फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   सृजन क्षमता उत्पन्न करने के लिए बच्चों को मौका दे

सृजन क्षमता उत्पन्न करने के लिए बच्चों को मौका दे

Sun, 16 Sep 2018 12:19 AM IST
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
सृजन क्षमता उत्पन्न करने के लिए बच्चों को मौका दे
सृजन क्षमता उत्पन्न करने के लिए बच्चों को मौका दें
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। सीबीएसई ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में हिंदी भाषा को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। समापन के दिन कक्षा में हिंदी विषय को किस प्रकार रोचक बनाया जाए, शिक्षकों को इस संबंध में जानकारी दी गई।

दिल्ली-देहरादून हईइवे पर स्थित डीपीएस में आयोजित कार्यशाला में देहरादून क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के कक्षा दस को पढ़ाने वाले लगभग 60 अध्यापक एवं अध्यापिकाओं ने प्रतिभागिता की। विद्यालय की कोआर्डिनेटर उम्मा सलमा ने संसाधन व्यक्तियों का परिचय दिया। प्रधानाचार्या अनीता दत्ता ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। स्कूल गीत मंडली ने हिंदी को लेकर गीत प्रस्तुत किया। विषय विशेषज्ञ अखिलेश कौशिक एवं अनीता गुप्ता द्वारा आइस ब्रेकिंग गतिविधि के माध्यम से अपने सहभागियों के व्यक्तित्व के आधार पर स्वरचित कविता के माध्यम से सभी का परिचय लिया। अखिलेश कौशिक ने कार्यशाला का आरंभ करते हुए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा तथा भारतीय भाषाओं के शिक्षण का आधार पत्र में हिंदी भाषा शिक्षण के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। शैक्षिक उद्देश्यों के ब्लूम वर्गीकरण के बारे में बताया। कहा कि हिंदी भाषा के अध्यापक होने के नाते हमारा यह दायित्व बनता है कि विद्यार्थियों में ऐसे दृष्टिकोण को विकसित करें, जिससे उनके मन में देश और समाज के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न हो सके और जीवन मूल्यों का विकास हो सके। अनीता गुप्ता ने भाषा की सरलता पर बल देते हुए कहा कि भाषा व्यावहारिक और सहज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदी बहुत ही विस्तृत विकसित सशक्त भाषा है। कार्यशाला में तीन सोपानों का भी जिक्र किया गया। हिंदी भाषा शिक्षण के समय पाठ को इस प्रकार पढाएं कि छात्र की रूचि बनी रहे, छात्र को छात्र नहीं अपितु एक व्यक्तित्व समझकर उसकी कमियों और समस्याओं को समझे एवं उसका समाधान भी निकाले। उन्होंने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा हिंदी के प्रचलित तथा मानक देवनागरी लिपि, अंक तथा वर्तनी से भी सभी को अवगत करवाया। कार्यशाला के अगले दिन पाठ योजना के महत्व को समझाते हुए पाठ योजना के महत्वपूर्ण बिदुओं पर प्रकाश डाला। बच्चों में सृजन क्षमता पैदा करने के लिए उन्हें सोचने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। स्कूल प्रधानाचार्या अनीता दत्ता ने विभिन्न स्कलों से आए हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कोआर्डिनेटर रश्मि त्यागी के साथ समस्त स्टाफ ने पूर्ण सहयोग दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed