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तीन तलाक पर दखलांदाजी गलत
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:21 AM IST
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तीन तलाक पर केंद्र सरकार की आलोचना
मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार के बनाए कानून का विरोध जताया है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का तीन तलाक के मामले में दखलंदाजी करना गलत है। सरकार बिल को वापस ले और मामले को दीनी संस्थाओं पर छोड़े। इसके अलावा शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के बयान की कड़ी निंदा की गई।
मेरठ रोड स्थित मस्जिद में शनिवार को जमीयत उलमा-ए हिंद की बैठक आहूत की गई। जिसमें शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के मदरसों को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की गई। इसके साथ ही वक्ताओं ने तीन तलाक के मामले को लेकर गहन मंथन किया। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा और प्रदर्शन किया। जमीयत ने पीएम के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हवाला देते हुए तीन तलाक पर नया कानून बनाया है। जिसमें सजा के तौर पर पति को तीन साल की जेल का प्रावधान किया गया है। यह कानून महिलाओं के अधिकारों को दिलाने के बजाए बिगाड़ देगा। केंद्र सरकार के बिल को वापस को करने की मांग की गई। इसके साथ ही वसीम रिजवी के बयान की निंदा करते हुए उसको चेयरमैन बोर्ड से बर्खास्त कर करने की मांग की गई। इस दौरान जिला सदर मौलाना नाजिर हसन, हाजी शाहिद त्यागी, मौलाना शाहनवाज, सलीम मलिक, मौलाना ताहिर कासमी, मौलाना जुबेर रहमानी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार के बनाए कानून का विरोध जताया है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का तीन तलाक के मामले में दखलंदाजी करना गलत है। सरकार बिल को वापस ले और मामले को दीनी संस्थाओं पर छोड़े। इसके अलावा शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के बयान की कड़ी निंदा की गई।
मेरठ रोड स्थित मस्जिद में शनिवार को जमीयत उलमा-ए हिंद की बैठक आहूत की गई। जिसमें शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के मदरसों को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की गई। इसके साथ ही वक्ताओं ने तीन तलाक के मामले को लेकर गहन मंथन किया। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा और प्रदर्शन किया। जमीयत ने पीएम के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हवाला देते हुए तीन तलाक पर नया कानून बनाया है। जिसमें सजा के तौर पर पति को तीन साल की जेल का प्रावधान किया गया है। यह कानून महिलाओं के अधिकारों को दिलाने के बजाए बिगाड़ देगा। केंद्र सरकार के बिल को वापस को करने की मांग की गई। इसके साथ ही वसीम रिजवी के बयान की निंदा करते हुए उसको चेयरमैन बोर्ड से बर्खास्त कर करने की मांग की गई। इस दौरान जिला सदर मौलाना नाजिर हसन, हाजी शाहिद त्यागी, मौलाना शाहनवाज, सलीम मलिक, मौलाना ताहिर कासमी, मौलाना जुबेर रहमानी आदि मौजूद रहे।
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