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(बिजनौर के ध्यानार्थ----)
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:52 PM IST
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मुजफ्फरनगर।
शिक्षा विभाग से रिटायर उप बेसिक शिक्षाधिकारी पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ित अधिकारी ने विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ राज्यपाल तक शिकायत भेजी है, लेकिन कोई हल नहीं मिल सका है। विभाग में पीड़ित के पत्रों को खंगाल कर अफसरों ने हाथ खड़े किए हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग ने पीड़ित अधिकारी को पत्र भेजकर तैनाती, रिटायरमेंट के साक्ष्य मांगे हैं। इस मामले में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा स्तर के अधिकारी पर वरीयता नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है।
बिजनौर के गांव नवादा खाना उर्फ तेलीपुरा (राजा का ताजपुर) निवासी किशोरी सिंह चौहान ने शिकायती पत्र में बताया है कि वह शिक्षा विभाग में उप विद्यालय निरीक्षक, उप बेसिक शिक्षाधिकारी रहे हैं। वह 31-10-2007 को रिटायर हो चुके हैं। ताज्जुब है कि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी उन्हें मासिक पेंशन और अन्य भत्तों का लाभ नहीं मिल सका है। इस मामले में किशोरी सिंह चौहान ने जिले के बीएसए और डीआईओएस विभाग को आरोपी बनाया है। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी उन्हें और उनके कार्य को वरीयता नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर रिटायर अधिकारी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी है। पीड़ित अधिकारी ने शिकायत में अफसरों की मनमानी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 13 फरवरी को राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर संविधान के अनुच्छेद-14 में उल्लेखित धारा 311(2) के तहत बिना जांच-पड़ताल के बर्खास्त किया जाए। उनकी शिकायतों से साफ है कि पिछले 11 साल से किशोरी सिंह अपनी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। प्रकरण का खुलासा होने से स्थानीय अधिकारी हैरान हैं। डीआईओएस और बीएसए कार्यालय में रिटायर अधिकारी के रिकार्ड की छानबीन की गई है। किशोरी सिंह का यहां कोई रिकार्ड नहीं मिला है। बीएसए विभाग का तर्क है कि किशोरी सिंह यहां कब तैनात रहे हैं, इस बाबत जानकारी नहीं है। हालांकि किशोरी सिंह चौहान के दिए पते पर बीएसए ने पत्र भेजकर तैनाती और रिटायर के साक्ष्य मांगे हैं। उसके बाद ही विभाग प्रकरण में कोई पहल कर सकता है। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि किशोरी सिंह चौहान जिले में कब तैनात रहे हैं, इसका रिकार्ड नहीं है। वह कहां से रिटायर हुए हैं और विभाग से क्या शिकायत है। इसकी जानकारी वह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं, फिलहाल उनके पते पर पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई है।
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शिक्षा विभाग से रिटायर उप बेसिक शिक्षाधिकारी पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ित अधिकारी ने विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ राज्यपाल तक शिकायत भेजी है, लेकिन कोई हल नहीं मिल सका है। विभाग में पीड़ित के पत्रों को खंगाल कर अफसरों ने हाथ खड़े किए हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग ने पीड़ित अधिकारी को पत्र भेजकर तैनाती, रिटायरमेंट के साक्ष्य मांगे हैं। इस मामले में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा स्तर के अधिकारी पर वरीयता नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है।
बिजनौर के गांव नवादा खाना उर्फ तेलीपुरा (राजा का ताजपुर) निवासी किशोरी सिंह चौहान ने शिकायती पत्र में बताया है कि वह शिक्षा विभाग में उप विद्यालय निरीक्षक, उप बेसिक शिक्षाधिकारी रहे हैं। वह 31-10-2007 को रिटायर हो चुके हैं। ताज्जुब है कि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी उन्हें मासिक पेंशन और अन्य भत्तों का लाभ नहीं मिल सका है। इस मामले में किशोरी सिंह चौहान ने जिले के बीएसए और डीआईओएस विभाग को आरोपी बनाया है। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी उन्हें और उनके कार्य को वरीयता नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर रिटायर अधिकारी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्यपाल, मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी है। पीड़ित अधिकारी ने शिकायत में अफसरों की मनमानी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 13 फरवरी को राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर संविधान के अनुच्छेद-14 में उल्लेखित धारा 311(2) के तहत बिना जांच-पड़ताल के बर्खास्त किया जाए। उनकी शिकायतों से साफ है कि पिछले 11 साल से किशोरी सिंह अपनी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। प्रकरण का खुलासा होने से स्थानीय अधिकारी हैरान हैं। डीआईओएस और बीएसए कार्यालय में रिटायर अधिकारी के रिकार्ड की छानबीन की गई है। किशोरी सिंह का यहां कोई रिकार्ड नहीं मिला है। बीएसए विभाग का तर्क है कि किशोरी सिंह यहां कब तैनात रहे हैं, इस बाबत जानकारी नहीं है। हालांकि किशोरी सिंह चौहान के दिए पते पर बीएसए ने पत्र भेजकर तैनाती और रिटायर के साक्ष्य मांगे हैं। उसके बाद ही विभाग प्रकरण में कोई पहल कर सकता है। बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि किशोरी सिंह चौहान जिले में कब तैनात रहे हैं, इसका रिकार्ड नहीं है। वह कहां से रिटायर हुए हैं और विभाग से क्या शिकायत है। इसकी जानकारी वह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं, फिलहाल उनके पते पर पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई है।
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