, सभी मरीजों को सात गोलियां खानी होती थीं। इन गोलियों से कई मरीजों ने गैस, तेजाब के साथ भूख न लगना आदि दुष्प्रभाव की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके चलते इलाज में बदलाव किया गया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि अब टीबी के मरीजों को रोजाना खुराक खिलाई जाएगी, जिसके लिए विभागीय सपोर्टरों को ट्रेनिंग दी गई है। इससे बीमारी में जल्द खत्म करने में काफी हद तक मदद मिलेगी।
बच्चों को घुलने वाली टैबलेट
मुजफ्फरनगर। बच्चों के लिए एफडीसी की घुलने वाली टैबलेट रखी गई है। बच्चों की खुराक भी वजन और उम्र के हिसाब से बनाई गई है। जिसमें अलग-अलग मात्रा की टैबलेट की खुराक तय की गई है।
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इस प्रकार से खुराक का नियम
-25 से 39 वर्ग में 2 टेैबलेट और 0.5 ग्राम इंजेक्शन।
-40 से 54 वर्ग में 3 टैबलेट और .75 ग्राम इंजेक्शन।
-55 से 69 वर्ग में 4 टैबलेट और 01 ग्राम इंजेक्शन।
-70 किलो से अधिक 5 टेैबलेट और 01 ग्राम इंजेक्शन।
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मुजफ्फरनगर। टीबी के बढ़ते प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य महकमा हैरान है। टीबी को जड़ से मिटाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी पहल शुरू कर दी है। डॉट्स के माध्यम से सप्ताह में तीन दिन खिलाई जाने वाली टीबी की खुराक अब रोजाना दी जाएगी। आरएनटीसीपी के तहत मरीजों को वजन और उम्र के हिसाब से टीबी की खुराक खिलाई जाएगी। इसके लिए विभाग के सपोर्टरों को ट्रेनिंग दी गई है।
अब तक टीबी से ग्रस्त मरीजों को सप्ताह में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को खुराक खिलाई जाती थी। उपचार की यह प्रक्रिया मरीजों पर अधिक प्रभावी नहीं हो सकी, जिसके चलते मरीजों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ने लगी। इसके पीछे कारण एक दिन का गैप मिलने से टीबी के विषाणुओं पर दवाई का असर सही नहीं हुआ। साथ ही इलाज भी लंबा खिंचने से मरीज ऊब गए। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीबी के मरीजों को रोजाना खुराक दिए जाने का निर्णय लिया है। खास यह है कि मरीजों की खुराक उम्र और शारीरिक वजन के हिसाब से तय की गई है। पहले छोटा हो या बड़ा, सभी मरीजों को सात गोलियां खानी होती थीं। इन गोलियों से कई मरीजों ने गैस, तेजाब के साथ भूख न लगना आदि दुष्प्रभाव की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके चलते इलाज में बदलाव किया गया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि अब टीबी के मरीजों को रोजाना खुराक खिलाई जाएगी, जिसके लिए विभागीय सपोर्टरों को ट्रेनिंग दी गई है। इससे बीमारी में जल्द खत्म करने में काफी हद तक मदद मिलेगी।
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बच्चों को घुलने वाली टैबलेट
मुजफ्फरनगर। बच्चों के लिए एफडीसी की घुलने वाली टैबलेट रखी गई है। बच्चों की खुराक भी वजन और उम्र के हिसाब से बनाई गई है। जिसमें अलग-अलग मात्रा की टैबलेट की खुराक तय की गई है।
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इस प्रकार से खुराक का नियम
-25 से 39 वर्ग में 2 टेैबलेट और 0.5 ग्राम इंजेक्शन।
-40 से 54 वर्ग में 3 टैबलेट और .75 ग्राम इंजेक्शन।
-55 से 69 वर्ग में 4 टैबलेट और 01 ग्राम इंजेक्शन।
-70 किलो से अधिक 5 टेैबलेट और 01 ग्राम इंजेक्शन।
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